प्री-मानसून बारिश में जलजमाव पर मेयर सख्त: अफसरों को चेतावनी- समय रहते सुधार करें, नहीं तो होगी कार्रवाई

प्री-मानसून बारिश के बाद जलजमाव को लेकर मेयर ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। समय रहते व्यवस्था सुधारने और लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
प्री-मानसून बारिश में जलजमाव पर मेयर सख्त: अफसरों को चेतावनी- समय रहते सुधार करें, नहीं तो होगी कार्रवाई
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गोरखपुर-प्री-मानसून बारिश शुरू होते ही शहर में जलजमाव की समस्या सामने आने लगी है। कई इलाकों में हल्की बारिश के बाद ही सड़कें पानी से भर गईं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए मेयर ने नगर निगम अधिकारियों और संबंधित विभागों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने साफ कहा कि समय रहते कमियां दूर की जाएं, वरना जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई तय होगी।

बारिश के बाद शहर के कई प्रमुख इलाकों में जलभराव की तस्वीरें सामने आईं। कुछ जगहों पर सड़कें तालाब जैसी दिखाई दीं, जबकि नालियों का पानी सड़क पर बहता नजर आया। लोगों को घंटों ट्रैफिक जाम और कीचड़ की समस्या झेलनी पड़ी।

मेयर ने अधिकारियों के साथ बैठक कर ड्रेनेज सिस्टम, नालों की सफाई और जलनिकासी व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि हर साल मानसून से पहले बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली बारिश में ही व्यवस्थाओं की पोल खुल जाती है। इस बार ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

नगर निगम की टीमों को संवेदनशील इलाकों की सूची तैयार करने और वहां तत्काल सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। खासकर उन क्षेत्रों पर फोकस करने को कहा गया है जहां हर साल बारिश के दौरान सबसे ज्यादा जलजमाव होता है।

मेयर ने यह भी कहा कि नालों की सफाई सिर्फ कागजों में नहीं बल्कि जमीन पर दिखाई देनी चाहिए। यदि किसी क्षेत्र में पानी भरने की शिकायत मिलती है तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

शहरवासियों का कहना है कि 

हल्की बारिश में भी सड़कें डूब जाना नगर निगम की तैयारियों पर सवाल खड़े करता है। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर जलभराव की तस्वीरें और वीडियो साझा कर नाराजगी जताई।

नगर निगम की टीमों ने कई इलाकों में मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पंपिंग सेट लगाकर पानी निकालने की कोशिश की गई। हालांकि कुछ जगहों पर पानी देर तक जमा रहने से लोगों को आने-जाने में परेशानी हुई।

स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि बारिश के बाद जलभराव से दुकानों तक ग्राहकों का पहुंचना मुश्किल हो जाता है। कई बार गंदा पानी दुकानों में घुस जाता है, जिससे नुकसान भी उठाना पड़ता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि शहरों में तेजी से बढ़ते कंक्रीट निर्माण और खराब ड्रेनेज सिस्टम की वजह से जलभराव की समस्या गंभीर होती जा रही है। यदि समय रहते नालों और सीवर लाइनों की सफाई न हो तो मानसून के दौरान हालात और बिगड़ सकते हैं।

मेयर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मानसून शुरू होने से पहले सभी प्रमुख नालों की सफाई पूरी कर ली जाए। जहां जरूरत हो वहां अतिरिक्त मशीनें और कर्मचारी लगाए जाएं।

बैठक में यह भी कहा गया कि जिन इलाकों में सड़क निर्माण या सीवर लाइन का काम चल रहा है, वहां विशेष निगरानी रखी जाए ताकि बारिश के दौरान लोगों को परेशानी न हो।

प्रशासन ने लोगों से भी अपील की है कि वे नालियों और सड़कों पर कूड़ा न फेंकें। प्लास्टिक और अन्य कचरे के कारण जलनिकासी बाधित होती है और पानी जमा होने की समस्या बढ़ जाती है।

बारिश के बाद कई इलाकों में मच्छरों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई गई है। स्वास्थ्य विभाग को फॉगिंग और सफाई अभियान तेज करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि बीमारियों का खतरा कम किया जा सके।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों में कई सड़कों पर घुटनों तक पानी भरा दिखाई दिया। कुछ जगह लोग पानी में वाहन धकेलते नजर आए। इन तस्वीरों के बाद नगर निगम की तैयारियों पर सवाल उठने लगे।

मेयर ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि इस बार जनता को परेशानी नहीं होनी चाहिए। यदि किसी क्षेत्र में लापरवाही मिली तो सीधे कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल शहर में मानसून से पहले तैयारियों को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। नगर निगम का दावा है कि इस बार जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए विशेष प्लान तैयार किया गया है, लेकिन असली परीक्षा आने वाली बारिश में होगी।

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