कोलकाता में मेसी इवेंट के दौरान भारी भीड़ और VIP कल्चर के कारण अफरा-तफरी मच गई। असम CM हिमंता सरमा ने ममता बनर्जी और पुलिस प्रशासन की नाकामी पर सवाल उठाते हुए उनकी गिरफ्तारी की मांग की।
New Delhi: कोलकाता में फुटबॉलर लियोनेल मेसी के इवेंट के दौरान हुई अफरा-तफरी ने सियासी पारा बढ़ा दिया है। स्टेडियम में भारी भीड़ और VIP कल्चर के कारण दर्शक मेसी को देखने में असफल रहे। इस पर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए उनकी गिरफ्तारी की मांग की है। सरमा ने कहा कि बंगाल सरकार और पुलिस प्रशासन भीड़ को नियंत्रित करने में पूरी तरह असफल रहे।
हिमंता सरमा का आरोप
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने ममता बनर्जी और बंगाल पुलिस पर सीधे आरोप लगाते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में वीआईपी कल्चर इतना बढ़ गया है कि आम लोग अपनी पसंदीदा हस्ती को देखने तक असमर्थ रहते हैं। उन्होंने कहा, "जुबीन गर्ग की मौत के बाद गुवाहाटी की सड़कों पर तीन दिन तक दस करोड़ से ज्यादा लोग मौजूद रहे, लेकिन कोई गड़बड़ी नहीं हुई। मुंबई में महिला विश्व कप फाइनल के दौरान भी सब कुछ शांति से संपन्न हुआ। लेकिन बंगाल में कुछ भी असामान्य होने की संभावना रहती है।"
सरमा ने कहा कि कोलकाता में जो कुछ भी हुआ, उसकी पूरी जिम्मेदारी गृह मंत्री और पुलिस कमिश्नर की है। उनके अनुसार ममता बनर्जी को खुद अपनी जिम्मेदारियों का निरीक्षण करना चाहिए और यह देखना चाहिए कि राज्य में आम लोगों के साथ होने वाले असंतोष और अत्याचार को कैसे रोका जा सकता है।
क्या हुआ मेसी के इवेंट में
विश्व प्रसिद्ध फुटबॉलर लियोनेल मेसी के आगमन के दौरान सॉल्ट लेक स्टेडियम में भारी भीड़ जुटी थी। दर्शकों ने हजारों रुपये खर्च करके टिकट खरीदे, लेकिन केवल 20 मिनट की विजिट के दौरान मेसी अधिकारियों और नेताओं के घेरे में रहे। इस वजह से बड़ी संख्या में उपस्थित दर्शक मेसी को देख पाने में असफल रहे।

मेसी के स्टेडियम से निकलने के बाद दर्शकों में गुस्सा भड़क गया। उन्होंने पिच पर कुर्सियों और प्लास्टिक की बोतलों को फेंकना शुरू कर दिया। पुलिस ने स्थिति को काबू में करने के लिए बल का इस्तेमाल किया। इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल के गवर्नर सीवी आनंद बोस ने बताया कि इवेंट के आयोजक को गिरफ्तार कर लिया गया है।
VIP कल्चर और आम जनता की असंतोष
हिमंता सरमा ने कहा कि बंगाल में VIP कल्चर आम जनता के अनुभव को प्रभावित करता है। लोग महंगे टिकट खरीदते हैं और एक झलक पाने के लिए इंतजार करते हैं, लेकिन अधिकारियों और नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था उन्हें मेसी तक पहुंचने नहीं देती। सरमा ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे माहौल में आम जनता का भरोसा सरकार और प्रशासन पर कैसे बना रहेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि मेसी पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा हैं और उनके साथ यह व्यवहार उचित नहीं था। लोगों का अधिकार है कि वे अपनी पसंदीदा हस्तियों को देखने का अनुभव आनंदपूर्वक ले सकें। बंगाल सरकार को इस तरह की घटनाओं को रोकने और भीड़ प्रबंधन की बेहतर योजना बनाने की जरूरत है।
सियासी पारा बढ़ा
इस घटना के बाद राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। असम के मुख्यमंत्री ने ममता बनर्जी की गिरफ्तारी की मांग कर सियासी मुद्दे को और बढ़ा दिया है। उनके बयान ने यह भी संकेत दिया कि यह मामला केवल खेल या इवेंट का नहीं बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही और वीआईपी कल्चर से जुड़ा है। सरमा ने स्पष्ट किया कि बंगाल की मुख्यमंत्री और पुलिस कमिश्नर ही इस पूरी घटना के लिए जिम्मेदार हैं।
आयोजनकर्ता की गिरफ्तारी
घटना के तुरंत बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने कार्रवाई की और इवेंट के आयोजनकर्ता को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि इससे भीड़ में उत्पन्न गुस्से और विवाद को पूरी तरह नियंत्रित नहीं किया जा सका। इस गिरफ्तारी के बाद भी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं और सियासी गलियारों में इस घटना को लेकर चर्चा तेज है।









