कर्नाटक में सियासी हकचल: डीके शिवकुमार के समर्थक 10 विधायकों ने दिल्ली में डाला डेरा

कर्नाटक की राजनीति में नई हलचल तेज़ हो गई है, जहाँ डीके शिवकुमार के समर्थन में 10 विधायकों ने दिल्ली में डेरा डाल दिया है। कांग्रेस के भीतर बढ़ती नाराज़गी,

कर्नाटक में कांग्रेस नेताओं के बीच सत्ता संघर्ष तेज होता जा रहा है। डीके शिवकुमार द्वारा प्रदेश अध्यक्ष का पद छोड़ने के संकेत देने के बाद पार्टी के लगभग 10 विधायकों ने केंद्रीय नेतृत्व से उन्हें मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग उठाई है।

Siddaramaiah Vs DK Shivakumar: कांग्रेस के अंदरूनी संकट का असर अब कर्नाटक में भी खुलकर सामने आने लगा है। बिहार चुनावों में पार्टी के कमजोर प्रदर्शन के बाद कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की मांग तेज हो गई है। राज्य की राजनीति में एक बार फिर सवाल उठ रहा है, क्या मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की कुर्सी खतरे में है? कर्नाटक में सत्ता संतुलन को लेकर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच चल रही खींचतान अब दिल्ली के दरवाज़े तक पहुंच चुकी है। 

डीके शिवकुमार के समर्थक विधायकों ने नेतृत्व परिवर्तन पर अपनी मांगों को लेकर दिल्ली में डेरा डाल दिया है और पार्टी हाईकमान से निर्णायक कदम की उम्मीद कर रहे हैं।

डीके शिवकुमार समर्थक 10 से अधिक विधायक दिल्ली पहुंचे

डीके शिवकुमार खेमे से जुड़े एक मंत्री और 10 से अधिक विधायक गुरुवार को दिल्ली पहुंचे। शुक्रवार को और विधायकों के दिल्ली पहुंचने की संभावना जताई गई है। इन विधायकों का उद्देश्य कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल से मुलाकात कर 2023 में तय हुए पावर-शेयरिंग फॉर्मूले को लागू कराने का दबाव बनाना है।

सूत्रों के अनुसार, 2023 विधानसभा चुनावों के समय एक अनौपचारिक फार्मूला तय हुआ था, जिसमें सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच सत्ता साझेदारी की बात सामने आई थी। इसके अनुसार, ढाई वर्ष बाद नेतृत्व परिवर्तन की संभावना जताई गई थी। अब सरकार का आधा कार्यकाल पूरा होने के बाद यह मुद्दा फिर गर्मा गया है। दिल्ली पहुंचने वाले प्रमुख नेताओं में शामिल हैं—

  • मंत्री एन. चालुवरायस्वामी
  • विधायक कबाल हुसैन, एचसी बालकृष्ण, एसआर श्रीनिवास

इससे पहले मंगलवार को रवि गनीगा, गुब्बी वासु, दिनेश गूलीगौड़ा समेत कई विधायक पहले ही दिल्ली में हाईकमान से मुलाकात की कोशिश कर चुके हैं।

सिद्धारमैया ने अचानक रद्द किया मैसूर-चामराजनगर दौरा

राजनीतिक माहौल में बढ़ती हलचल के बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपना दो দিনের मैसूर और चामराजनगर दौरा अचानक रद्द कर दिया और तुरंत बेंगलुरु लौटने का निर्णय लिया। यह कदम संकेत देता है कि कांग्रेस नेतृत्व कर्नाटक में बदले हुए हालात को लेकर गंभीर है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़गे भी गुरुवार को बेंगलुरु से दिल्ली लौटे हैं—ऐसे में माना जा रहा है कि कर्नाटक कांग्रेस का यह मुद्दा अब केंद्रीय स्तर पर तेजी से उठाया जा रहा है।

कर्नाटक कांग्रेस में यह संघर्ष कोई नया नहीं है, बल्कि सरकार बनने के शुरुआती महीनों से ही दोनों गुटों के बीच तनाव की स्थिति देखी गई है। डीके शिवकुमार पार्टी के राज्य अध्यक्ष होने के साथ-साथ उपमुख्यमंत्री भी हैं और उनका दावा है कि संगठन और कैडर में उनका प्रभाव अधिक है।

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