MEA Statement: नीरव मोदी को भारत लाने की प्रक्रिया पर विदेश मंत्रालय का बड़ा अपडेट

MEA Statement: विदेश मंत्रालय ने नीरव मोदी प्रत्यर्पण मामले पर बड़ा अपडेट देते हुए कहा कि उसे भारत लाने की प्रक्रिया ब्रिटेन में चल रही कानूनी कार्रवाई पूरी

विदेश मंत्रालय ने भगोड़े कारोबारी नीरव मोदी के प्रत्यर्पण को लेकर कहा है कि भारत इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है। मंत्रालय के अनुसार, ब्रिटेन में चल रही कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही नीरव मोदी को भारत लाने की कार्रवाई आगे बढ़ सकेगी।

नई दिल्ली: भारत सरकार ने भगोड़े कारोबारी नीरव मोदी के प्रत्यर्पण को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा है कि नीरव मोदी को भारत वापस लाने की प्रक्रिया ब्रिटेन में चल रही कानूनी कार्यवाही पूरी होने के बाद ही आगे बढ़ सकेगी। सरकार ने दोहराया है कि वह सभी आर्थिक अपराधियों और भगोड़ों को वापस लाकर उन्हें भारतीय कानून के तहत जवाबदेह बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, भारत इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और ब्रिटेन की न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रहा है। नीरव मोदी पंजाब नेशनल बैंक (PNB) से जुड़े हजारों करोड़ रुपये के कथित घोटाले में भारत में वांछित है और साल 2019 से ब्रिटेन की जेल में बंद है।

विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नीरव मोदी के प्रत्यर्पण मामले पर जानकारी देते हुए कहा कि ब्रिटेन में उसके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है। उन्होंने कहा कि वहां की न्यायिक प्रक्रिया समाप्त होने के बाद ही प्रत्यर्पण से जुड़ी आगे की कार्रवाई की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की नीति स्पष्ट है कि देश से बाहर जाकर कानून से बचने वाले सभी भगोड़ों को वापस लाया जाए और उन्हें भारतीय न्याय व्यवस्था का सामना करना पड़े।

MEA का यह बयान ब्रिटेन की पूर्व गृह मंत्री प्रीति पटेल के उस बयान के बाद आया, जिसमें उन्होंने नीरव मोदी के प्रत्यर्पण में देरी को लेकर टिप्पणी की थी। प्रीति पटेल ने दावा किया था कि भारत की ओर से ब्रिटेन में रह रहे कुछ अवैध प्रवासियों को वापस लेने के मुद्दे पर असहमति के कारण प्रत्यर्पण प्रक्रिया प्रभावित हुई। हालांकि, भारत सरकार ने स्पष्ट किया कि नीरव मोदी का मामला ब्रिटेन की न्यायिक प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है।

नीरव मोदी पर क्या हैं आरोप?

नीरव मोदी भारत के सबसे चर्चित आर्थिक अपराध मामलों में से एक का मुख्य आरोपी है। उस पर आरोप है कि उसने पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में हजारों करोड़ रुपये के घोटाले को अंजाम दिया। आरोपों के अनुसार, फर्जी दस्तावेजों और बैंकिंग प्रक्रियाओं का गलत इस्तेमाल कर बैंक से बड़ी रकम हासिल की गई। 

मामला सामने आने के बाद नीरव मोदी भारत छोड़कर विदेश चला गया था। भारतीय जांच एजेंसियां लंबे समय से उसके प्रत्यर्पण की कोशिश कर रही हैं ताकि उसे भारत लाकर मामले की सुनवाई पूरी की जा सके।

लंदन कोर्ट से लगा था बड़ा झटका

हाल ही में नीरव मोदी को ब्रिटेन की एक अदालत से बड़ा झटका लगा था। लंदन की सर्किट कमर्शियल कोर्ट ने उसे बैंक ऑफ इंडिया को 1.07 करोड़ डॉलर से अधिक की राशि चुकाने का आदेश दिया था। यह मामला नीरव मोदी की दुबई स्थित कंपनी को दिए गए कर्ज से संबंधित था। अदालत के इस फैसले को उसके खिलाफ चल रही कानूनी लड़ाई में महत्वपूर्ण माना गया।

नीरव मोदी फिलहाल अपने भारत प्रत्यर्पण को रोकने के लिए कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल कर रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, वह यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय (European Court of Human Rights) में भी कानूनी प्रयास कर रहा है। इससे पहले ब्रिटेन की अदालतों में भी उसने प्रत्यर्पण आदेश के खिलाफ कई दलीलें पेश की थीं। उसका पक्ष रहा है कि भारत भेजे जाने पर उसकी स्थिति प्रभावित हो सकती है, जबकि भारतीय एजेंसियां उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों को गंभीर आर्थिक अपराध मानती हैं।

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