केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन की बेटी वीना टी बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) के समक्ष पेश हुईं। वह अपनी अब बंद हो चुकी आईटी फर्म और खनन कंपनी सीएमआरएल से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए उपस्थित हुईं।
Kerala: केरल में कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन की बेटी वीना टी विजयन से पूछताछ की। यह मामला उनकी अब बंद हो चुकी आईटी कंपनी Exalogic Solutions Pvt Ltd और खनन क्षेत्र की कंपनी Cochin Minerals and Rutile Ltd (CMRL) से जुड़े वित्तीय लेन-देन से संबंधित बताया जा रहा है।
वीना विजयन सुबह करीब 10:30 बजे ईडी कार्यालय पहुंचीं, जहां उनसे कई घंटों तक पूछताछ की गई। कार्यालय के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
पहले भी टली थी पेशी
ईडी ने इससे पहले 12 जून को वीना विजयन को कोच्चि स्थित अपने कार्यालय में पेश होने के लिए समन भेजा था। हालांकि, उस समय उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए पेशी से छूट मांगी थी। नए समन के बाद वह बुधवार को जांच एजेंसी के सामने पेश हुईं और कथित वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर पूछताछ का सामना किया।
CMRL और Exalogic से जुड़े लेन-देन पर जांच
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यह पूरा मामला Exalogic Solutions और CMRL के बीच हुए वित्तीय लेन-देन पर आधारित है। आरोप है कि CMRL ने बिना किसी वास्तविक सेवा के Exalogic को लगभग ₹2.78 करोड़ का भुगतान किया। इसके अलावा, CMRL के प्रबंधन से जुड़ी एक अन्य कंपनी Empower India Capital Investments Pvt Ltd (EICPL) द्वारा भी Exalogic को ₹50 लाख का ऋण दिए जाने का मामला सामने आया है।
जांच एजेंसियों का दावा है कि यह ऋण समय पर वापस नहीं किया गया। ईडी का आरोप है कि इन लेन-देन के माध्यम से कथित तौर पर “अपराध से अर्जित आय” (proceeds of crime) को वैध दिखाने की कोशिश की गई।
जांच का दायरा बढ़ा
इस मामले में ईडी ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए CMRL के वरिष्ठ अधिकारियों और उनके परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ की है। मंगलवार को एजेंसी ने CMRL के संस्थापक शशिधरन कार्था के बेटे और पत्नी से पूछताछ की थी। इससे पहले सोमवार को उनकी बेटी से भी सवाल-जवाब किए गए थे। प्रवर्तन निदेशालय ने यह मामला धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत दर्ज किया है।
यह केस गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (SFIO) की रिपोर्ट के आधार पर अप्रैल 2025 में दर्ज किया गया था। SFIO कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय की जांच इकाई है, जिसने कंपनी के वित्तीय रिकॉर्ड में अनियमितताओं की ओर इशारा किया था।
आयकर छापों से शुरू हुई जांच
इस मामले की शुरुआत जनवरी 2019 में आयकर विभाग द्वारा की गई छापेमारी के बाद हुई थी। छापों में CMRL के खातों में कई वित्तीय अनियमितताओं का पता चला था। रिपोर्ट्स के अनुसार, करीब ₹130 करोड़ के संदिग्ध खर्च भी सामने आए थे, जिनमें कुछ लेन-देन को “काल्पनिक” (bogus) बताया गया था. इसके बाद मामला धीरे-धीरे विभिन्न केंद्रीय एजेंसियों तक पहुंचा और अब ED इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।











