लखनऊ में इन दिनों राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के प्रवास को लेकर राजनीतिक हलचल तेज है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के बाद अब प्रदेश के दोनों डिप्टी मुख्यमंत्री—ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य—ने भी संघ प्रमुख से भेंट की। यह मुलाकात राजनीतिक और संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
जानकारी के अनुसार, डिप्टी CM ब्रजेश पाठक एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां बटुकों की पूजा का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद वे संघ प्रमुख मोहन भागवत से मिलने पहुंचे। कुछ देर बाद डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्य भी वहां पहुंचे और संघ प्रमुख से मुलाकात की।
सूत्रों का कहना है कि यह मुलाकात शिष्टाचार भेंट के रूप में हुई, लेकिन इसे व्यापक राजनीतिक संदर्भ में भी देखा जा रहा है। संघ प्रमुख का प्रदेश प्रवास संगठनात्मक दृष्टि से अहम माना जाता है, क्योंकि इस दौरान वे विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और वैचारिक कार्यक्रमों में भाग लेते हैं और कार्यकर्ताओं से संवाद करते हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रदेश की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों, संगठनात्मक गतिविधियों और आगामी चुनावी रणनीति को लेकर भी चर्चा हो सकती है। हालांकि बैठक के एजेंडे को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मुलाकात के तुरंत बाद दोनों डिप्टी CM की उपस्थिति ने राजनीतिक हलकों में अटकलों को जन्म दिया है। इसे सरकार और संगठन के बीच समन्वय की प्रक्रिया के रूप में भी देखा जा रहा है।
संघ प्रमुख मोहन भागवत का लखनऊ दौरा कई मायनों में महत्वपूर्ण है। उनके प्रवास के दौरान विभिन्न कार्यक्रमों और बैठकों का आयोजन किया जा रहा है। संघ और भाजपा के बीच वैचारिक तालमेल को लेकर भी यह मुलाकात अहम मानी जा रही है।
फिलहाल इस मुलाकात को औपचारिक बताया जा रहा है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर चर्चा जारी है। आने वाले दिनों में इसके संभावित असर को लेकर भी कयास लगाए जा रहे हैं।










