37 की उम्र में दो बेटियों की मां बनीं KVS टीचर, 9 साल बाद पढ़ाई शुरू कर हासिल की रैंक-6

दो बेटियों की मां प्रीति शर्मा ने 9 साल के पढ़ाई गैप के बाद तैयारी शुरू की। 37 की उम्र में KVS परीक्षा में 180 में 155 अंक लेकर देशभर में रैंक-6 हासिल की।

KVS Teacher Success Story: उत्तर प्रदेश की प्रीति शर्मा ने शादी और दो बेटियों की जिम्मेदारियों के बीच 9 साल बाद पढ़ाई शुरू की। 37 की उम्र में उन्होंने KVS परीक्षा में 180 में 155 अंक हासिल कर देशभर में छठी रैंक प्राप्त की।

KVS Teacher Success Story: प्रीति शर्मा की कहानी बताती है कि परिवार की जिम्मेदारियों के बीच भी पढ़ाई और करियर को नई शुरुआत दी जा सकती है। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर की रहने वाली प्रीति ने पति और ससुराल के सहयोग से 9 साल के अध्ययन अंतराल के बाद तैयारी शुरू की और 37 साल की उम्र में KVS परीक्षा में रैंक-6 हासिल कर सरकारी शिक्षक की नौकरी प्राप्त की।

शादी के बाद भी जारी रखी पढ़ाई

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर की रहने वाली प्रीति शर्मा शादी के बाद दिल्ली आ गईं। उनका ससुराल बागपत जिले के बरवाला गांव में है। शादी के समय उनके पास बैचलर डिग्री थी, लेकिन इसके बाद उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी। प्रीति ने मास्टर्स की डिग्री हासिल करने के साथ ETT का कोर्स भी किया।

अध्ययन मंत्रा यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में प्रीति ने अपनी सफलता की पूरी कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि इस सफर में उनके पति ने लगातार उनका हौसला बढ़ाया। पति ने उन्हें यह भरोसा दिलाया कि वह परीक्षा पास कर सकती हैं और अपने लक्ष्य को हासिल कर सकती हैं।

परिवार से मिले सहयोग ने प्रीति को पढ़ाई के लिए समय निकालने में मदद की। उनके मुताबिक, पति के साथ-साथ देवरानी और सास-ससुर ने भी उनकी तैयारी में सहयोग किया।

9 साल के गैप के बाद फिर उठाई किताब

शादी के बाद घर की जिम्मेदारियों और दो बेटियों की परवरिश के कारण प्रीति की पढ़ाई लगभग रुक गई थी। करीब 9 साल का लंबा गैप आ गया। इस दौरान उन्होंने कई बार परीक्षाओं के लिए फॉर्म भी भरे, लेकिन अलग-अलग कारणों से परीक्षा नहीं दे सकीं।

साल 2019 में जब KVS और CTET की परीक्षाएं आईं, तब उन्होंने लंबे अंतराल के बाद दोबारा पढ़ाई शुरू करने का फैसला किया। इस बार उनके पति ने उन्हें तैयारी के लिए प्रेरित किया और कोचिंग की व्यवस्था करने में भी मदद की।

प्रीति उस समय प्राइवेट स्कूल में शिक्षक के रूप में काम कर रही थीं। दिन में स्कूल और घर की जिम्मेदारियों के कारण पढ़ाई के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाता था। इसलिए उन्होंने रात का समय अपनी तैयारी के लिए तय किया।

रात में पढ़ाई कर बनाया अपना रूटीन

प्रीति ने बताया कि वह रात करीब 10 से 10:30 बजे किताबें लेकर पढ़ने बैठती थीं। कई बार उन्हें केवल दो-तीन घंटे की नींद लेकर अगले दिन की जिम्मेदारियां निभानी पड़ती थीं। घर, नौकरी और परीक्षा की तैयारी के बीच संतुलन बनाना उनके लिए आसान नहीं था।

उन्होंने अपनी तैयारी के लिए ऑनलाइन क्लास और यूट्यूब वीडियो का सहारा लिया। पढ़ाई के दौरान वह खुद के नोट्स तैयार करती थीं। महत्वपूर्ण बिंदुओं को याद रखने के लिए अलग-अलग रंगों के पेन से नोट्स बनाने की तकनीक भी अपनाई।

इंटरव्यू की तैयारी के लिए उन्होंने कई बार मॉक इंटरव्यू दिए। इससे उनकी झिझक कम हुई और आत्मविश्वास बढ़ा। परीक्षा की तैयारी के साथ इंटरव्यू पर भी ध्यान देने से उन्हें अंतिम चयन में फायदा मिला।

KVS परीक्षा में हासिल की छठी रैंक

प्रीति शर्मा की मेहनत का नतीजा KVS परीक्षा के परिणाम में दिखाई दिया। उन्होंने परीक्षा में 180 में से 155 अंक हासिल किए और देशभर में छठी रैंक प्राप्त की। 37 साल की उम्र में मिली यह सफलता उनके लंबे अंतराल के बाद पढ़ाई में लौटने की मेहनत का परिणाम रही।

प्रीति का कहना है कि असफलता के दौरान कुछ लोगों ने उन्हें ताने भी दिए, लेकिन उन्होंने उन बातों को अपनी तैयारी के रास्ते में नहीं आने दिया। उनका मानना है कि शादीशुदा महिलाओं को परिस्थितियां कैसी भी हों, अपने लिए समय निकालना चाहिए।

उनकी कहानी में परिवार का सहयोग एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा, लेकिन इसके साथ उन्होंने खुद भी लगातार मेहनत की। प्रीति ने जिम्मेदारियों के बीच रात में पढ़ाई, ऑनलाइन क्लास, नोट्स और मॉक इंटरव्यू को अपनी तैयारी का हिस्सा बनाया।

प्रीति की सफलता यह दिखाती है कि पढ़ाई या करियर में आया लंबा अंतराल किसी लक्ष्य की राह का अंतिम पड़ाव नहीं होता। सही समय पर दोबारा शुरुआत करके और लगातार मेहनत के जरिए नई उपलब्धि हासिल की जा सकती है।

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