रूस-यूक्रेन युद्ध में ड्रोन हमले फिर तेज हो गए हैं। कीव में रूसी हमले से बाजार में आग लगने की खबर है। रूस ने मॉस्को क्षेत्र में यूक्रेन के 822 ड्रोन गिराने का दावा किया। रोमानिया में भी ड्रोन मार गिराया गया।
रूस/यूक्रेन वॉर: रूस-यूक्रेन युद्ध में ड्रोन और मिसाइल हमलों का सिलसिला एक बार फिर तेज हो गया है। यूक्रेन की राजधानी कीव में रूसी हमलों की एक नई लहर के दौरान एक बाजार में आग लग गई। वहीं, रूस ने दावा किया कि यूक्रेन ने मॉस्को और आसपास के इलाकों को निशाना बनाते हुए इस साल के सबसे बड़े ड्रोन हमलों में से एक को अंजाम दिया। दोनों पक्षों की ओर से सामने आए दावों के मुताबिक, हमलों में कई लोगों की मौत हुई है और बड़ी संख्या में संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है।
कीव में रूसी हमले से बाजार में लगी आग
यूक्रेनी अधिकारियों और स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, रूसी हमलों की ताजा लहर में कीव के एक बाजार को भी निशाना बनाया गया। हमले के बाद बाजार परिसर में भीषण आग लग गई और व्यापारियों का सामान जलकर खाक हो गया। एक स्थानीय कारोबारी ने बताया कि आग में उसका करीब 5 लाख यूक्रेनी रिव्निया यानी लगभग 8,262 अमेरिकी डॉलर मूल्य का स्टॉक नष्ट हो गया।
हमले के बाद घटनास्थल पर दमकल और राहत दल पहुंचे। आग पर काबू पाने के साथ-साथ आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब रूस और यूक्रेन के बीच हाल के हफ्तों में हवाई हमलों की तीव्रता लगातार बढ़ रही है।
यूक्रेन की ओर से सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, रूसी हमलों में देश के अलग-अलग हिस्सों में कम से कम पांच लोगों की मौत हुई। हालांकि, मृतकों और घायलों की संख्या को लेकर अलग-अलग समय पर आंकड़ों में बदलाव हो सकता है क्योंकि प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान जारी रहे।
मॉस्को पर बड़े ड्रोन हमले का रूस का दावा
इधर रूस ने भी यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमला करने का आरोप लगाया। मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन के अनुसार, राजधानी की ओर बढ़ रहे 600 से अधिक यूक्रेनी ड्रोन को रोकने या नष्ट करने का दावा किया गया।
रूस की सरकारी समाचार एजेंसी तास ने रक्षा मंत्रालय के हवाले से बताया कि रातभर में कुल 822 यूक्रेनी ड्रोन को मार गिराने का दावा किया गया। रूसी रक्षा मंत्रालय ने इसे साल की शुरुआत के बाद से यूक्रेन की ओर से किया गया सबसे बड़े पैमाने का ड्रोन हमला बताया।
हालांकि, इस तरह के सैन्य दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना मुश्किल है। युद्ध के दौरान रूस और यूक्रेन दोनों ही दुश्मन के नुकसान और अपने सैन्य अभियानों से जुड़े आंकड़े जारी करते रहे हैं, जिनमें स्वतंत्र स्रोतों से पुष्टि संभव नहीं होती।
रूस में Wildberries के वेयरहाउस को भी बनाया गया निशाना
मॉस्को क्षेत्र में ऑनलाइन रिटेल कंपनी Wildberries के एक बड़े लॉजिस्टिक्स सेंटर में भी ड्रोन हमले के बाद आग लगने की सूचना सामने आई। यूक्रेन ने हाल के दिनों में कंपनी से जुड़े कई लॉजिस्टिक्स केंद्रों को निशाना बनाया है।
यूक्रेन का दावा है कि इन केंद्रों का इस्तेमाल रूसी सैन्य गतिविधियों के लिए ड्रोन के पुर्जे, नेविगेशन उपकरण और अन्य सामान उपलब्ध कराने में किया जाता है। रूस ने इन आरोपों को खारिज किया है।
यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, मॉस्को क्षेत्र के कोलेडिनो इंडस्ट्रियल पार्क स्थित Wildberries का विशाल लॉजिस्टिक्स केंद्र हमले में निष्क्रिय हो गया। मंत्रालय ने इसे कंपनी का क्षेत्रफल के लिहाज से सबसे बड़ा वेयरहाउस बताया, जिसका क्षेत्र करीब 2.5 लाख वर्ग मीटर था।
कंपनी ने कहा कि लॉजिस्टिक्स सुविधा में हमले के कारण आग लगी, लेकिन डिलीवरी व्यवस्था को दूसरे केंद्रों पर स्थानांतरित कर दिया गया है। इससे ग्राहकों के ऑर्डर और सामान की आवाजाही को जारी रखने की कोशिश की जा रही है।
