ब्रिटेन में दो ईरानी नागरिकों पर मैनचेस्टर के यहूदी समुदाय को निशाना बनाने की कथित आतंकी साजिश का आरोप लगा है। अभियोजन के अनुसार उन्होंने क्लोरीन बम बनाने के निर्देश हासिल किए और संभावित ठिकानों की निगरानी की। दोनों को हिरासत में भेजा गया है।
मैनचेस्टर: ब्रिटेन के मैनचेस्टर में यहूदी समुदाय को निशाना बनाने की कथित आतंकी साजिश के मामले में दो ईरानी नागरिकों पर आतंकवाद से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं। अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि दोनों पर घर में बनाए जा सकने वाले विस्फोटक उपकरण के जरिए यहूदी समुदाय को निशाना बनाने की तैयारी करने का आरोप है।
दो ईरानी नागरिकों पर आतंकवाद के आरोप
सालफोर्ड निवासी 34 वर्षीय रहमान सालेही और लिवरपूल निवासी 36 वर्षीय सलाम अहमदयान को वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट्स कोर्ट में पेश किया गया। दोनों पर 20 सितंबर या उससे पहले आतंकवादी कृत्य की तैयारी करने या किसी अन्य व्यक्ति को आतंकवादी कृत्य करने में मदद करने का आरोप लगाया गया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, दोनों ने मैनचेस्टर में यहूदी समुदाय से जुड़े संभावित ठिकानों की कथित तौर पर निगरानी की थी। जिन स्थानों पर उनकी नजर होने का आरोप है, उनमें हीटन पार्क सिनेगॉग भी शामिल है। इसी सिनेगॉग पर 2 अक्टूबर 2025 को हमला हुआ था।
दोनों आरोपियों को योम किप्पुर की पूर्व संध्या पर मैनचेस्टर के नॉर्दर्न क्वार्टर इलाके से गिरफ्तार किया गया था। योम किप्पुर यहूदी कैलेंडर का सबसे पवित्र दिन माना जाता है।
घर में बनाए जाने वाले बम की तैयारी का आरोप
मेट्रोपॉलिटन पुलिस के अनुसार, जांच में आरोप लगाया गया है कि दोनों ने क्लोरीन बम बनाने के निर्देश हासिल किए थे। इसके अलावा उन्होंने कथित तौर पर विस्फोटक उपकरण तैयार करने के लिए तरल पदार्थ और अन्य जरूरी सामग्री भी जुटाई।
पुलिस का आरोप है कि दोनों ने इंटरनेट का इस्तेमाल संभावित लक्ष्यों की पहचान और उनकी जानकारी जुटाने के लिए किया। उन्होंने कथित तौर पर संभावित ठिकानों की तस्वीरें, नक्शे और योजनाएं भी हासिल कीं।
अभियोजन पक्ष का कहना है कि यह गतिविधियां महज जानकारी जुटाने तक सीमित नहीं थीं, बल्कि कथित तौर पर आतंकवादी हमले की तैयारी का हिस्सा थीं।
यहूदी संग्रहालय और हीटन पार्क सिनेगॉग पर नजर
अभियोजक मार्क लकेट ने अदालत में कहा कि दोनों आरोपियों पर मैनचेस्टर के यहूदी समुदाय को घर में बनाए गए विस्फोटक उपकरण के जरिए निशाना बनाने की तैयारी करने का आरोप है।
उन्होंने कहा कि अभियोजन पक्ष के मुताबिक दोनों ने मैनचेस्टर के यहूदी समुदाय के बीच “शत्रुतापूर्ण निगरानी” की। संभावित लक्ष्यों में यहूदी संग्रहालय और हीटन पार्क सिनेगॉग जैसे स्थान शामिल थे।
अदालत को बताया गया कि आरोपियों की गतिविधियों की जांच के दौरान लिवरपूल की एपवर्थ स्ट्रीट और सालफोर्ड की लैंकेस्टर रोड स्थित कुछ पतों पर भी तलाशी ली गई।
हीटन पार्क सिनेगॉग हमले की पृष्ठभूमि
हीटन पार्क सिनेगॉग पर पिछले साल योम किप्पुर की धार्मिक सभा के दौरान हमला हुआ था। उस हमले में दो ब्रिटिश यहूदियों की मौत हो गई थी। मृतकों में 66 वर्षीय मेल्विन क्रावित्ज और 53 वर्षीय एड्रियन डॉलब्बी शामिल थे। हमले के दौरान 35 वर्षीय जिहाद अल-शामी ने कथित तौर पर हीटन पार्क हिब्रू सिनेगॉग के गेट से वाहन टकराया और लोगों पर चाकू से हमला किया। उसके शरीर पर नकली आत्मघाती बेल्ट भी थी। इस हमले की पहली बरसी के दौरान सामने आई नई गिरफ्तारी और आरोपों ने मैनचेस्टर के यहूदी समुदाय में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

