केरल में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक माहौल गर्म होता जा रहा है। इसी बीच वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री Mani Shankar Aiyar के एक बयान ने सियासी हलकों में नई बहस छेड़ दी है।
Mani Shankar Aiyar: केरल में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले सियासी पारा चढ़ता नजर आ रहा है। पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर ने एक बयान में दावा किया कि मौजूदा मुख्यमंत्री पिनरई विजयन एक बार फिर राज्य की कमान संभाल सकते हैं। अय्यर के इस बयान से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के भीतर हलचल तेज हो गई है, क्योंकि विजयन Communist Party of India (Marxist) के वरिष्ठ नेता हैं।
अय्यर ने केरल में पंचायती राज व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए कानून में संशोधन की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि इस जिम्मेदारी को प्रभावी ढंग से निभाने की क्षमता पिनरई विजयन में है। बयान के बाद राज्य की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है और चुनावी समीकरणों पर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में दिया संबोधन
यह सेमिनार केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में आयोजित किया गया था, जिसका उद्घाटन स्वयं मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने किया। कार्यक्रम में विकास, लोकतंत्र और स्थानीय स्वशासन की भूमिका पर चर्चा की गई। अपने संबोधन में अय्यर ने कहा कि भारत में पंचायती राज प्रणाली को मजबूत करने की आवश्यकता है और इस दिशा में केरल ने उल्लेखनीय प्रगति की है।
उन्होंने कहा कि देश में अब पंचायती राज के सच्चे समर्थक बहुत कम बचे हैं और उन्हें इस कार्यक्रम में अपनी ही पार्टी के सहयोगियों की अनुपस्थिति का अफसोस है। अय्यर ने भावनात्मक अंदाज में मुख्यमंत्री विजयन से अपील करते हुए कहा कि वे कांग्रेस द्वारा छोड़ी गई जिम्मेदारी को आगे बढ़ाएं और स्थानीय स्वशासन को और सशक्त बनाएं।

केरल को बताया अग्रणी राज्य
अय्यर ने अपने भाषण में केरल को पंचायती राज के क्षेत्र में भारत का अग्रणी राज्य बताया। उन्होंने कहा कि व्यवहारिक स्तर पर स्थानीय निकायों को सशक्त बनाने में केरल ने अन्य राज्यों से बेहतर प्रदर्शन किया है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि कानूनी ढांचे के लिहाज से अभी और सुधार की आवश्यकता है, ताकि इस मॉडल को संस्थागत रूप से और मजबूत किया जा सके।
पूर्व प्रधानमंत्री Rajiv Gandhi का उल्लेख करते हुए अय्यर ने कहा कि उन्होंने भारत में पंचायती राज को संवैधानिक दर्जा दिलाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल की थी। अय्यर के अनुसार, केरल ने उस दृष्टि को सबसे प्रभावी ढंग से साकार किया है।
गांधीवादी दृष्टिकोण और वर्तमान राजनीति
अपने संबोधन में अय्यर ने राष्ट्रपिता Mahatma Gandhi के भारत के सपने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि गांधी ऐसे भारत की कल्पना करते थे, जहां सबसे गरीब नागरिक भी राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में भागीदारी और स्वामित्व का अनुभव करें। अय्यर ने इसे स्थानीय स्वशासन और ग्राम पंचायतों की मजबूती से जोड़ा।
उन्होंने यह भी कहा कि यह विडंबना हो सकती है कि जिस राज्य में मार्क्सवादी-लेनिनवादी विचारधारा वाली सरकार है, वहीं पंचायती राज व्यवस्था सबसे अधिक मजबूत दिखती है। हालांकि उन्होंने इसे सकारात्मक उपलब्धि के रूप में रेखांकित किया।









