मध्य प्रदेश की राजनीति में 27 अप्रैल 2026 एक महत्वपूर्ण दिन बनने जा रहा है। राज्य विधानसभा का विशेष सत्र ‘नारी शक्ति वंदन’ विषय पर बुलाया गया है, जिसमें महिला सशक्तिकरण, महिला आरक्षण और संबंधित नीतियों पर विस्तृत चर्चा होगी।
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजनीति में 27 अप्रैल की तारीख अहम मानी जा रही है, क्योंकि Madhya Pradesh विधानसभा में “नारी शक्ति वंदन” से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए एक दिन का विशेष सत्र बुलाया गया है। Mohan Yadav के ऐलान के बाद विधानसभा सचिवालय की ओर से जारी नोटिफिकेशन के चलते प्रदेश की सियासत में हलचल तेज हो गई है।
इस विशेष सत्र में महिला केंद्रित नीतियों और प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। कार्यवाही दो सत्रों में आयोजित की जाएगी, जिसमें महिलाओं से जुड़े सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक सशक्तिकरण के मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। हालांकि, सदन में चर्चा शुरू होने से पहले ही यह मुद्दा राजनीतिक बहस और आरोप-प्रत्यारोप का केंद्र बनता दिख रहा है।
दो पालियों में चलेगा विधानसभा का विशेष सत्र
विधानसभा सचिवालय के अनुसार यह विशेष सत्र एक दिन के लिए आयोजित किया जाएगा और इसे दो भागों में विभाजित किया गया है।
- पहली पाली: सुबह 11:00 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक
- दूसरी पाली: दोपहर 3:00 बजे से शाम 5:30 बजे तक
सदन के सभी सदस्यों को संसदीय मर्यादा बनाए रखने और विचाराधीन मुद्दों पर अनावश्यक टिप्पणी से बचने के निर्देश दिए गए हैं।
महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित होगी बहस

इस विशेष सत्र का मुख्य एजेंडा ‘नारी शक्ति वंदन’ और महिला केंद्रित नीतियों पर चर्चा करना है। इसमें महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व, आरक्षण, सुरक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण जैसे मुद्दों पर बहस होने की संभावना है। सरकार का दावा है कि यह सत्र महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाली नीतियों को और मजबूत करने के उद्देश्य से बुलाया गया है।
सत्र शुरू होने से पहले ही राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भोपाल में जन आक्रोश रैली के जरिए अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस मौके पर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और कहा कि कांग्रेस ने हमेशा महिला आरक्षण जैसे मुद्दों का विरोध या मजाक उड़ाया है।
उन्होंने कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा के “लड़की हूं, लड़ सकती हूं” नारे पर तंज कसते हुए सवाल उठाया कि जब महिलाओं के अधिकारों की बात हो रही है, तो विपक्ष की चुप्पी क्यों है। मुख्यमंत्री ने कहा, “महिला सशक्तिकरण हमारे लिए केवल नारा नहीं, बल्कि एक ठोस संकल्प है। सरकार महिलाओं के जीवन में वास्तविक बदलाव लाने के लिए काम कर रही है।”
कांग्रेस का आरोप: यह राजनीतिक स्टंट है
दूसरी ओर, विपक्षी दल कांग्रेस ने इस विशेष सत्र को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह सत्र असल में राजनीतिक लाभ के लिए आयोजित किया गया है। कांग्रेस की महिला नेताओं शोभा ओझा और पुष्पा सिंह ने कहा कि सरकार ‘नारी शक्ति वंदन’ के नाम पर जनता को गुमराह कर रही है, जबकि वास्तविक मुद्दों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
कांग्रेस ने मांग की है कि महिला आरक्षण को बिना देरी के सभी 543 लोकसभा सीटों पर लागू किया जाए और इसके लिए परिसीमन और जनगणना का इंतजार न किया जाए।










