पटना कोचिंग फायरिंग मामले के बीच खान सर के पैतृक गांव देवरिया में भी विवाद सामने आए हैं। रिश्तेदारों, पड़ोसियों और स्थानीय लोगों ने व्यवहार, जमीन विवाद और स्थानीय मामलों में हस्तक्षेप को लेकर कई आरोप लगाए हैं।
पटना: पटना में दर्ज फायरिंग मामले के बीच चर्चित शिक्षक Faizal Khan एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार उनके पैतृक गांव भाटपाररानी से कुछ स्थानीय लोगों, पड़ोसियों और रिश्तेदारों ने उनके व्यवहार, भूमि विवाद और लोकप्रियता के इस्तेमाल को लेकर आरोप लगाए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले को लेकर किसी आधिकारिक जांच रिपोर्ट में इन दावों की पुष्टि नहीं की गई है।
पटना विवाद के बीच पैतृक गांव में भी चर्चा का विषय बने खान सर
पटना के कदमकुआं थाना क्षेत्र में स्थित खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग संस्थान के बाहर हुई फायरिंग की घटना के बाद चर्चित शिक्षक खान सर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस मामले में जांच एजेंसियां विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। इसी बीच उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले स्थित उनके पैतृक गांव भाटपाररानी से भी कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। गांव के कुछ लोगों, पड़ोसियों और रिश्तेदारों ने मीडिया से बातचीत के दौरान उनके व्यवहार, जमीन से जुड़े मामलों और स्थानीय विवादों को लेकर कई आरोप लगाए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और न ही इस संबंध में किसी सक्षम प्राधिकारी की ओर से कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने आया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि शिक्षा जगत में लोकप्रियता मिलने के बाद खान सर का गांव में आना-जाना काफी कम हो गया है। कुछ ग्रामीणों का दावा है कि पहले की तुलना में उनके व्यवहार में बदलाव देखने को मिला है। वहीं, कुछ लोगों का मानना है कि उनकी बढ़ती पहचान और प्रभाव के कारण स्थानीय स्तर पर कई मुद्दे चर्चा का विषय बने रहे हैं। हालांकि गांव के सभी लोग इन आरोपों से सहमत नहीं हैं और इस विषय पर अलग-अलग राय सामने आ रही है।
जमीन, रास्ते और विकास कार्यों को लेकर लगाए गए आरोप
गांव के कुछ निवासियों ने आरोप लगाया है कि रास्ते और भूमि से जुड़े मामलों को लेकर समय-समय पर विवाद की स्थिति बनी रही। स्थानीय पार्षद आदित्य सिंह ने दावा किया कि मोहल्ले में नाला निर्माण के दौरान मतभेद सामने आए थे, जिससे विकास कार्य प्रभावित हुए। कुछ अन्य लोगों का भी कहना है कि सार्वजनिक रास्तों और बाउंड्री से जुड़े मुद्दों पर कई बार असहमति की स्थिति बनी।
पड़ोसी बताए जा रहे अशोक सिंह ने भी रास्ते और सीमांकन को लेकर लंबे समय से विवाद होने का दावा किया है। उनके अनुसार, इन मामलों के कारण आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि इन आरोपों पर खान सर की ओर से कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
गांव के लोगों के अनुसार, खान सर ने अपने पैतृक गांव में एक तीन मंजिला मकान बनवाया है। स्थानीय स्तर पर इस मकान के आसपास हुए कुछ विकास कार्यों और बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी समय-समय पर चर्चाएं होती रही हैं। हालांकि इन मामलों में किसी सरकारी एजेंसी या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी सामने नहीं आई है।
रिश्तेदारों के आरोपों से बढ़ी चर्चा, जांच पर टिकी नजर
मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब खान सर के रिश्तेदार बताए जा रहे इमरान ने मीडिया से बातचीत में उन पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि लोकप्रियता मिलने के बाद खान सर ने अपनी छवि और प्रभाव का इस्तेमाल किया। इमरान ने उनकी उपलब्धियों और सफलता के दावों पर भी सवाल उठाए तथा कुछ मामलों में तथ्यों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने का आरोप लगाया।
इमरान ने यह भी कहा कि पटना में कोचिंग संस्थान के बाहर हुई फायरिंग की घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके। दूसरी ओर, बड़ी संख्या में छात्र और समर्थक खान सर को एक लोकप्रिय शिक्षक के रूप में देखते हैं और उनकी शैक्षणिक सेवाओं की सराहना करते हैं।
फिलहाल पटना में दर्ज फायरिंग मामले की जांच जारी है। पुलिस विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही है और आधिकारिक स्तर पर किसी निष्कर्ष की घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में गांव से सामने आए आरोपों और पटना के विवाद दोनों मामलों में जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।












