मणिपुर में सुरक्षा बलों ने प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों के दो सक्रिय कैडरों को अलग-अलग अभियानों में गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों का संबंध KCP (PWG) और RPF/PLA संगठनों से है। दोनों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
इम्फाल: मणिपुर में सुरक्षा बलों ने उग्रवादी संगठनों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। अधिकारियों के अनुसार, 5 अगस्त को किए गए दो अलग-अलग अभियानों में प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े दो सक्रिय कैडरों को गिरफ्तार किया गया। सुरक्षा एजेंसियों ने बताया कि गिरफ्तार किए गए दोनों व्यक्तियों के संबंध प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों से बताए जा रहे हैं। इनमें से एक आरोपी का संबंध कांगलीपाक कम्युनिस्ट पार्टी (प्रोग्रेसिव वॉर ग्रुप) यानी KCP (PWG) से है, जबकि दूसरा रिवोल्यूशनरी पीपुल्स फ्रंट/पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (RPF/PLA) से जुड़ा बताया गया है।
बिष्णुपुर जिले में KCP (PWG) कैडर गिरफ्तार
पहले अभियान में सुरक्षा बलों ने KCP (PWG) के सक्रिय कैडर मोइरांगथेम रमेश सिंह उर्फ लिंगाकपा को गिरफ्तार किया। अधिकारियों के मुताबिक आरोपी की उम्र 29 वर्ष है और वह मणिपुर के बिष्णुपुर जिले के मोइरांग खुनोउ माखा लीकाई क्षेत्र का रहने वाला है। सुरक्षा बलों ने उसे मोइरांग खुनोउ ब्लॉक लामखाई इलाके से पकड़ा। अधिकारियों का कहना है कि वह संगठन की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियां आरोपी से पूछताछ कर रही हैं ताकि संगठन की गतिविधियों, नेटवर्क और अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।
इंफाल पश्चिम में RPF/PLA सदस्य गिरफ्तार
दूसरे अभियान में सुरक्षा बलों ने RPF/PLA के सक्रिय कैडर थोकचोम डायमंड मेइती उर्फ तमथौबा को गिरफ्तार किया। अधिकारियों के अनुसार, 27 वर्षीय आरोपी काकचिंग जिले के सेराउ बाजार अवांग लीकाई इलाके का निवासी है। उसे इंफाल पश्चिम जिले के सागोलबंद खुराइजाम लीकाई क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। सुरक्षा बलों ने बताया कि दोनों अभियानों को खुफिया जानकारी के आधार पर अंजाम दिया गया। गिरफ्तारी के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
उग्रवाद के खिलाफ सुरक्षा अभियान जारी
मणिपुर में पिछले कुछ समय से सुरक्षा बल प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों के खिलाफ लगातार अभियान चला रहे हैं। राज्य में सक्रिय कई समूहों पर हिंसक गतिविधियों, जबरन वसूली और हथियारों से जुड़े मामलों में शामिल होने के आरोप लगते रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियां राज्य में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे अभियानों का उद्देश्य उग्रवादी नेटवर्क को कमजोर करना और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
जांच में जुटी सुरक्षा एजेंसियां
गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों से पूछताछ के दौरान उनके संगठन से जुड़े अन्य सदस्यों, हथियारों की आपूर्ति और संभावित योजनाओं के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि दोनों कैडर हाल के दिनों में किन गतिविधियों में शामिल रहे हैं। जांच के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।
मणिपुर में सुरक्षा स्थिति पर नजर
मणिपुर लंबे समय से सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है। राज्य में जातीय तनाव, उग्रवादी गतिविधियां और कानून व्यवस्था से जुड़े मुद्दे प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं। केंद्र और राज्य सरकार सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए विभिन्न कदम उठा रही हैं। इसके तहत सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाने, खुफिया नेटवर्क को मजबूत करने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने की रणनीति अपनाई जा रही है।
प्रतिबंधित संगठनों पर लगातार कार्रवाई
KCP (PWG) और RPF/PLA जैसे संगठनों को केंद्र सरकार ने प्रतिबंधित संगठनों की सूची में रखा है। सुरक्षा एजेंसियां समय-समय पर इनके सक्रिय सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई करती रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सक्रिय कैडरों की गिरफ्तारी से संगठनों की जमीनी गतिविधियों को प्रभावित किया जा सकता है। हालांकि, उग्रवादी नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए लगातार निगरानी और संयुक्त अभियान जरूरी हैं।










