नैनीताल की हल्द्वानी और नैनीताल सीट पर SIR के बाद जीत के अंतर से ज्यादा घटे वोटर

SIR के बाद हल्द्वानी में 31,300 और नैनीताल में 17,612 मतदाता घटे। दोनों सीटों पर यह कमी 2022 के जीत के अंतर से अधिक है।

SIR के बाद नैनीताल जिले की छह विधानसभा सीटों की मतदाता सूची में कमी आई है। हल्द्वानी में 31,300 और नैनीताल में 17,612 मतदाता घटे हैं, जो 2022 में जीत के अंतर से अधिक हैं।

हल्द्वानी: SIR के बाद जारी नई मतदाता सूची ने नैनीताल जिले की छह विधानसभा सीटों के चुनावी गणित में बदलाव की संभावना बढ़ा दी है। 2022 के मुकाबले सभी सीटों पर मतदाताओं की संख्या कम हुई है। हल्द्वानी और नैनीताल में घटे मतदाताओं की संख्या पिछली विधानसभा चुनाव में विजयी उम्मीदवारों की जीत के अंतर से भी अधिक है।

छह विधानसभा सीटों पर बदला मतदाता गणित

नैनीताल जिले में छह विधानसभा क्षेत्र हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में हल्द्वानी सीट से कांग्रेस के सुमित हृदयेश ने जीत दर्ज की थी, जबकि जिले की पांच सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों ने बाजी मारी थी।

रामनगर से दीवान सिंह बिष्ट, भीमताल से राम सिंह कैड़ा, नैनीताल से सरिता आर्य, लालकुआं से डा. मोहन सिंह बिष्ट और कालाढूंगी से बंशीधर भगत विजयी हुए थे। अब SIR प्रक्रिया के बाद जारी मतदाता सूची में इन सभी विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या में कमी दर्ज की गई है।

हल्द्वानी और नैनीताल में जीत के अंतर से ज्यादा कमी

हल्द्वानी विधानसभा क्षेत्र में SIR के बाद 31,300 मतदाता कम हुए हैं। 2022 में कांग्रेस के सुमित हृदयेश 7,814 वोटों के अंतर से चुनाव जीते थे। ऐसे में यहां मतदाताओं में हुई कमी पिछली जीत के अंतर से करीब चार गुना है।

नैनीताल विधानसभा सीट पर भी स्थिति महत्वपूर्ण है। यहां पिछले चुनाव की तुलना में 17,612 नाम कम हुए हैं। 2022 में भाजपा की सरिता आर्य 7,881 वोटों के अंतर से जीती थीं। यानी SIR के बाद घटे मतदाताओं की संख्या पिछली जीत के अंतर से दोगुने से भी अधिक है।

लालकुआं समेत अन्य सीटों पर भी घटे वोटर

मतदाता सूची के शुद्धीकरण के बाद लालकुआं विधानसभा क्षेत्र में 12,967 नाम कम हुए हैं। यहां 2022 में जीत का अंतर 17,527 वोट था। भीमताल में जीत का अंतर 9,844 वोट था, जबकि SIR के बाद 3,920 मतदाता कम हुए हैं।

कालाढूंगी में 23,931 वोटों के जीत के अंतर के मुकाबले 7,775 मतदाता कम हुए हैं। रामनगर विधानसभा क्षेत्र में 2022 में जीत का अंतर 4,745 वोट था, जबकि SIR के बाद यहां 10,291 मतदाता कम हुए हैं। इस तरह रामनगर में भी घटे मतदाताओं की संख्या पिछली जीत के अंतर से अधिक है।

छूटे नाम जुड़वाने के लिए भरना होगा फार्म-6

SIR के बाद मतदाता सूची से नाम छूटने वाले पात्र मतदाताओं को दोबारा नाम जुड़वाने के लिए फार्म छह भरना होगा। सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र लोगों को मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा।

नैनीताल जिले की छह विधानसभा सीटों के आंकड़ों के अनुसार लालकुआं में जीत का अंतर 17,527 और कम हुए मतदाताओं की संख्या 12,967 है। भीमताल में यह आंकड़ा क्रमशः 9,844 और 3,920, नैनीताल में 7,881 और 17,612, हल्द्वानी में 7,814 और 31,300, कालाढूंगी में 23,931 और 7,775 तथा रामनगर में 4,745 और 10,291 है।

नोट: जीत के अंतर से जुड़े आंकड़े इलेक्शन कमीशन की वेबसाइट से लिए गए हैं।

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