मायावती ने लखनऊ से शुरू किया चुनावी अभियान, बोलीं- सत्ता की चाबी हासिल करना ही कांशीराम को सच्ची श्रद्धांजलि

मायावती ने UP, उत्तराखंड और पंजाब चुनाव की तैयारी का आह्वान किया। उन्होंने कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग दोहराई।

बसपा प्रमुख मायावती ने कांशीराम के 20वें परिनिर्वाण दिवस पर लखनऊ में कार्यकर्ताओं से उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब विधानसभा चुनावों की तैयारी में जुटने का आह्वान किया। उन्होंने बहुजन एकजुटता, सत्ता में भागीदारी और कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग दोहराई।

लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (BSP) की अध्यक्ष मायावती ने पार्टी संस्थापक कांशीराम के 20वें परिनिर्वाण दिवस पर आगामी विधानसभा चुनावों के लिए कार्यकर्ताओं को सक्रिय होने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि शोषित और वंचित समाज को सत्ता में भागीदारी दिलाना तथा उसे राजनीतिक रूप से मजबूत बनाना ही कांशीराम को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। मायावती ने उत्तर प्रदेश के साथ उत्तराखंड और पंजाब में चुनावी तैयारियों में जुटने और विरोधियों के कथित दुष्प्रचार से सतर्क रहने की अपील भी की।

सत्ता में भागीदारी को बताया बहुजन आंदोलन का लक्ष्य

लखनऊ स्थित बसपा के केंद्रीय कैंप कार्यालय में शुक्रवार को मायावती ने अपने भतीजे और पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ कांशीराम को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने बहुजन समाज की राजनीतिक ताकत बढ़ाने और पार्टी के संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया।

मायावती ने कहा कि कांशीराम ने उन्हें अपना उत्तराधिकारी बनाकर जो जिम्मेदारी सौंपी थी, उसे वह कमजोर नहीं पड़ने देंगी। उन्होंने बहुजन समाज को अपना असली परिवार बताते हुए पार्टी को परिवारवाद से दूर रखने का संकल्प भी दोहराया।

बसपा प्रमुख के मुताबिक, शोषित और वंचित वर्गों को सत्ता में प्रभावी भागीदारी दिलाने के लिए राजनीतिक शक्ति हासिल करना जरूरी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से इस लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध रहने और संगठन को मजबूत करने के लिए लगातार काम करने का आह्वान किया।

कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग दोहराई

मायावती ने कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग फिर उठाई। उन्होंने डॉ. भीमराव आंबेडकर को भारत रत्न दिए जाने का जिक्र करते हुए कांग्रेस सरकार पर उन्हें लंबे समय तक इस सम्मान से वंचित रखने का आरोप लगाया। उनके अनुसार, बसपा के मजबूत होने के बाद डॉ. आंबेडकर को यह सम्मान मिला था।

उन्होंने कार्यकर्ताओं से उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनावों को गंभीरता से लेने तथा पूरी मेहनत से तैयारी करने को कहा। मायावती ने जोर दिया कि बहुजन समाज को अपने मताधिकार के जरिए सत्ता में हिस्सेदारी हासिल करने के लिए संगठित होना होगा।

पार्टी के सामने अपने राजनीतिक आधार को मजबूत करने की चुनौती के बीच मायावती ने कांशीराम की विरासत और बहुजन एकजुटता को चुनावी रणनीति के केंद्र में रखा। लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बसपा कार्यकर्ता पहुंचे। इसके अलावा प्रदेश में मंडल स्तर और अन्य राज्यों में जोन स्तर पर भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम और गोष्ठियां आयोजित की गईं।

फेक न्यूज और दुष्प्रचार से सतर्क रहने की अपील

बसपा प्रमुख ने कार्यकर्ताओं को मीडिया, सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए फैलने वाली फेक न्यूज तथा कथित प्रायोजित प्रचार के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि विरोधी दलों की ओर से पार्टी का ध्यान चुनावी लक्ष्य से भटकाने की कोशिश हो सकती है। ऐसे में कार्यकर्ताओं को अपनी तैयारी और संगठन विस्तार पर ध्यान केंद्रित रखना चाहिए।

मायावती ने युवा पीढ़ी, खासकर जेन-जी और जेन-अल्फा की भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने युवाओं की ऊर्जा का उपयोग देश निर्माण और सामाजिक बदलाव के लिए करने पर जोर दिया।

कार्यक्रम के दौरान बसपा कार्यकर्ताओं ने पार्टी को मजबूत करने और आगामी चुनावों में सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ काम करने का संकल्प लिया। मायावती का संदेश पार्टी की राजनीतिक जमीन को मजबूत करने, बहुजन समाज को एकजुट रखने और सत्ता में भागीदारी बढ़ाने पर केंद्रित रहा।

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