भारतीय ग्रैंडमास्टर कोनेरू हंपी इस महीने साइप्रस में होने वाले प्रतिष्ठित कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में हिस्सा लेने को लेकर अब भी असमंजस में हैं। उन्होंने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच मेजबान देश में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अपनी चिंताओं को फिर दोहराया है।
स्पोर्ट्स न्यूज़: भारतीय ग्रैंडमास्टर कोनेरू हंपी आगामी फिडे कैंडिडेट्स टूर्नामेंट 2026 में भाग लेने को लेकर असमंजस में हैं। यह प्रतिष्ठित शतरंज प्रतियोगिता 28 मार्च से साइप्रस में आयोजित होने वाली है, लेकिन पश्चिम एशिया में जारी तनाव और हालिया सुरक्षा घटनाओं के कारण हंपी ने अपनी भागीदारी पर अंतिम निर्णय नहीं लिया है।
यह टूर्नामेंट विश्व शतरंज चैंपियनशिप चक्र का महत्वपूर्ण चरण माना जाता है, क्योंकि इसी के माध्यम से यह तय होता है कि मौजूदा विश्व चैंपियन को चुनौती देने का मौका किस खिलाड़ी को मिलेगा। ऐसे में किसी शीर्ष खिलाड़ी का संदेह में होना खेल जगत में चर्चा का विषय बन गया है।
सुरक्षा चिंताओं ने बढ़ाई असमंजस की स्थिति
हंपी ने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि वह स्थिति को लेकर चिंतित हैं और अपनी भावनाएं सार्वजनिक करना जरूरी समझती हैं। उन्होंने लिखा कि वह जानती हैं कि उनका फैसला अकेले कुछ बदल नहीं सकता, लेकिन वर्तमान हालात को देखते हुए सावधानी बरतना जरूरी है।
पश्चिम एशिया क्षेत्र में जारी संघर्ष, खासकर ईरान-इजरायल तनाव और सैन्य गतिविधियों की खबरों ने खिलाड़ियों के बीच असुरक्षा की भावना पैदा की है। इसी दौरान साइप्रस में स्थित एक ब्रिटिश सैन्य हवाई अड्डे के पास ड्रोन हमले की घटना सामने आने के बाद कई खिलाड़ियों और टीमों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए।
हंपी पहले भी कह चुकी हैं कि वह यात्रा करने को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं और जरूरत पड़ने पर टूर्नामेंट से नाम वापस लेने पर भी विचार कर सकती हैं। उनका कहना है कि खिलाड़ियों की सुरक्षा किसी भी प्रतियोगिता से अधिक महत्वपूर्ण होनी चाहिए।

कैंडिडेट्स टूर्नामेंट
कैंडिडेट्स टूर्नामेंट को शतरंज की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में गिना जाता है। यह प्रतियोगिता विश्व चैंपियनशिप मुकाबले के लिए चुनौती देने वाले खिलाड़ी का चयन करती है। वर्तमान में पुरुष वर्ग में विश्व चैंपियन डी गुकेश हैं, जबकि महिला वर्ग का खिताब जू वेनजुन के पास है। इस वर्ष होने वाले महिला कैंडिडेट्स में दुनिया की शीर्ष आठ खिलाड़ी हिस्सा लेने वाली हैं। भारत की ओर से हंपी के अलावा आर वैशाली ने भी क्वालिफाई किया है, जबकि ओपन वर्ग में आर प्रज्ञानंदा भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
ऐसे में हंपी का निर्णय न केवल भारतीय शतरंज बल्कि पूरे अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट के संतुलन को प्रभावित कर सकता है। अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ FIDE ने खिलाड़ियों की चिंताओं को गंभीरता से लेने की बात कही है, लेकिन फिलहाल टूर्नामेंट को स्थगित या स्थानांतरित करने की कोई योजना नहीं है। फिडे के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एमिल सुतोवस्की ने कहा कि आयोजन स्थल सुरक्षित है और वर्तमान में कोई ऐसा खतरा नहीं है जिसके कारण प्रतियोगिता को दूसरी जगह ले जाना पड़े।
उन्होंने बताया कि आयोजक लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और आवश्यक होने पर सुरक्षा उपायों को और मजबूत किया जाएगा। सुतोवस्की के अनुसार, साइप्रस भले ही पश्चिम एशिया के करीब स्थित है, लेकिन वह सीधे तौर पर किसी सैन्य संघर्ष में शामिल नहीं है और वहां सामान्य स्थिति बनी हुई है।








