London School of Business & Finance ने भारत में शुरू किया संचालन: ग्लोबल शिक्षा बाजार में बड़ा विस्तार

कर्नाटक: लंदन स्कूल ऑफ बिजनेस एंड फाइनेंस ने भारत में ऑपरेशन शुरू किया। स्टूडेंट्स को ग्लोबल एजुकेशन, AI, फाइनेंस और स्किल डेवलपमेंट कोर्स का फायदा मिलेगा।

लंदन स्कूल ऑफ बिजनेस एंड फाइनेंस ने भारत में अपने ऑपरेशन शुरू किए हैं। इससे छात्रों को इंटरनेशनल एजुकेशन, AI, डेटा साइंस और बिजनेस कोर्स का लाभ मिलेगा। यह संस्थान स्टडी अब्रॉड और प्रोफेशनल स्किल डेवलपमेंट पर फोकस करेगा।

बेंगलुरु: यूके आधारित प्रतिष्ठित शिक्षा संस्थान London School of Business and Finance (LSBF) ने भारत में अपने संचालन की आधिकारिक शुरुआत कर दी है। यह कदम संस्थान के अंतरराष्ट्रीय विस्तार का अब तक का सबसे बड़ा चरण माना जा रहा है। भारत में यह एंट्री ऐसे समय हुई है जब देश में उच्च शिक्षा और स्किल-आधारित प्रोफेशनल ट्रेनिंग की मांग तेजी से बढ़ रही है।

वैश्विक विस्तार की रणनीति और भारत का महत्व

LSBF पिछले एक दशक से लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने कैंपस और कार्यक्रमों का विस्तार कर रहा है। संस्थान ने 2011 में सिंगापुर में पहला विदेशी कैंपस शुरू किया, उसके बाद 2024 में कुआलालंपुर और 2025 में शंघाई में विस्तार किया। अब भारत को इस ग्लोबल ग्रोथ प्लान का सबसे अहम हिस्सा बनाया गया है। आने वाले समय में इंडोनेशिया में भी विस्तार की योजना है। भारत को शामिल करने का मुख्य कारण यहां की बड़ी युवा आबादी और तेजी से बढ़ता शिक्षा बाजार माना जा रहा है।

40,000 से अधिक छात्रों का वैश्विक नेटवर्क

LSBF के अनुसार, संस्थान का अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क दुनिया भर में 40,000 से अधिक छात्रों को शिक्षा प्रदान करता है। इसके अलावा संस्थान ने अपने अकादमिक पार्टनर नेटवर्क को भी मजबूत किया है, जिसमें पहले केवल दो साझेदार थे, जो अब बढ़कर सात वैश्विक विश्वविद्यालयों तक पहुंच चुके हैं। यह विस्तार LSBF की वैश्विक शिक्षा प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाता है और इसे विभिन्न देशों में मान्यता प्राप्त कार्यक्रम उपलब्ध कराने में सक्षम बनाता है।

भारत के लिए दो प्रमुख शिक्षा मॉडल

LSBF India ने अपने संचालन को दो प्रमुख वर्टिकल में विभाजित किया है। पहला वर्टिकल “Study Abroad” मॉडल है, जिसके तहत भारतीय छात्रों को सिंगापुर और कुआलालंपुर स्थित LSBF कैंपस में पढ़ाई के लिए मार्गदर्शन दिया जाएगा। इसमें एडमिशन काउंसलिंग, कोर्स चयन, अंतरराष्ट्रीय योग्यता और विदेश में शिक्षा के अवसरों से जुड़ी पूरी प्रक्रिया शामिल होगी।

दूसरा वर्टिकल एडटेक और प्रोफेशनल अपस्किलिंग पर आधारित है, जिसमें डेटा साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल टेक्नोलॉजी जैसे आधुनिक क्षेत्रों में ऑनलाइन और हाइब्रिड कोर्स उपलब्ध कराए जाएंगे। यह मॉडल छात्रों और कामकाजी पेशेवरों दोनों के लिए डिजाइन किया गया है ताकि वे बदलते रोजगार बाजार में खुद को अपडेट कर सकें।

शैक्षणिक कार्यक्रम और इंडस्ट्री फोकस

LSBF ने अपने शैक्षणिक पोर्टफोलियो को वैश्विक उद्योग की जरूरतों के अनुसार तैयार किया है। इसमें बिजनेस मैनेजमेंट, फाइनेंस, डेटा साइंस, AI, साइबर सिक्योरिटी, टेक्नोलॉजी, साइकोलॉजी, बायोमेडिसिन और हेल्थ सर्विसेज जैसे क्षेत्र शामिल हैं। संस्थान का उद्देश्य छात्रों को केवल डिग्री नहीं बल्कि इंडस्ट्री-रेडी स्किल्स प्रदान करना है, जिससे वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के लिए तैयार हो सकें।

भारत को चुनने के पीछे रणनीतिक कारण

LSBF के ग्लोबल CEO रथकृष्णन गोविंद ने कहा कि भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते शिक्षा बाजारों में से एक है। यहां युवा आबादी बहुत बड़ी है और वैश्विक स्तर की शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट की मांग लगातार बढ़ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय छात्र अंतरराष्ट्रीय अवसरों के प्रति बेहद महत्वाकांक्षी और जागरूक हैं, इसलिए भारत LSBF की वैश्विक रणनीति का एक स्वाभाविक केंद्र है।

स्टूडेंट सपोर्ट और करियर डेवलपमेंट सिस्टम

LSBF India छात्रों के लिए एंड-टू-एंड सपोर्ट सिस्टम भी उपलब्ध कराएगा। इसमें एडमिशन गाइडेंस, स्टडी अब्रॉड काउंसलिंग, स्कॉलरशिप सहायता और करियर डेवलपमेंट प्रोग्राम शामिल हैं। संस्थान का लक्ष्य केवल शिक्षा देना नहीं, बल्कि छात्रों को शिक्षा से रोजगार तक का पूरा मार्ग प्रदान करना है, ताकि वे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें।

भारत में एडटेक सेक्टर पर प्रभाव

LSBF जैसे अंतरराष्ट्रीय संस्थान का भारत में प्रवेश देश के एडटेक सेक्टर के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे ऑनलाइन और हाइब्रिड शिक्षा मॉडल को और बढ़ावा मिलेगा। विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी और डेटा साइंस जैसे क्षेत्रों में स्किल डेवलपमेंट को नई गति मिलने की उम्मीद है।

वैश्विक शिक्षा में भारत की बढ़ती भूमिका

भारत अब वैश्विक शिक्षा उद्योग में एक प्रमुख बाजार के रूप में उभर रहा है। डिजिटल शिक्षा, ऑनलाइन कोर्स और इंटरनेशनल डिग्री प्रोग्राम की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में LSBF का प्रवेश इस बात का संकेत है कि अंतरराष्ट्रीय संस्थान भारत को भविष्य के सबसे बड़े शिक्षा केंद्रों में से एक मान रहे हैं।

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