मणिपुर के कांगपोकपी में 71 वर्षीय हेमजांग हाओकिप की हत्या के विरोध में CoTU ने 24 घंटे का बंद बुलाया। बंद से बाजार, स्कूल और सरकारी कामकाज प्रभावित रहा, जबकि NH-2 पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप रही।
इंफाल: मणिपुर के कांगपोकपी जिले में 71 वर्षीय हेमजांग हाओकिप की हत्या के विरोध में कमेटी ऑन ट्राइबल यूनिटी (CoTU) द्वारा बुलाया गया 24 घंटे का पूर्ण बंद सोमवार आधी रात से शुरू हो गया। बंद के कारण जिले में सामान्य जनजीवन लगभग पूरी तरह प्रभावित रहा और नेशनल हाईवे-2 पर वाहनों की आवाजाही ठप हो गई।
हेमजांग हाओकिप का 3 अक्टूबर को खेत की झोपड़ी से कथित तौर पर अपहरण कर लिया गया था। इसके बाद ग्रामीणों और सुरक्षा बलों ने उनकी तलाश शुरू की। रविवार देर दोपहर उनका शव बरामद किया गया।
शव बरामद होने के बाद बढ़ा आक्रोश
हेमजांग हाओकिप का शव रविवार देर शाम बरामद होने के बाद पहले कांगपोकपी जिला मुख्यालय लाया गया। रविवार देर रात शव को चुराचांदपुर ले जाया गया, जहां उसे एक शवगृह में सुरक्षित रखा गया।
इस घटना के बाद कुकी-जो समुदाय में गुस्सा और शोक बढ़ गया। CoTU ने हत्या के विरोध में 24 घंटे के पूर्ण बंद का आह्वान किया। बंद का असर कांगपोकपी जिले के कई हिस्सों में साफ दिखाई दिया।
बंद से बाजार, स्कूल और सरकारी कामकाज प्रभावित
बंद के दौरान दुकानें, कारोबारी प्रतिष्ठान, निजी संस्थान और स्कूल बंद रहे। सरकारी कार्यालयों का कामकाज भी बुरी तरह प्रभावित हुआ। नेशनल हाईवे-2 पर सामान्य वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रुक गई। केवल बंद से छूट प्राप्त सेवाओं को आवागमन की अनुमति दी गई।
बोंगमोल गांव में बंद समर्थक स्वयंसेवकों ने बंद को सख्ती से लागू कराया। इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल थीं। स्वयंसेवकों ने बंद के दायरे में आने वाले वाहनों को रोका और स्थानीय स्तर पर होने वाली वाहनों की आवाजाही पर भी प्रतिबंध लगाया।
NH-2 पर वाहनों को लौटना पड़ा
बोंगमोल में स्वयंसेवकों ने छूट प्राप्त वाहनों के दस्तावेजों की भी जांच की। इनमें मीडिया कर्मियों के वाहन और चिकित्सा आपात सेवाओं तथा हवाईअड्डे से संबंधित सेवाओं वाले वाहन शामिल थे।
नेशनल हाईवे-2 पर यात्रा कर रहे कई वाहनों को दोनों दिशाओं से रोक दिया गया। इसके बाद उन्हें यू-टर्न लेकर वापस लौटना पड़ा। हाईवे को बेंच रखकर पूरी तरह अवरुद्ध किया गया था। इससे इस प्रमुख मार्ग पर यातायात पूरी तरह बाधित रहा।
सुरक्षा बलों की तैनाती, स्थिति पर नजर
बंद के दौरान केंद्रीय सुरक्षा बलों को नेशनल हाईवे-2 के आसपास तैनात किया गया। सुरक्षा बल इलाके में स्थिति पर नजर रखते दिखाई दिए। रिपोर्ट दाखिल किए जाने तक किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं थी। हालांकि, बंद के कारण कांगपोकपी जिले में सामान्य गतिविधियां लगभग ठप रहीं।

कुकी-जो समुदाय में गहरा आक्रोश
71 वर्षीय हेमजांग हाओकिप के खेत की झोपड़ी से अपहरण और उसके बाद उनकी हत्या की घटना ने कुकी-जो समुदाय में व्यापक आक्रोश पैदा किया है। घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर गहरा शोक भी देखने को मिला। बंद के दौरान बड़ी संख्या में लोग और स्वयंसेवक सड़कों पर नजर आए और वाहनों की आवाजाही को रोककर विरोध दर्ज कराया।
CoTU के बंद का मुख्य उद्देश्य हेमजांग हाओकिप की हत्या के खिलाफ विरोध दर्ज कराना और घटना को लेकर समुदाय के आक्रोश को सामने रखना है।
घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर भी ध्यान
हत्या और उसके बाद शुरू हुए विरोध के बीच सुरक्षा बलों की मौजूदगी बढ़ाई गई है। केंद्रीय सुरक्षा बल नेशनल हाईवे-2 और आसपास के क्षेत्रों में स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।
बंद के दौरान वाहनों के दस्तावेजों की जांच और हाईवे को अवरुद्ध किए जाने से यह स्पष्ट रहा कि बंद को लागू कराने वाले स्वयंसेवक इसे लेकर सख्त रुख अपना रहे थे। हालांकि, रिपोर्ट दाखिल होने तक किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली थी। प्रशासन और सुरक्षा बल स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
घटना ने फिर बढ़ाया तनाव
कांगपोकपी में 71 वर्षीय हेमजांग हाओकिप की हत्या के बाद सामने आया विरोध मणिपुर में जारी जातीय तनाव की संवेदनशीलता को भी रेखांकित करता है। उनके अपहरण और शव की बरामदगी के बाद समुदाय में पैदा हुआ आक्रोश अब सड़कों पर विरोध के रूप में सामने आया है।
24 घंटे के बंद के कारण जिले में व्यापारिक गतिविधियां, शिक्षण संस्थानों का संचालन, सरकारी कामकाज और सड़क परिवहन प्रभावित हुआ। खास तौर पर NH-2 पर यातायात रुकने से सामान्य आवागमन पर व्यापक असर पड़ा। फिलहाल केंद्रीय सुरक्षा बल इलाके में तैनात हैं और स्थिति पर नजर रख रहे हैं। रिपोर्ट दाखिल किए जाने तक स्थिति नियंत्रण में थी और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं थी।










