मेरठ के हस्तिनापुर में दिल्ली पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे 22 वर्षीय नितिन नागर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। दोस्त के विवाद से जुड़े मामले में परिजनों ने शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया। आरोपी के घर बुलडोजर कार्रवाई शुरू हुई।
मेरठ: यूपी के मेरठ जिले के हस्तिनापुर में शुक्रवार शाम दिल्ली पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे 22 वर्षीय नितिन नागर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने शव गणेशपुर तिराहे पर रखकर जाम लगा दिया। परिवार आरोपियों की गिरफ्तारी, एनकाउंटर और उनके घर पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग कर रहा है। शनिवार को पुलिस की मौजूदगी में एक आरोपी के घर पर बुलडोजर एक्शन शुरू किया गया।
दो बाइकों पर पहुंचे छह हमलावर, युवक को मारी गोली
घटना शुक्रवार शाम करीब 6:30 बजे की बताई गई है। बहसूमा थाना क्षेत्र के माननगर गांव निवासी नितिन नागर अपने दोस्त प्रिंस डॉयला उर्फ मुकद्दम के साथ जंबूद्वीप नहर की ओर से दौड़ लगाने के बाद लौट रहा था। नितिन दिल्ली पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहा था और लिखित परीक्षा पास कर चुका था। उसका फिजिकल टेस्ट 3 अक्टूबर को होना था।
राजकीय बालिका इंटर कॉलेज के सामने दोनों बाइक से लौट रहे थे, तभी दो स्प्लेंडर बाइक पर छह युवक वहां पहुंचे। आरोप है कि हमलावरों ने नितिन को निशाना बनाकर फायरिंग शुरू कर दी। जान बचाने के लिए प्रिंस वहां से छिपकर निकल गया, जबकि नितिन भी भागने की कोशिश करने लगा।
इसी दौरान एक गोली नितिन की जांघ में लगी। वह सड़क पर गिर गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। पैर से काफी खून बहने के कारण उसकी हालत बिगड़ गई। फायरिंग के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए।
सीएचसी से मेरठ रेफर, इलाज के दौरान मौत
घटना की सूचना मिलते ही हस्तिनापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। राहगीरों की मदद से घायल नितिन को हस्तिनापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे मेरठ रेफर कर दिया।
परिजन उसे गंगानगर स्थित अप्सनोवा अस्पताल लेकर पहुंचे। हालांकि, इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों के अनुसार, अत्यधिक रक्तस्राव के कारण नितिन की जान गई।
बेटे की मौत की खबर मिलने के बाद उसके पिता सतीश कुमार की तबीयत भी बिगड़ गई। उन्हें देर रात अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिवार में नितिन इकलौता बेटा था। उसकी शादी करीब दो से चार महीने पहले हुई थी। हालांकि, उपलब्ध विवरण में शादी की अवधि को लेकर अलग-अलग जानकारी सामने आई है।
दोस्त के विवाद से जोड़कर देखी जा रही हत्या
पुलिस के अनुसार, नितिन के दोस्त प्रिंस उर्फ मुकद्दम का दो दिन पहले हस्तिनापुर में अपने पड़ोसी विवेक वर्धन उर्फ पिंकी चौधरी से रास्ते को लेकर विवाद हुआ था। दोनों पक्षों के बीच मारपीट भी हुई थी। बाद में पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया था।
परिजनों और घटनाक्रम से जुड़ी जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को इसी विवाद को लेकर पिंकी चौधरी के बड़े बेटे सत्य उर्फ मिठ्ठू ने अपने साथियों के साथ प्रिंस पर हमला किया। इस दौरान प्रिंस बच गया, लेकिन नितिन गोली का शिकार हो गया।
पुलिस अब इस घटना में शामिल आरोपियों की तलाश कर रही है। सत्य उर्फ मिठ्ठू को मुख्य आरोपी बताया जा रहा है। उसके पिता विवेक वर्धन उर्फ पिंकी चौधरी शिक्षा विभाग में क्लर्क बताए गए हैं।
