माघ पूर्णिमा पर राजघाट गंगा किनारा श्रद्धालुओं से भरा रहा। दूर-दराज के क्षेत्रों से ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य साधनों में आए भक्तों ने ब्रह्म मुहूर्त में विधिवत स्नान किया। पुलिस ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित रखा।
भक्तों का उमड़ा जनसैलाब
माघ पूर्णिमा के पावन दिन मुरादाबाद के राजघाट गंगा तट पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली। सुबह चार बजे से भक्त गंगा स्नान के लिए घाट पर पहुंचने लगे और देखते ही देखते घाट श्रद्धालुओं से भर गया। दूर-दराज के क्षेत्रों जैसे मुरादाबाद का बिलारी, बरेली क्षेत्र और बदायूं के बिल्सी व बिसौली से लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली, बस और अन्य वाहनों में आकर रात में ही घाट पर ठहर गए।
भक्त सुबह ब्रह्म मुहूर्त में विधिवत स्नान करते नजर आए। माघ मास में प्रतिदिन स्नान करने वाले श्रद्धालु इस दिन को विशेष फलदायी मानते हैं।
आस्था की डुबकी और पूजा-अर्चना
गंगा तट पर हर-हर गंगे और हर-हर महादेव के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने केवल स्नान ही नहीं किया, बल्कि गंगा में आचमन कर पूजा-अर्चना की और मनोकामनाओं की प्रार्थना की। महिला श्रद्धालुओं की संख्या इस दिन विशेष रूप से अधिक रही।

भक्त अपने मन की शांति और आध्यात्मिक अनुभव के लिए भजन, कीर्तन और मंत्रोच्चारण करते हुए घाट पर मौजूद रहे।
सुरक्षा और यातायात व्यवस्था
आगरा-मुरादाबाद नेशनल हाईवे पर भी श्रद्धालुओं के वाहनों का लंबा काफिला चलता रहा। बबराला से राजघाट मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए विशेष इंतजाम किए।
विभिन्न बिंदुओं पर वाहनों को रोककर व्यवस्थित पार्किंग कराई गई, ताकि भीड़ में कोई अव्यवस्था न हो। घाट पर स्नानार्थियों के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई थी, जिससे भक्तों ने सुरक्षित और शांतिपूर्ण माहौल में आस्था की डुबकी लगाई।
भजन-कीर्तन और श्रद्धा का माहौल
गंगा घाट पर पहुंचने वाले कई श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए आए। इससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक और भक्ति का माहौल बना रहा। भक्तों ने गंगा तट पर बैठकर शांति और श्रद्धा के साथ माघ पूर्णिमा का पर्व मनाया।
आस्था और विश्वास के इस पावन अवसर पर राजघाट गंगा तट श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक केंद्र बनकर उभरा। प्रशासन की व्यवस्था और भक्तों की अनुशासनप्रियता ने इस पर्व को सफल और शांतिपूर्ण बनाया।










