जयपुर के चौमूं रीको क्षेत्र में कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने नकली मूंगफली बीज फैक्ट्री पर छापा मारा। कार्रवाई में लाखों खाली बैग, हजारों पैक बीज और खराब क्वालिटी की 2 लाख बोरियां बरामद हुईं। विभाग ने कई जिलों में एक साथ अभियान चलाया।
जयपुर: राजस्थान में किसानों के हितों की रक्षा और नकली कृषि उत्पादों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत राज्य सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। जयपुर जिले के चौमूं स्थित रीको इंडस्ट्रियल एरिया में कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने मंगलवार को एक मूंगफली बीज फैक्ट्री पर अचानक छापा मारकर बड़े स्तर पर कथित अनियमितताओं का खुलासा किया।
कार्रवाई के दौरान अधिकारियों को खराब गुणवत्ता वाली मूंगफली, लाखों खाली पैकेजिंग बैग, हाईटेक मशीनें और हजारों तैयार बीज पैकेट मिले। जांच में सामने आया कि निम्न गुणवत्ता की मूंगफली से दाने निकालकर उन्हें प्रमाणित बीज के रूप में पैक किया जा रहा था।
इस छापेमारी को राजस्थान में नकली और अमानक कृषि उत्पादों के खिलाफ अब तक की बड़ी कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है। कृषि विभाग के अनुसार, यह कार्रवाई किसानों को खराब बीजों से होने वाले नुकसान से बचाने और कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से की गई।
चौमूं स्थित फैक्ट्री में मिला बड़ा स्टॉक
कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा मंगलवार सुबह करीब 11:30 बजे जयपुर जिले के चौमूं स्थित सिल्वर पार्क (रीको) क्षेत्र पहुंचे, जहां कृषि विभाग की टीम ने एक फैक्ट्री में औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान वहां बड़ी मात्रा में मूंगफली की बोरियां मिलीं। अधिकारियों के अनुसार, फैक्ट्री में करीब 2 लाख बोरियां साबुत मूंगफली की रखी हुई थीं, जिनकी गुणवत्ता संदिग्ध बताई गई। जांच में यह भी सामने आया कि इन बोरियों से मशीनों के जरिए दाना निकालकर उन्हें बीज के रूप में पैक किया जा रहा था।
फैक्ट्री परिसर से हजारों तैयार पैकेट और लाखों खाली बैग भी बरामद किए गए। अधिकारियों को मौके पर ऐसी मशीनें भी मिलीं, जिनका इस्तेमाल मूंगफली के दाने निकालने और पैकेजिंग के लिए किया जा रहा था।
अनधिकृत कंपनियों पर कार्रवाई
कृषि विभाग की जांच में सामने आया कि “एग्रो जेनिक्स क्रॉप साइंस” और “जीएम एग्रो इंडस्ट्रीज” नामक कंपनियां कथित रूप से “श्री बालाजी एग्रो सीकर” के नाम से बीज पैकिंग का काम कर रही थीं।
अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में ये कंपनियां अनधिकृत पाई गई हैं। विभाग अब उनके लाइसेंस, दस्तावेज और उत्पादन प्रक्रिया की विस्तृत जांच कर रहा है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, नकली या खराब गुणवत्ता वाले बीज किसानों के लिए भारी आर्थिक नुकसान का कारण बन सकते हैं, क्योंकि इससे फसल उत्पादन प्रभावित होता है और खेती की लागत बढ़ जाती है।
किसानों को हो सकता था बड़ा नुकसान
राजस्थान देश के प्रमुख कृषि राज्यों में शामिल है, जहां बड़ी संख्या में किसान मूंगफली समेत विभिन्न फसलों की खेती करते हैं। ऐसे में यदि खराब गुणवत्ता वाले बीज बाजार में पहुंचते, तो हजारों किसानों की फसल प्रभावित हो सकती थी।

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, बीज की गुणवत्ता सीधे फसल उत्पादन और किसानों की आय से जुड़ी होती है। यदि बीज कमजोर या नकली हो, तो अंकुरण कम होता है, रोग बढ़ते हैं और उत्पादन में भारी गिरावट आती है।
