कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार एक बार फिर अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं। राज्य में कैबिनेट फेरबदल की अटकलों के बीच कुछ विधायकों ने खुले तौर पर मंत्री पद की इच्छा जताई है।
Karnataka Deputy CM DK Shivkumar: कर्नाटक राजनीति इन दिनों दोबारा सुर्खियों में है। राज्य में कैबिनेट फेरबदल की बढ़ती अटकलों, विधायकों की मंत्री बनने की महत्वाकांक्षा और नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा पर डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के बयान ने सियासी माहौल को और गर्म कर दिया है। खास बात यह रही कि जब उनसे पूछा गया कि क्या वह राज्य की कमान संभालने वाले हैं, तो उन्होंने मज़ाकिया अंदाज़ में जवाब दिया—“ज्योतिषी से पूछ लो।”
उनका यह बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में जोर पकड़ रहा है, क्योंकि बीते कुछ सप्ताहों से कर्नाटक के राजनीतिक परिदृश्य में कई संकेत ऐसे थे जो बड़े बदलाव की ओर इशारा कर रहे थे।
विधायकों की महत्वाकांक्षा पर बोले शिवकुमार: ‘इसमें गलत क्या है?’
कर्नाटक के कई विधायकों ने हाल ही में खुलकर मंत्री बनने की इच्छा जताई है। इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए डीके शिवकुमार ने स्पष्ट कहा कि महत्वाकांक्षी होना कोई अपराध नहीं है। उन्होंने कहा-
'अगर कोई विधायक महत्वाकांक्षी है, तो इसमें गलत क्या है? जिन्होंने पार्टी के लिए संघर्ष किया है, मेहनत की है, उनके मन में स्वाभाविक रूप से आगे बढ़ने की महत्वाकांक्षा होती है।'
उन्होंने यह भी जोड़ा कि मंत्रियों की नियुक्ति का निर्णय पूरी तरह मुख्यमंत्री के अधिकार क्षेत्र में आता है और पार्टी के प्रति समर्पित नेताओं की उम्मीदें बिल्कुल जायज़ हैं।

क्यों राजनीतिक हलकों में तेज हुई फेरबदल की चर्चा?
पिछले कुछ दिनों से कर्नाटक में बड़े स्तर पर राजनीतिक गतिविधियां देखी गईं।
- मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के साथ मुलाकात
- दिल्ली में राहुल गांधी व मल्लिकार्जुन खरगे के साथ उनकी बैठक
- पार्टी नेतृत्व की अचानक सक्रियता
इन घटनाओं के बाद राजनीतिक पर्यवेक्षकों ने अनुमान लगाना शुरू किया कि कर्नाटक कैबिनेट में महत्वपूर्ण फेरबदल हो सकता है। इसी बीच डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार का दिल्ली दौरा भी इन अटकलों को और भड़काता दिखा। कई चर्चाएं ऐसी भी थीं कि क्या कर्नाटक की कमान जल्द ही शिवकुमार के हाथों में आ सकती है।
‘नेतृत्व परिवर्तन पर भविष्यवाणी के लिए ज्योतिष से पूछें’
जब पत्रकारों ने सीधे पूछा कि क्या वह मुख्यमंत्री पद संभालने वाले हैं, तो शिवकुमार ने मुस्कुराते हुए कहा, नेतृत्व परिवर्तन या कैबिनेट फेरबदल के बारे में कोई भविष्यवाणी करनी है तो किसी ज्योतिषी से पूछ लीजिए। उनका यह हल्का-फुल्का जवाब कई सवालों को जन्म देता है, खासकर ऐसे समय में जब कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन या पावर-शेयरिंग की चर्चाएं लगातार गति पकड़ रही हैं।
कर्नाटक में कांग्रेस सरकार को लगभग ढाई साल का समय हो चुका है। चूंकि सत्ता का आधा कार्यकाल पूरा हो गया है, इसलिए भी उम्मीदें जताई जा रही हैं कि पार्टी नेतृत्व राज्य में प्रशासनिक बदलाव कर सकता है। कुछ लोग इसे मज़ाक में ‘नवंबर क्रांति’ भी कहने लगे हैं। इन सभी अटकलों के बीच डिप्टी सीएम ने खुद बताया कि उनका दिल्ली जाना किसी राजनीतिक समीकरण का हिस्सा नहीं था।










