कल्पना सोरेन को मिला ‘ट्रेलब्लेजर अवार्ड’, बोलीं- 'झारखंड की महिलाएं केवल लाभार्थी नहीं, बदलाव की नायिका हैं'

झारखंड की समाजसेवी कल्पना सोरेन को ट्रेलब्लेजर अवार्ड से सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि झारखंड की महिलाएं केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि बदलाव की नायिका

नई दिल्ली में आयोजित 'ब्रिक्स सीसीआई वीई एनुअल वुमेन समिट एंड फेलिसिटेशन 2026' के दौरान कल्पना सोरेन को 'वुमेन एम्पायरमेंट ट्रेलब्लेजर्स अवार्ड' से सम्मानित किया गया।

रांची: झारखंड की विधायक कल्पना सोरेन को हाल ही में ‘ब्रिक्स सीसीआई वीई एनुअल वुमेन समिट 2026’ में प्रतिष्ठित ट्रेलब्लेजर अवार्ड से नवाजा गया। यह सम्मान महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान और समाज में बदलाव लाने वाली पहलों के लिए दिया गया। इस अवसर पर कल्पना सोरेन ने कहा कि झारखंड की महिलाएं केवल लाभार्थी नहीं हैं, बल्कि समाज और परिवार में परिवर्तन लाने वाली सशक्त नायिका हैं।

सम्मान का अर्थ और समर्पण

इस पुरस्कार को स्वीकार करते हुए कल्पना सोरेन ने कहा कि यह केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है। यह सम्मान झारखंड और देश की उन अनगिनत महिलाओं के लिए है, जो अपने परिवार, समुदाय और अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रही हैं। उन्होंने कहा, “आज महिलाएं व्यापार, खेल, अंतरिक्ष, विज्ञान, नवाचार और शासन जैसे विविध क्षेत्रों में बाधाओं को पार कर नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। वे केवल विकास का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि इसे गति दे रही हैं।”

कल्पना ने जोर देकर कहा कि यह अवार्ड झारखंड की हर मंईया और देश की उन महिलाओं का प्रतीक है, जिन्होंने मुश्किल हालातों में भी साहस, धैर्य और नेतृत्व का परिचय दिया।

हाशिए पर रहने वाली महिलाओं की आवाज़ को मंच

कल्पना सोरेन ने कहा कि विशेष रूप से हाशिए पर रहने वाले समुदायों की महिलाओं की आवाज को सुनना और उन्हें सशक्त बनाने के अवसर प्रदान करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य में महिलाओं को केवल लाभार्थी के रूप में नहीं, बल्कि उद्यमी और बदलाव की नायिका के रूप में देखा जा रहा है।

कल्पना ने आगे कहा कि स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय उद्यमों के माध्यम से महिलाएं आर्थिक स्थिरता, आत्मविश्वास और नेतृत्व कौशल हासिल कर रही हैं। उनका मानना है कि सशक्तीकरण तभी सार्थक होता है जब हर महिला को अपने सपनों को पूरा करने और बदलाव लाने का समान अवसर मिले।

वैश्विक दृष्टिकोण और लंदन यात्रा

कल्पना सोरेन ने अपनी हालिया लंदन यात्रा के अनुभव साझा करते हुए कहा कि ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय और अन्य वैश्विक संस्थानों में पढ़ रही झारखंड की छात्राओं की जुनून, कठिनाइयों से जूझने की क्षमता और आत्मविश्वास ने उन्हें बहुत प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि यह अनुभव उन्हें इस बात का विश्वास दिलाता है कि महिलाएं हर बाधा को पार कर समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

कल्पना ने इस अवसर पर यह भी स्पष्ट किया कि महिला सशक्तीकरण केवल समावेश तक सीमित नहीं होना चाहिए। इसे निष्पक्ष और समान अवसर देने वाला होना चाहिए, ताकि हर महिला को अपने नेतृत्व और कौशल का इस्तेमाल करने का मौका मिले।

कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि

‘ब्रिक्स सीसीआई वीई एनुअल वुमेन समिट एंड फेलिसिटेशन 2026’ का आयोजन ब्रिक्स चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के महिला सशक्तीकरण वर्टिकल द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में कई गणमान्य अतिथि उपस्थित थे, जिनमें मीनाक्षी लेखी (पूर्व विदेश राज्य मंत्री और ग्लोबल चेयर, मिशन शक्तिसैट), रक्षा खडसे (राज्य मंत्री, युवा मामले और खेल) और अभिषेक सिंह (महानिदेशक, डीजी) शामिल थे।

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