एमसीडी की स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने वर्ष 2026-27 का बजट पूरी तरह चुनावी अंदाज में पेश किया। बजट भाषण के दौरान उन्होंने विकास योजनाओं और वित्तीय सुधारों पर जोर देने के साथ-साथ सवा दो साल तक एमसीडी में शासन करने वाली आम आदमी पार्टी पर तीखा हमला बोला।
नई दिल्ली: दिल्ली नगर निगम (MCD) की स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए इसे पूरी तरह चुनावी रंग में ढाल दिया। बजट भाषण के दौरान जहां एक ओर वित्तीय सुधारों, विकास योजनाओं और प्रशासनिक मजबूती पर जोर दिया गया, वहीं दूसरी ओर उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) पर तीखा राजनीतिक हमला भी बोला।
सत्या शर्मा ने कहा कि बीते ढाई वर्षों तक एमसीडी में शासन करने वाली आम आदमी पार्टी अपने चुनावी वादों को पूरा करने में पूरी तरह विफल रही और जनता को केवल भ्रमित किया गया।
AAP की 10 गारंटियां सिर्फ जुमले बनकर रह गईं
अपने भाषण में सत्या शर्मा ने कहा कि एमसीडी चुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी ने 10 गारंटियां दी थीं, लेकिन निगम में सत्ता संभालने के बाद एक भी गारंटी को जमीन पर लागू नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि AAP के कार्यकाल में:
- निगम की वित्तीय स्थिति और बिगड़ी,
- सफाई व्यवस्था में कोई ठोस सुधार नहीं हुआ,
- स्वास्थ्य सेवाएं और बुनियादी ढांचा उपेक्षित रहे।
इसके उलट, भाजपा सरकार ने सत्ता संभालते ही 100 दिनों के भीतर 12 में से 3 प्रमुख वादों को पूरा कर दिखाया, जो उसकी कार्यक्षमता और नीयत को दर्शाता है।

वर्षों बाद मुनाफे का बजट, भाजपा का दावा
सत्या शर्मा ने कहा कि भाजपा ने एमसीडी की कमान संभालते ही आर्थिक संकट से उबारने की दिशा में ठोस कदम उठाए। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि, र्षों बाद एमसीडी ने मुनाफे का बजट पेश किया है। यह इस बात का प्रमाण है कि भाजपा सिर्फ घोषणाएं नहीं करती, बल्कि उन्हें अमल में भी लाती है। उनके अनुसार यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि एमसीडी का फ्यूचर रोडमैप, विजन और मिशन है।
हालांकि एमसीडी के अगले चुनाव 2027 में प्रस्तावित हैं, लेकिन जिस तरह से बजट में घोषणाएं, योजनाएं और राजनीतिक तेवर देखने को मिले, उसने इसे साफ तौर पर चुनावी बजट का रूप दे दिया। बजट में लगभग हर वर्ग को साधने की कोशिश नजर आई, जिनमें शामिल हैं:
- सफाई व्यवस्था और कूड़ा प्रबंधन
- वायु प्रदूषण नियंत्रण
- पार्किंग की समस्या का समाधान
- पार्कों और हरित क्षेत्रों का विकास
- एमसीडी कर्मचारियों के हित
- पार्षदों की सुविधाएं
- ग्रामीण क्षेत्रों के लिए विशेष प्रावधान
इन योजनाओं के जरिए भाजपा ने शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत करने का प्रयास किया है।
“घोषणाएं नहीं, समयबद्ध क्रियान्वयन होगा”
सत्या शर्मा ने भरोसा दिलाया कि बजट में की गई घोषणाएं कागजी नहीं रहेंगी। उन्होंने कहा कि सभी योजनाओं को समयबद्ध और चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। उनके मुताबिक, भाजपा की प्राथमिकता है कि एमसीडी को:
- आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जाए,
- प्रशासनिक रूप से सक्षम किया जाए,
- और नागरिक सेवाओं में पारदर्शिता लाई जाए
बजट भाषण के दौरान बार-बार आम आदमी पार्टी का नाम लेकर किए गए हमलों से यह साफ हो गया कि एमसीडी चुनाव की राजनीतिक जमीन अभी से तैयार की जा रही है।