यूक्रेन का दावा- सात बड़े लॉजिस्टिक्स केंद्र प्रभावित
यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि हालिया कार्रवाई के बाद Wildberries के दस सबसे बड़े लॉजिस्टिक्स केंद्रों में से सात अब उसके अनुसार प्रभावित या निष्क्रिय हो चुके हैं। यह घटनाक्रम दिखाता है कि युद्ध में सैन्य ठिकानों के अलावा लॉजिस्टिक्स और सप्लाई नेटवर्क भी रणनीतिक निशाने बनते जा रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, बड़े लॉजिस्टिक्स केंद्रों पर हमले आपूर्ति श्रृंखला को बाधित करने की क्षमता रखते हैं। हालांकि, किसी भी हमले का वास्तविक सैन्य प्रभाव स्वतंत्र रूप से स्थापित करने के लिए विस्तृत और स्वतंत्र जांच जरूरी होती है।
रोमानिया के हवाई क्षेत्र में ड्रोन घुसा, NATO विमान ने मार गिराया
युद्ध का असर यूक्रेन की सीमा से बाहर भी महसूस किया गया। रोमानिया के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसके हवाई क्षेत्र में घुसे एक ड्रोन को स्पेन के F-18 लड़ाकू विमान ने मार गिराया।
यह स्पेनिश लड़ाकू विमान NATO के एयर-पुलिसिंग मिशन के तहत रोमानिया में तैनात था। रोमानियाई अधिकारियों के अनुसार, विमान ने रडार पर ड्रोन की पहचान की और उसे निशाना बनाने की अनुमति मिलने के बाद कार्रवाई की। ड्रोन स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 5:01 बजे मार गिराया गया।
अधिकारियों ने बताया कि ड्रोन का मलबा दो गांवों के बीच आबादी से दूर इलाके में गिरा। ड्रोन की उत्पत्ति को लेकर जांच जारी है। NATO के एक प्रवक्ता ने कहा कि शुरुआती जानकारी में ड्रोन के रूसी होने की संभावना दिखाई देती है, लेकिन मामले की जांच अभी पूरी नहीं हुई है।
यह इस साल रोमानिया के हवाई क्षेत्र में ड्रोन गिराए जाने की चौथी घटना बताई गई है।
यूक्रेन के मोर्चे पर भी जारी है संघर्ष
हवाई हमलों के साथ-साथ जमीनी मोर्चे पर भी रूस और यूक्रेन के बीच लड़ाई जारी है। अमेरिका स्थित Institute for the Study of War की हालिया समीक्षा के मुताबिक, रूसी सेना जपोरिज्जिया क्षेत्र के हुलियाइपोल इलाके की दिशा में धीरे-धीरे आगे बढ़ने की कोशिश कर रही है।
हालांकि, संस्थान ने यह भी कहा कि रूसी रक्षा मंत्रालय द्वारा युद्धक्षेत्र में अपनी प्रगति को लेकर किए गए कुछ दावों को सावधानी से देखने की जरूरत है। यूक्रेन ने रूस के कब्जे वाले डोनेत्स्क क्षेत्र में रूसी बढ़त के कई दावों को खारिज किया है।
वहीं, यूक्रेनी सेना की ओर से स्लोवियांस्क और पोक्रोव्स्क की दिशा में कुछ क्षेत्रों में आगे बढ़ने या अपनी स्थिति मजबूत करने की जानकारी सामने आई है। क्रीमिया में रूसी सैन्य ठिकानों और ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की यूक्रेनी कार्रवाई भी जारी रहने की बात कही गई है।
बढ़ते ड्रोन हमलों से युद्ध का नया चरण
रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष में ड्रोन अब युद्ध का प्रमुख हथियार बन चुके हैं। दोनों देश लंबी दूरी के ड्रोन के जरिए सैन्य ठिकानों, ऊर्जा ढांचे, औद्योगिक प्रतिष्ठानों और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को निशाना बना रहे हैं।
कीव में बाजार पर हमला और मॉस्को क्षेत्र में बड़े ड्रोन हमले के दावे बताते हैं कि दोनों पक्ष एक-दूसरे के क्षेत्र में दूर तक हमला करने की क्षमता का इस्तेमाल कर रहे हैं। रोमानिया के हवाई क्षेत्र में ड्रोन घुसने की घटना इस संघर्ष के व्यापक क्षेत्रीय जोखिम को भी रेखांकित करती है।
लगातार बढ़ते हमलों के बीच नागरिक इलाकों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और बुनियादी ढांचे की सुरक्षा बड़ी चुनौती बनी हुई है। रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष के कूटनीतिक समाधान की कोशिशों के बावजूद जमीन और आसमान में सैन्य गतिविधियां जारी हैं। ताजा घटनाक्रम से संकेत मिलता है कि युद्ध अभी भी अत्यधिक सक्रिय और अप्रत्याशित चरण में है।











