बीते महीने रक्षाबंधन के एक विज्ञापन में कृति सेनन के कपड़ों को लेकर हुए विवाद के बाद अभिनेत्री एक बार फिर चर्चा में हैं। उस समय कृति ने समाज की सोच और महिलाओं के पहनावे को लेकर उठने वाले सवालों पर अपनी बात रखी थी।
एंटरटेनमेंट न्यूज़: बॉलीवुड अभिनेत्री कृति सेनन एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा, पहनावे और समाज में मौजूद दोहरे मानदंडों को लेकर चर्चा में हैं। अभिनेत्री ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर कुछ ऐसी पोस्ट री-शेयर और लाइक की हैं, जिनमें महिलाओं के खिलाफ हिंसा के मामलों में पीड़ितों के कपड़ों, जगह और व्यवहार पर सवाल उठाने वाली सोच की आलोचना की गई है।
कृति ने इन पोस्ट के साथ किसी खास घटना का सीधे तौर पर जिक्र नहीं किया, लेकिन उनकी सोशल मीडिया गतिविधि ने महिलाओं की सुरक्षा और सामाजिक सोच को लेकर बहस जरूर तेज कर दी है।
कृति सेनन ने पितृसत्ता से जुड़ी पोस्ट की री-शेयर
कृति ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर ऐसी पोस्ट साझा की, जिसमें महिलाओं और पुरुषों के बीच संघर्ष के बजाय पितृसत्तात्मक सोच को चुनौती देने की बात कही गई थी। पोस्ट में यह तर्क रखा गया कि महिलाओं के अधिकार और सुरक्षा की बहस को केवल पुरुष बनाम महिला के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि उन सामाजिक धारणाओं पर भी सवाल उठाने चाहिए जो महिलाओं की पसंद और स्वतंत्रता को सीमित करती हैं।
एक अन्य पोस्ट में महिलाओं को हर समय खुद को संभावित हिंसा से बचाने की सलाह देने के बजाय पुरुषों को सम्मान, सहमति और जिम्मेदार व्यवहार के बारे में शिक्षित करने की जरूरत पर जोर दिया गया।
‘उसने क्या पहना था?’ जैसे सवालों पर बहस

कृति द्वारा साझा की गई पोस्ट में इस बात पर सवाल उठाया गया कि किसी महिला या नाबालिग के साथ हिंसा होने के बाद भी कई बार चर्चा अपराधी के बजाय पीड़िता के कपड़ों, उसके बाहर जाने, साथ मौजूद लोगों या उसकी गतिविधियों पर केंद्रित हो जाती है। पोस्ट का मुख्य संदेश था कि महिलाओं को लगातार यह बताने के बजाय कि वे खुद को हमले से कैसे बचाएं, समाज को लड़कों और पुरुषों को सहमति, सम्मान और व्यक्तिगत सीमाओं की समझ देने पर अधिक ध्यान देना चाहिए।
हालांकि, कृति ने यह स्पष्ट नहीं किया कि उनकी पोस्ट किसी एक विशेष घटना के संदर्भ में थी। इसलिए सोशल मीडिया पर चल रही अलग-अलग घटनाओं के साथ उनकी पोस्ट को जोड़ना उनके व्यक्तिगत बयान के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
जमुई की घटना के बीच सोशल मीडिया चर्चा
कृति की सोशल मीडिया गतिविधि ऐसे समय सामने आई है, जब बिहार के जमुई में एक स्कूली छात्रा और उसके पुरुष सहपाठी को कुछ लोगों द्वारा रोके जाने की घटना को लेकर चर्चा हुई। घटना से जुड़ा वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की और कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया। कृति ने अपनी पोस्ट में इस घटना का नाम नहीं लिया।
सोशल मीडिया यूजर्स ने हालांकि उनकी पोस्ट को महिलाओं के खिलाफ होने वाली मॉरल पुलिसिंग और सार्वजनिक व्यवहार को लेकर चल रही बहस से जोड़कर देखा।
रक्षाबंधन विज्ञापन को लेकर भी हुआ था विवाद
कृति सेनन इससे पहले रक्षाबंधन के मौके पर एक ज्वैलरी ब्रांड के विज्ञापन को लेकर सुर्खियों में आई थीं। विज्ञापन में उनके पहनावे को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने आपत्ति जताई थी। इसके बाद त्योहार, भारतीय संस्कृति और महिलाओं के कपड़ों को लेकर व्यापक बहस शुरू हो गई थी। कृति ने उस समय अपने पहनावे का बचाव करते हुए कहा था कि किसी महिला की संस्कृति और परंपरा के प्रति सम्मान को केवल उसके कपड़ों या नेकलाइन से नहीं मापा जाना चाहिए। उनका तर्क था कि फैशन समय के साथ बदलता है, जबकि संस्कृति व्यक्ति के विचारों और मूल्यों में भी मौजूद होती है।
विवाद बढ़ने के बाद संबंधित ज्वैलरी ब्रांड ने विज्ञापन को अपने मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटा लिया था। ब्रांड की ओर से कहा गया था कि भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति उसका पूरा सम्मान है और विज्ञापन से किसी की भावनाएं आहत करना उसका उद्देश्य नहीं था।