ईरान में बैठे व्यक्ति से संपर्क का आरोप
वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट्स कोर्ट को बताया गया कि दोनों आरोपियों को कथित तौर पर किसी अन्य ईरानी व्यक्ति ने निर्देश और समन्वय उपलब्ध कराया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह व्यक्ति संभवतः ईरान में रहकर गतिविधियों का संचालन कर रहा था। हालांकि, यह आरोप अभी अदालत में विचाराधीन हैं और दोनों आरोपियों के खिलाफ लगाए गए दावों का न्यायिक परीक्षण होना बाकी है। जांच एजेंसियां कथित नेटवर्क और विदेश में मौजूद संभावित संपर्कों की भूमिका की भी जांच कर रही हैं।
दोनों आरोपी छोटी नाव से ब्रिटेन पहुंचे थे
अदालत को बताया गया कि दोनों आरोपी अलग-अलग समय पर छोटी नाव के जरिए ब्रिटेन पहुंचे थे। रहमान सालेही 2020 में छोटी नाव के जरिए ब्रिटेन आया था। अदालत को बताया गया कि इससे पहले उसने जर्मनी में शरण का दावा किया था और वहां करीब पांच साल रहा था। उसे 2023 में ब्रिटेन में शरण दी गई और फिलहाल उसके पास जुलाई 2028 तक ब्रिटेन में रहने की अनुमति है।
दूसरे आरोपी सलाम अहमदयान के बारे में अदालत को बताया गया कि वह 2023 में छोटी नाव के जरिए ब्रिटेन पहुंचा था। उसका शरण संबंधी आवेदन अभी लंबित है।
अदालत में अनुवादकों की मदद से जवाब दिया
दोनों आरोपी ग्रे रंग के ट्रैकसूट पहनकर अदालत में पेश हुए। उन्होंने अपने नाम, जन्मतिथि और पते की पुष्टि करने के लिए ही अदालत में बात की। रहमान सालेही ने कुर्दी भाषा के अनुवादक के माध्यम से और सलाम अहमदयान ने फारसी भाषा के अनुवादक की मदद से अदालत की कार्यवाही में जवाब दिया। जिला न्यायाधीश नीना टेम्पिया ने दोनों आरोपियों को हिरासत में भेज दिया है। उन्हें 23 अक्टूबर को लंदन स्थित ओल्ड बेलीअदालत में पेश किया जाएगा।
गृह मंत्री ने जताई चिंता
ब्रिटेन की गृह मंत्री शबाना महमूद ने दोनों ईरानी नागरिकों के खिलाफ आरोप लगाए जाने की खबर को मैनचेस्टर के यहूदी समुदाय के लिए “बेहद परेशान करने वाली” बताया। उन्होंने यह बयान ऐसे समय दिया जब शहर हीटन पार्क सिनेगॉग हमले की पहली बरसी मना रहा था।
गृह मंत्री ने कहा कि दोनों संदिग्धों का कई साल पहले छोटी नाव के जरिए ब्रिटेन पहुंचना अवैध प्रवासन से निपटने के प्रयासों के महत्व की याद दिलाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार यहूदी समुदायों की सुरक्षा के लिए लगातार प्रयास करती रहेगी, देश में यहूदी-विरोधी भावना को खत्म करने के लिए कार्रवाई करेगी और सीमा सुरक्षा बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध रहेगी।
जांच अभी जारी
दोनों आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप गंभीर हैं, लेकिन अदालत में आरोप सिद्ध होना अभी बाकी है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां कथित बम बनाने की तैयारी, संभावित लक्ष्यों की निगरानी और कथित विदेशी संपर्कों से जुड़े पहलुओं की जांच जारी रखे हुए हैं।
मैनचेस्टर में यहूदी समुदाय की सुरक्षा का मुद्दा पहले से ही संवेदनशील है, खासकर हीटन पार्क सिनेगॉग हमले के बाद। ऐसे में नई आतंकी साजिश के आरोपों ने ब्रिटेन में आतंकवाद, यहूदी-विरोधी हिंसा और सीमा सुरक्षा को लेकर बहस को फिर तेज कर दिया है।










