मणिपुर के मोरेह में भारत-म्यांमार सीमा के पास हथियारों का जखीरा बरामद, संयुक्त अभियान में विस्फोटक भी मिले

मणिपुर में भारत-म्यांमार सीमा के पास सुरक्षा बलों ने संयुक्त अभियान चलाकर हथियार, गोला-बारूद, संचार उपकरण और विस्फोटक बरामद। कार्रवाई सूचना के आधार पर हुई।

मणिपुर के मोरेह में भारत-म्यांमार सीमा के पास सुरक्षा बलों ने संयुक्त अभियान चलाकर हथियार, गोला-बारूद, संचार उपकरण और विस्फोटक बरामद किए। कार्रवाई खुफिया सूचना के आधार पर हुई। बरामद सामग्री को कब्जे में लेकर सुरक्षा एजेंसियां आगे की जांच कर रही हैं।

मोरेह: मणिपुर के मोरेह में भारत-म्यांमार अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस और असम राइफल्स की संयुक्त टीम ने सीमा से सटे वन क्षेत्र में छिपाकर रखे गए हथियारों, गोला-बारूद, संचार उपकरण और विस्फोटक सामग्री का एक बड़ा जखीरा बरामद किया है। यह कार्रवाई गुरुवार, 20 अगस्त 2026 को विशेष खुफिया सूचना के आधार पर की गई। अधिकारियों के अनुसार, मोरेह पुलिस स्टेशन और 36 असम राइफल्स के जवानों ने संयुक्त रूप से अभियान चलाया। सुरक्षा टीम को सूचना मिली थी कि भारत-म्यांमार सीमा के पास जंगल वाले इलाके में हथियार और अन्य संदिग्ध सामग्री छिपाकर रखी गई है। सूचना की पुष्टि के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया।

बॉर्डर पिलर 73 के पास चला सर्च ऑपरेशन

संयुक्त टीम ने मोरेह के बॉर्डर पिलर यानी BP-73 के आसपास के क्षेत्र को अभियान के लिए चुना। यह इलाका भारत-म्यांमार सीमा की संवेदनशील पट्टी में आता है। घने जंगल और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच सुरक्षा कर्मियों ने इलाके की तलाशी ली।

अभियान के दौरान जवानों को जमीन और आसपास के छिपे हुए स्थानों से हथियार तथा अन्य सैन्य उपयोग की सामग्री बरामद हुई। बरामदगी के बाद पूरे इलाके की अतिरिक्त तलाशी ली गई, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वहां कोई अन्य हथियार या विस्फोटक सामग्री मौजूद न हो।

कई तरह की राइफल और पिस्तौल बरामद

सुरक्षा बलों के अनुसार, बरामद सामग्री में कई प्रकार के हथियार शामिल हैं। तलाशी के दौरान एक M15 राइफल और उसकी मैगजीन, एक MA G3 राइफल और उसकी मैगजीन तथा एक देशी पिस्तौल बरामद की गई।

इसके अलावा छह सिंगल-बैरल हथियार, दो देशी राइफल और एक .22 राइफल भी बरामद हुई। हथियारों की यह बरामदगी सुरक्षा एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इससे सीमा क्षेत्र में सक्रिय अवैध हथियारों के नेटवर्क की संभावित मौजूदगी को लेकर जांच का दायरा बढ़ सकता है।

हालांकि, शुरुआती बरामदगी के आधार पर यह स्पष्ट नहीं है कि इन हथियारों को किस संगठन या व्यक्ति ने वहां छिपाया था। सुरक्षा एजेंसियां अब इसी दिशा में जांच आगे बढ़ा रही हैं।

10 रेडियो सेट और ड्रोन से जुड़ी सामग्री मिली

हथियारों के साथ सुरक्षा बलों को संचार उपकरण भी मिले हैं। तलाशी अभियान में कुल 10 रेडियो सेट बरामद किए गए। ऐसे उपकरणों का इस्तेमाल दूर-दराज के इलाकों में आपसी संचार के लिए किया जा सकता है।

इसके अलावा सुरक्षा टीम को पांच ड्रोन बम भी मिले हैं। ड्रोन आधारित हथियारों और विस्फोटक सामग्री की मौजूदगी ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ाई है। सीमा क्षेत्र में ड्रोन तकनीक के संभावित इस्तेमाल को देखते हुए जांच अधिकारी बरामद उपकरणों की प्रकृति और संभावित उपयोग का पता लगाने में जुटे हैं।

पांच IED और अन्य विस्फोटक सामग्री भी जब्त

संयुक्त अभियान के दौरान पांच इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस यानी IED भी बरामद किए गए। इसके अलावा दो ग्रेनेड और पांच जिंदा कारतूस मिले हैं।

सुरक्षा बलों को एक आंसू गैस गन तथा आंसू गैस के 17 राउंड भी मिले। तलाशी के दौरान दो BP जैकेट भी बरामद की गईं। बरामद सभी संदिग्ध और संवेदनशील सामग्री को सुरक्षा एजेंसियों ने अपने कब्जे में ले लिया है।

विस्फोटक सामग्री मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि क्या इसे किसी संभावित हिंसक गतिविधि के लिए जमा किया गया था या किसी अन्य उद्देश्य से सीमा क्षेत्र में छिपाया गया था।

हथियारों के स्रोत का पता लगाने की कोशिश

बरामदगी के बाद जांच का मुख्य फोकस हथियारों और विस्फोटक सामग्री के स्रोत का पता लगाना है। एजेंसियां यह जानने का प्रयास कर रही हैं कि हथियारों को सीमा क्षेत्र तक कैसे पहुंचाया गया और इन्हें जंगल में किसने छिपाया।

भारत-म्यांमार सीमा की भौगोलिक स्थिति सुरक्षा के लिहाज से चुनौतीपूर्ण है। सीमा के आसपास कई दुर्गम और वन क्षेत्र हैं, जिसके कारण सुरक्षा एजेंसियों को अवैध गतिविधियों पर लगातार नजर रखनी पड़ती है। ऐसे में इस तरह की बरामदगी सीमा सुरक्षा और खुफिया तंत्र के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।

सुरक्षा एजेंसियों ने बढ़ाई निगरानी

हथियारों और विस्फोटक सामग्री की बरामदगी के बाद मोरेह तथा आसपास के सीमा क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाए जाने की संभावना है। सुरक्षा एजेंसियां बरामद सामग्री की फोरेंसिक और तकनीकी जांच के जरिए उसके इस्तेमाल और संभावित नेटवर्क से जुड़े सुराग जुटा सकती हैं।

जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि बरामद रेडियो सेट और अन्य उपकरणों का इस्तेमाल किन लोगों के बीच संचार के लिए किया जाता था। इसके साथ ही ड्रोन से जुड़ी सामग्री की भी तकनीकी जांच की जाएगी।

आगे की जांच जारी

सुरक्षा बलों ने बरामद हथियारों, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री को कब्जे में ले लिया है। मामले में आगे की जांच जारी है। फिलहाल किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी या किसी संगठन की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

इस कार्रवाई से एक बार फिर भारत-म्यांमार सीमा पर सुरक्षा चुनौतियों और अवैध हथियारों की आवाजाही पर ध्यान गया है। सुरक्षा एजेंसियां बरामदगी से मिले सुरागों के आधार पर यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस हथियारों के जखीरे के पीछे कौन लोग या नेटवर्क सक्रिय थे।

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