शव सड़क पर रखकर करीब 500 लोगों ने लगाया जाम
नितिन की मौत के बाद पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजना चाहती थी, लेकिन परिजनों ने शव सौंपने से इनकार कर दिया। पुलिसकर्मी रातभर परिवार को समझाने की कोशिश करते रहे, लेकिन परिजन अपनी मांगों पर अड़े रहे।
शनिवार सुबह करीब 7 बजे नितिन के परिजनों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण गणेशपुर तिराहे पर पहुंच गए। करीब 500 लोगों ने सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया।
परिजनों का कहना था कि जब तक आरोपियों के घर पर बुलडोजर नहीं चलता और आरोपियों का एनकाउंटर नहीं होता, तब तक वे शव नहीं उठाएंगे। प्रदर्शन के चलते इलाके में तनाव की स्थिति बनी रही और पुलिस बल तैनात किया गया।

राज्यमंत्री दिनेश खटीक ने पहुंचकर लोगों को समझाया
मामले की जानकारी मिलने के बाद हस्तिनापुर के विधायक और राज्यमंत्री दिनेश खटीक मौके पर पहुंचे। एसपी देहात अभिजीत कुमार समेत पांच थानों की पुलिस फोर्स भी मौके पर मौजूद रही।
राज्यमंत्री ने प्रदर्शन कर रहे परिजनों और ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने हाथ जोड़कर लोगों को भरोसा दिलाया कि मामले में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
परिजन लगातार आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की।
आरोपी के घर पर शुरू हुआ बुलडोजर एक्शन
प्रदर्शन के बीच पुलिस आरोपी के घर पर बुलडोजर कार्रवाई के लिए पहुंची। मौके पर घर पर ताला लगा हुआ था और आरोपी का परिवार वारदात के बाद से फरार बताया गया।
बुलडोजर कार्रवाई शुरू होने से पहले ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि घर के अंदर एक गाय मौजूद है। इसके बाद बाहर से लगे ताले को पत्थर से तोड़कर गेट खोला गया और गाय को बाहर निकाला गया। इसके बाद आरोपी के मकान पर बुलडोजर कार्रवाई शुरू की गई।
मौके पर एसपी देहात अभिजीत कुमार सहित पांच थानों की पुलिस मौजूद रही। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।
दिल्ली पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहा था नितिन
नितिन के परिवार के मुताबिक, वह सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा था। दिल्ली पुलिस भर्ती परीक्षा में वह लिखित चरण पास कर चुका था और 3 अक्टूबर को उसका फिजिकल टेस्ट होना था।
वह रोज अपने दोस्त प्रिंस के साथ दौड़ लगाने जाता था। शुक्रवार को भी दोनों इसी तैयारी के तहत घर से निकले थे। लेकिन लौटते समय हुई फायरिंग में नितिन की जान चली गई।
नितिन के पिता सतीश कुमार खेती-किसानी करते हैं, जबकि उसकी छोटी बहन पीएचडी कर रही है। परिवार के लिए बेटे की हत्या ने पूरे घर को सदमे में डाल दिया है।
पुलिस जांच में हत्या की वजह और आरोपियों की भूमिका पर फोकस
फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। जांच का प्रमुख बिंदु नितिन के दोस्त प्रिंस और उसके पड़ोसी के बीच हुआ पुराना विवाद है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हमले में कौन-कौन लोग शामिल थे और गोली चलाने वाला कौन था।
घटना में छह हमलावरों के शामिल होने की बात सामने आई है। पुलिस उनकी पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। वहीं, परिजनों की मांग के बाद आरोपी के घर पर बुलडोजर कार्रवाई शुरू होने से मामला और चर्चा में आ गया है।
हालांकि, किसी आरोपी की भूमिका को अदालत में दोष सिद्ध होने से पहले अंतिम रूप से अपराध साबित नहीं माना जा सकता। पुलिस की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।