इसी वजह से कृषि विभाग नकली बीज, कीटनाशक और उर्वरकों के खिलाफ लगातार अभियान चला रहा है। राज्य सरकार का कहना है कि किसानों के साथ किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कई जिलों में चला संयुक्त अभियान
कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने बताया कि यह कार्रवाई केवल जयपुर तक सीमित नहीं थी। कृषि विभाग की टीमों ने एक साथ जोधपुर, बीकानेर, सीकर, चूरू और अन्य जिलों में भी निरीक्षण अभियान चलाया।
इस दौरान कई संदिग्ध इकाइयों की जांच की गई और कृषि उत्पादों की गुणवत्ता से जुड़े दस्तावेजों का परीक्षण किया गया। विभाग का कहना है कि आने वाले समय में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे।
राज्य सरकार का लक्ष्य आगामी बुवाई सत्र से पहले किसानों को प्रमाणित और उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराना है ताकि कृषि उत्पादन बेहतर हो सके।
हाईटेक मशीनों से होता था पैकेजिंग का काम
छापेमारी के दौरान अधिकारियों को फैक्ट्री में आधुनिक मशीनें भी मिलीं। इनमें मूंगफली से दाना निकालने वाली मशीनें और पैकेजिंग सिलाई मशीनें शामिल थीं।
जांच अधिकारियों का कहना है कि फैक्ट्री में बड़े पैमाने पर संगठित तरीके से पैकेजिंग का काम किया जा रहा था। मौके पर किसान-510 (RG-510), SG-551 और RG-578 जैसी किस्मों के नाम वाले पैकेजिंग बैग भी मिले।
अधिकारियों को आशंका है कि इन ब्रांड नामों का इस्तेमाल कर बाजार में बीजों की सप्लाई की जा रही थी। अब विभाग यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि ये बीज किन-किन क्षेत्रों में भेजे गए थे।
कृषि मंत्री बोले- किसानों के हित सर्वोपरि
कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कार्रवाई के बाद कहा कि राज्य सरकार किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि नकली और अमानक कृषि उत्पादों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। किसानों की मेहनत और निवेश को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है, इसलिए ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मामले की विस्तृत जांच कर पूरे नेटवर्क का पता लगाया जाए।
कृषि क्षेत्र में बढ़ रही नकली उत्पादों की चुनौती
विशेषज्ञों का मानना है कि देशभर में नकली बीज और कृषि उत्पादों का कारोबार किसानों के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। कई बार किसान कम कीमत या आकर्षक पैकेजिंग देखकर ऐसे उत्पाद खरीद लेते हैं, लेकिन बाद में उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ता है।
कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, खराब बीजों के कारण फसल उत्पादन में गिरावट आने से किसानों की आय पर सीधा असर पड़ता है। इसके अलावा खेती की लागत बढ़ जाती है और कर्ज का बोझ भी बढ़ सकता है।
इसी वजह से सरकारें अब बीज गुणवत्ता नियंत्रण और लाइसेंसिंग व्यवस्था को सख्त करने की दिशा में काम कर रही हैं।
राजस्थान सरकार की सख्त निगरानी
राजस्थान सरकार ने हाल के महीनों में नकली कृषि उत्पादों के खिलाफ कई अभियान चलाए हैं। कृषि विभाग लगातार बीज, खाद और कीटनाशकों की गुणवत्ता की जांच कर रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि चौमूं में हुई यह कार्रवाई किसानों के हितों की सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। इससे नकली बीज कारोबार से जुड़े लोगों को सख्त संदेश जाएगा कि सरकार इस तरह की गतिविधियों को लेकर गंभीर है।
आने वाले बुवाई सीजन को देखते हुए राज्य सरकार अब और अधिक निगरानी बढ़ाने की तैयारी कर रही है ताकि किसानों तक केवल प्रमाणित और भरोसेमंद कृषि उत्पाद ही पहुंच सकें।









