पिता जॉर्ज मेसी के निधन के बाद लियोनेल मेसी ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट साझा किया। उन्होंने कहा कि पिता के बिना फुटबॉल खेलना मुश्किल लग रहा है। क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने कमेंट कर मेसी और उनके परिवार को हिम्मत दी।
स्पोर्ट्स: अर्जेंटीना के दिग्गज फुटबॉलर लियोनेल मेसी अपने पिता जॉर्ज मेसी के निधन के बाद बेहद भावुक हैं। उन्होंने बुधवार को सोशल मीडिया पर एक भावनात्मक पोस्ट साझा कर पिता को याद किया। मेसी ने अपने पोस्ट में बताया कि फुटबॉल उनके जीवन का सबसे अहम हिस्सा रहा है, लेकिन पिता के बिना इस खेल को आगे जारी रखना उन्हें बेहद मुश्किल लग रहा है। मेसी ने अपने पिता को याद करते हुए कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि उनके बिना आगे कैसे बढ़ना है। उन्होंने लिखा कि उनके पिता शुरुआत से ही उनके साथ रहे और उनके फुटबॉल करियर के हर महत्वपूर्ण पड़ाव के गवाह बने। पिता की मौजूदगी मेसी के व्यक्तिगत जीवन के साथ-साथ उनके शानदार फुटबॉल सफर का भी महत्वपूर्ण हिस्सा रही।
पिता के बिना फुटबॉल खेलने को लेकर कही बड़ी बात
मेसी ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने पूरी जिंदगी फुटबॉल खेला है, लेकिन अब उन्हें नहीं लगता कि पिता के बिना वह इसे ज्यादा समय तक जारी रख पाएंगे। उन्होंने पिता से जुड़े अपने भावुक अनुभव साझा करते हुए यह भी कहा कि वह नहीं जानते कि अब उनके बिना क्या करेंगे।
मेसी ने लिखा कि वह चाहते थे कि उनके पिता कुछ और समय तक उनके साथ रहें, ताकि दोनों मिलकर उनके करियर के इस सफर को पूरा कर सकें। उनके इस संदेश से साफ है कि पिता की मौत ने उन्हें अंदर तक प्रभावित किया है और वह इस नुकसान से उबरने के लिए समय चाहते हैं।
क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने बढ़ाया मेसी का हौसला
मेसी के भावुक पोस्ट पर पुर्तगाल के स्टार फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने भी प्रतिक्रिया दी। रोनाल्डो ने मेसी और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें इस कठिन समय में हिम्मत रखने के लिए कहा।
दोनों खिलाड़ी वर्षों तक फुटबॉल जगत की सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्विता का हिस्सा रहे हैं। मैदान पर दोनों के बीच मुकाबले को दुनिया भर के प्रशंसकों ने यादगार माना है। हालांकि, निजी दुख के इस समय में रोनाल्डो का मेसी के प्रति समर्थन सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।
रोनाल्डो ने अपने संदेश में मेसी और उनके परिवार को गले लगाने जैसा भाव व्यक्त करते हुए उन्हें मजबूत बने रहने की सलाह दी। उनके इस संदेश को मेसी के प्रशंसकों ने भी काफी भावुक तरीके से लिया।
7 अगस्त को हुआ जॉर्ज मेसी का निधन
मेसी के पिता जॉर्ज मेसी का 7 अगस्त को 68 वर्ष की उम्र में निधन हुआ था। वह लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे थे। उन्होंने अर्जेंटीना के रोसारियो शहर स्थित एक मेडिकल क्लिनिक में अंतिम सांस ली।
जॉर्ज मेसी अपने बेटे के करियर में शुरुआती दौर से ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे। जब मेसी ने कम उम्र में फुटबॉल में अपनी पहचान बनानी शुरू की, तब भी उनके पिता उनके साथ थे। बाद में बार्सिलोना में मेसी के करियर के शुरुआती वर्षों के दौरान भी जॉर्ज उनके मार्गदर्शक और करीबी सहयोगी रहे।
वर्ल्ड कप खेलने के पीछे पिता की इच्छा थी
मेसी ने अपने भावुक संदेश में अर्जेंटीना के लिए विश्व कप खेलने को लेकर पिता की इच्छा का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उनके पिता हमेशा चाहते थे कि वह फीफा वर्ल्ड कप में खेलें और इस सपने को पूरा करने के लिए मैदान पर उतरें।
