Meta पर भारत सरकार सख्त, CSAM कंटेंट को लेकर बढ़ी निगरानी,हर 68 सेकंड में जारी हुआ ब्लॉकिंग ऑर्डर

भारत सरकार ने ऑनलाइन कंटेंट पर निगरानी बढ़ाई है। मार्च-जुलाई 2026 में हर 68 सेकंड में एक ब्लॉकिंग ऑर्डर जारी हुआ, Meta पर भी सख्ती बढ़ी।

मार्च से जुलाई 2026 के बीच भारत सरकार ने ऑनलाइन कंटेंट ब्लॉक करने के लिए औसतन हर 68 सेकंड में एक आदेश जारी किया। CSAM के खिलाफ Meta की सतर्कता और कंटेंट मॉडरेशन पर भी जोर बढ़ा है।

Tech: भारत सरकार के सख्त रुख के बीच Meta ने बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट यानी CSAM की पहचान और रोकथाम को लेकर अपनी सतर्कता बढ़ाई है। मार्च से जुलाई 2026 के दौरान सरकार ने Instagram, Facebook और YouTube समेत प्लेटफॉर्म्स को ऑनलाइन कंटेंट ब्लॉक करने के लिए औसतन हर 68 सेकंड में एक निर्देश भेजा।

भारत सरकार के सख्त रुख से Meta ने बढ़ाई CSAM कंटेंट पर निगरानी

भारत सरकार के सख्त रुख के बाद Meta ने बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट यानी CSAM की पहचान और रोकथाम को लेकर अपनी सतर्कता बढ़ाई है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, कंपनी गैर-कानूनी कंटेंट को फिल्टर करने के लिए अतिरिक्त कदम उठा रही है। सरकार ने साफ किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले प्लेटफॉर्म्स को Safe Harbour के तहत मिलने वाली कानूनी सुरक्षा नहीं मिलेगी।

नियम टूटने पर Safe Harbour सुरक्षा पर असर

सरकार ने सोशल मीडिया कंपनियों को स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने की स्थिति में उन्हें Safe Harbour के तहत मिलने वाली कानूनी सुरक्षा का लाभ नहीं मिलेगा। यह प्रावधान प्लेटफॉर्म्स को यूजर्स की ओर से पोस्ट किए गए कंटेंट के लिए कुछ परिस्थितियों में कानूनी सुरक्षा देता है।

सरकार और Meta के बीच बातचीत केवल CSAM तक सीमित नहीं है। सरकार ने कंपनी को भारत के स्थानीय संदर्भ को ध्यान में रखते हुए content moderation मजबूत करने की सलाह दी है।

भारत की भाषाओं और संस्कृति पर फोकस

सरकार चाहती है कि Meta केवल global moderation standards पर निर्भर न रहे, बल्कि भारत की अलग-अलग भाषाओं, स्थानीय रीति-रिवाजों और cultural context को भी कंटेंट की समीक्षा में शामिल करे।

AI-generated या synthetic content भी चर्चा का एक प्रमुख मुद्दा है। सरकार चाहती है कि ऐसे कंटेंट पर स्पष्ट labels लगाए जाएं, ताकि users यह समझ सकें कि कोई सामग्री इंसान द्वारा बनाई गई है या AI की मदद से तैयार हुई है।

पांच महीनों में करीब 1.95 लाख ब्लॉकिंग ऑर्डर

रिपोर्ट के अनुसार, मार्च से जुलाई के बीच रोजाना औसतन करीब 1,275 blocking orders जारी किए गए। जून और जुलाई में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध-प्रदर्शनों के दौरान Instagram, Facebook और YouTube पर कुछ posts और videos को हटाने या block करने के निर्देशों में भी बढ़ोतरी हुई।

इससे पहले RTI के जरिए प्राप्त जानकारी के अनुसार, अक्टूबर 2024 से अक्टूबर 2025 के बीच 19 ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को कुल 2,312 blocking orders भेजे गए थे। उस अवधि में रोजाना औसतन करीब छह आदेश जारी हुए थे।

मौजूदा आंकड़े बताते हैं कि 2026 में ऑनलाइन कंटेंट regulation को लेकर सरकारी कार्रवाई की रफ्तार पहले की तुलना में काफी तेज हुई है। इसका असर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की content moderation policies और भारत में उनके compliance framework पर पड़ सकता है।

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