कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा तेज, प्रियांक खड़गे ने मतभेद की बात को बताया गलत

कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा तेज, प्रियांक खड़गे ने मतभेद की बात को बताया गलत

कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा कि कांग्रेस में कोई मतभेद नहीं है और सभी नेता आलाकमान के फैसले पर एकमत हैं। भाजपा ने खरीद-फरोख्त के आरोप लगाए, जिनका कांग्रेस ने पलटवार किया।

Karnataka: कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर जारी राजनीतिक अटकलों के बीच मंत्री प्रियांक खड़गे ने साफ कहा है कि कांग्रेस में किसी तरह का अंदरूनी मतभेद नहीं है। उनके मुताबिक मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और पार्टी का हर नेता इस बात पर सहमत है कि आलाकमान जो भी फैसला करेगा, वही लागू होगा। प्रियांक खड़गे ने कहा कि जब शीर्ष नेतृत्व एक ही आवाज में बोल रहा है, तो मतभेद की बात करना गलत है।

नेतृत्व बदलने की चर्चा क्यों हुई तेज

कर्नाटक में पिछले कुछ महीनों से नेतृत्व परिवर्तन की अफवाहें लगातार चल रही हैं। राज्य की कांग्रेस सरकार में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच सत्ता संतुलन को लेकर राजनीतिक जगत में चर्चाएँ होती रही हैं। विपक्ष का दावा है कि दोनों नेताओं के बीच खींचतान के कारण सरकार पर दबाव बढ़ रहा है और इसी वजह से नेतृत्व बदलाव की अटकलें भी बढ़ी हैं।

भाजपा का आरोप 

कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता और भाजपा विधायक आर अशोक ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ऐसी स्थिति में है जहाँ वह अपने ही विधायकों को मुख्यमंत्री पद के लिए खरीदने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पूरी तरह भ्रष्ट है और उसे तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। आर अशोक के अनुसार सत्ता संघर्ष इतना बढ़ चुका है कि विधायकों के बीच पैसों के लेन-देन की खबरें सामने आ रही हैं।

कांग्रेस का जवाब

इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रियांक खड़गे ने कहा कि भाजपा को कांग्रेस पर उंगली उठाने का कोई हक नहीं है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन लोटस भाजपा की ट्रेडमार्क राजनीति है और उन्हें ही खरीद-फरोख्त की राजनीति के लिए जाना जाता है। प्रियांक खड़गे ने कहा कि भाजपा पांच साल तक एक स्थिर मुख्यमंत्री भी नहीं दे पाई। पहली बार सत्ता में आई तो तीन मुख्यमंत्री दिए और दूसरी बार में दो मुख्यमंत्री बदले। उन्होंने कहा कि खरीदना, बेचना और सत्ता के लिए सौदेबाजी भाजपा की राजनीति का हिस्सा है, कांग्रेस का नहीं।

सत्ता संघर्ष के आरोपों पर क्या कहती है कांग्रेस

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सरकार पूरी तरह स्थिर है और सभी नेता आलाकमान के फैसले के साथ खड़े हैं। उनका कहना है कि विपक्ष बेवजह अफवाहें फैला रहा है ताकि राजनीतिक अस्थिरता का माहौल बन सके। प्रियांक खड़गे के अनुसार आलाकमान जो भी निर्णय लेगा, पार्टी का हर सदस्य उसका सम्मान करेगा।

भाजपा की चुनाव कराने की मांग

आर अशोक ने कहा कि राज्य में नई सरकार बनाने के लिए चुनाव कराए जाने चाहिए क्योंकि मौजूदा सरकार भ्रष्टाचार और अंदरूनी खींचतान में उलझी हुई है। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के बीच सत्ता संघर्ष के कारण सरकार कमजोर हो चुकी है और जनहित प्रभावित हो रहा है।

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