सीक्रेट चर्च का दावा, कैमरे में कैद धर्मांतरण की पूरी प्रक्रिया! पास्टर ने पूछा- ‘मूर्ति पूजा से तुम्हें क्या मिला?’

यूपी के एक कथित सीक्रेट चर्च में धर्मांतरण की गतिविधियों का दावा किया गया है। कैमरे पर रिकॉर्ड बातचीत में पास्टर और श्रद्धालुओं के बीच संवाद सामने आया।
सीक्रेट चर्च का दावा, कैमरे में कैद धर्मांतरण की पूरी प्रक्रिया! पास्टर ने पूछा- ‘मूर्ति पूजा से तुम्हें क्या मिला?’
Photo Credit / Attribution: Google

उत्तर प्रदेश में एक कथित सीक्रेट चर्च को लेकर बड़ा दावा सामने आया है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, गुप्त कैमरे के जरिए रिकॉर्ड किए गए वीडियो में धर्मांतरण की पूरी प्रक्रिया दिखाए जाने का दावा किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि एक रिपोर्टर ने अपनी पहचान छिपाकर चर्च में प्रवेश किया और वहां चल रही गतिविधियों को रिकॉर्ड किया।

बताया जा रहा है कि सभा के दौरान मौजूद पास्टर ने लोगों से उनके धार्मिक विश्वासों को लेकर सवाल पूछे। वीडियो में कथित तौर पर पास्टर यह कहते हुए दिखाई देता है कि "मूर्ति पूजा से तुम्हें क्या मिला?" इसके बाद वहां मौजूद लोगों को ईसाई धर्म की शिक्षाओं और प्रार्थना से जुड़ी बातें बताई गईं।

रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि धार्मिक अनुष्ठान के दौरान श्रद्धालुओं को एक पेय पदार्थ दिया गया, जिसे प्रतीकात्मक रूप से यीशु के ‘लहू’ (Blood of Christ) के रूप में बताया गया। ईसाई धर्म की कई परंपराओं में यह एक धार्मिक प्रतीक माना जाता है, जहां विशेष प्रार्थना सभाओं में अंगूर के रस या अन्य पेय का उपयोग किया जाता है।

उत्तर प्रदेश में सामने आए इस मामले ने धार्मिक और सामाजिक बहस को जन्म दे दिया है। कुछ संगठनों ने इसे अवैध धर्मांतरण का मामला बताया है, जबकि अन्य पक्षों का कहना है कि धार्मिक सभाओं और प्रार्थना कार्यक्रमों को गलत संदर्भ में प्रस्तुत किया जा रहा है।

मामले से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। वीडियो की सत्यता, उसमें दिखाए गए घटनाक्रम और धर्मांतरण के आरोपों की जांच संबंधित एजेंसियों द्वारा किए जाने के बाद ही स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।

उत्तर प्रदेश पुलिस और स्थानीय प्रशासन की ओर से आधिकारिक जांच या कार्रवाई की स्थिति सामने आने के बाद ही यह तय हो सकेगा कि मामले में लगाए गए आरोप कितने सही हैं। फिलहाल यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और विभिन्न पक्ष अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

धार्मिक स्वतंत्रता और धर्मांतरण से जुड़े मामलों में कानून, साक्ष्य और आधिकारिक जांच की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। इसलिए इस तरह के संवेदनशील मामलों में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच के नतीजों का इंतजार करना जरूरी माना जाता है।

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