मेसी के मुताबिक, विश्व कप शुरू होने से कुछ दिन पहले उनके पिता की तबीयत काफी बिगड़ गई थी। यह टूर्नामेंट उनके लिए इसलिए भी भावुक था क्योंकि पहली बार ऐसा हुआ जब उनके पिता स्टेडियम या टूर्नामेंट के दौरान उनके साथ मौजूद नहीं थे।
मेसी ने बताया कि हर मैच खत्म होने के बाद वह अपने पिता के संदेश का इंतजार करते थे। उनके पिता लंबे समय से उनके प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते रहे थे और मैच के बाद उनसे बात करना मेसी की जिंदगी का हिस्सा बन चुका था।
विश्व कप के दौरान पिता की बीमारी से परेशान थे मेसी
विश्व कप के दौरान मेसी के लिए निजी और पेशेवर जिंदगी एक साथ चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रही थी। एक मैच में गोल करने के बाद वह भावुक होकर रो पड़े थे। बाद में उनके प्रदर्शन और भावनात्मक प्रतिक्रिया को उनके पिता की खराब तबीयत से जोड़कर देखा गया।

मेसी ने अपने पिता के लिए विश्व कप जीतने की इच्छा भी जाहिर की थी। हालांकि अर्जेंटीना फाइनल में स्पेन से 1-0 से हार गई और खिताब अपने नाम नहीं कर सकी। इसके बावजूद मेसी ने कहा कि उनकी टीम ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान हर मैच का आनंद लिया।
उन्होंने अपने पिता की उस सलाह को भी याद किया, जिसके मुताबिक उन्हें विश्व कप में खेलना चाहिए था। मेसी ने माना कि पिता की इच्छा के कारण इस टूर्नामेंट में उतरना उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण था।
पिता के साथ पूरा करियर रहा खास रिश्ता
जॉर्ज मेसी सिर्फ मेसी के पिता ही नहीं, बल्कि उनके फुटबॉल सफर के महत्वपूर्ण सहयोगी भी रहे। मेसी के शुरुआती करियर से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके स्टार बनने तक जॉर्ज उनके साथ जुड़े रहे।
मेसी ने बचपन से ही फुटबॉल को अपने जीवन का हिस्सा बना लिया था। परिवार के समर्थन ने उनके शुरुआती करियर में अहम भूमिका निभाई। बाद में जब वह दुनिया के सबसे सफल फुटबॉलरों में शामिल हुए, तब भी पिता के साथ उनका रिश्ता बेहद मजबूत बना रहा।
पिता के निधन के बाद मेसी के भावुक संदेश से पता चलता है कि उनकी सफलता के पीछे परिवार का योगदान उनके लिए कितना महत्वपूर्ण रहा है।
बच्चों के जरिए पिता की याद जिंदा रखेंगे मेसी
मेसी ने अपने पोस्ट में यह भी बताया कि वह अपने पिता की याद को अपने बच्चों के जीवन में जिंदा रखने की कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा कि वह अपने बच्चों की परवरिश उसी तरह करने की कोशिश करेंगे, जैसे उनके पिता ने उन्हें बड़ा किया।
मेसी और उनकी पत्नी एंटोनेला रोकुजो के तीन बेटे हैं। उनके बड़े बेटे थियागो का जन्म 2012 में हुआ था। इसके बाद 2015 में माटेओ और 2018 में सबसे छोटे बेटे सिरो का जन्म हुआ।
मेसी के लिए पिता की विरासत अब उनके बच्चों के जरिए आगे बढ़ाने का भाव उनके भावुक संदेश का सबसे व्यक्तिगत हिस्सा रहा। उन्होंने संकेत दिया कि अपने पिता से मिली सीख और मूल्यों को वह अगली पीढ़ी तक पहुंचाना चाहते हैं।
फुटबॉल से अनिश्चितकालीन ब्रेक पर मेसी
पिता के निधन के बाद मेसी ने फुटबॉल से फिलहाल अनिश्चितकाल के लिए दूरी बनाई है। उनके इस फैसले को देखते हुए माना जा रहा है कि वह परिवार के साथ समय बिताना चाहते हैं और पिता के निधन के बाद खुद को संभालने के लिए समय ले रहे हैं।
मेसी के करियर को लेकर दुनिया भर के प्रशंसकों की नजरें अब उनके अगले फैसले पर हैं। हालांकि इस समय उनके लिए फुटबॉल से ज्यादा परिवार और निजी जिंदगी महत्वपूर्ण है।
पिता की मौत ने मेसी को भावनात्मक रूप से गहरा झटका दिया है। उनके संदेश और रोनाल्डो की संवेदना ने यह भी दिखाया कि फुटबॉल की मैदान वाली प्रतिद्वंद्विता से अलग खिलाड़ियों के बीच मानवीय रिश्ते कितने मजबूत हो सकते हैं।













