मल्लिकार्जुन खरगे के चुनावों को ‘अवैध’ बताने वाले बयान पर BJP ने पलटवार किया है। किरेन रीजीजू और सुधांशु त्रिवेदी ने इसे मतदाताओं के जनादेश का अपमान बताया। BJP ने खरगे से सवाल किया कि अगर चुनाव अवैध हैं, तो क्या वे स्वयं भी अवैध सांसद हैं।
नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से देश में हुए चुनावों को ‘अवैध’ बताए जाने के बयान पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखा पलटवार किया है। केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू और BJP सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने खरगे की टिप्पणी पर सवाल उठाते हुए इसे मतदाताओं के जनादेश का अपमान बताया और कांग्रेस अध्यक्ष से माफी मांगने की मांग की।
खरगे ने चुनावों को बताया ‘अवैध’
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शनिवार को कर्नाटक के कलबुर्गी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान देश में हुए सभी चुनावों को ‘अवैध’ बताया था। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी ‘अवैध’ करार दिया।
खरगे ने लोकसभा और राज्य विधानसभाओं को भंग करने की मांग करते हुए नए सिरे से चुनाव कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि नए चुनाव बैलेट पेपर के जरिए कराए जाने चाहिए। कांग्रेस अध्यक्ष का तर्क था कि मौजूदा चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं और इसलिए इसे नए सिरे से कराया जाना चाहिए।
खरगे पिछले कुछ दिनों से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी लगातार सवाल उठाते रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने उन्हें पद से हटाने की मांग की है।
किरेन रीजीजू ने खरगे से पूछा सीधा सवाल
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने खरगे के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उनसे सीधे सवाल किए। उन्होंने पूछा कि अगर देश में हुए चुनाव अवैध हैं, तो क्या उन चुनावों के जरिए चुने गए सांसद और मुख्यमंत्री भी अवैध हैं।
रीजीजू ने सवाल किया कि क्या मल्लिकार्जुन खरगे स्वयं अवैध सांसद हैं और क्या कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी अवैध सांसद हैं। उन्होंने तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और झारखंड के मुख्यमंत्रियों को लेकर भी यही सवाल उठाया। केंद्रीय मंत्री ने खरगे से संविधान का अपमान बंद करने की अपील की। BJP ने खरगे की टिप्पणी को चुनावी प्रक्रिया और उससे मिले जनादेश पर सवाल उठाने के रूप में पेश किया है।
BJP ने कहा- मतदाताओं के जनादेश का अपमान
BJP प्रवक्ता और राज्यसभा सदस्य सुधांशु त्रिवेदी ने भी कांग्रेस अध्यक्ष के बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने खरगे की टिप्पणी को देश के मतदाताओं के जनादेश का अपमान बताया।
त्रिवेदी के मुताबिक, चुनाव में जनता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करके प्रतिनिधियों का चयन करती है। ऐसे में किसी चुनाव को अवैध बताना सीधे तौर पर उस चुनाव में दिए गए मतदाताओं के फैसले पर सवाल खड़ा करता है।
BJP ने इसी आधार पर कांग्रेस से माफी मांगने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनाव के जरिए जनता द्वारा दिए गए फैसले को इस तरह खारिज करना गंभीर टिप्पणी है।
त्रिवेदी ने खरगे के चुनाव पर उठाया सवाल
सुधांशु त्रिवेदी ने अपने पलटवार में मल्लिकार्जुन खरगे के कांग्रेस अध्यक्ष चुने जाने की प्रक्रिया का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि खरगे के कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद कांग्रेस के कई नेताओं ने पार्टी अध्यक्ष के चुनाव से जुड़ी ‘निर्वाचक मंडल की सूची’ मांगी थी।
त्रिवेदी का दावा है कि कांग्रेस ने यह सूची किसी को उपलब्ध नहीं कराई। उन्होंने इसी मुद्दे को आधार बनाकर खरगे की ओर से चुनावों को अवैध बताए जाने पर सवाल खड़ा किया।
उन्होंने कहा कि यदि खरगे चुनावी प्रक्रिया को लेकर यह सवाल उठा रहे हैं, तो उन्हें अपने ही कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया को लेकर भी जवाब देना चाहिए।
‘क्या अध्यक्ष पद के लिए आपका चुनाव अवैध था?’
सुधांशु त्रिवेदी ने खरगे के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब कांग्रेस अध्यक्ष चुनावी प्रक्रिया और चुनावों की वैधता पर सवाल उठा रहे हैं, तब यह भी पूछा जाना चाहिए कि स्वयं खरगे का कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए हुआ चुनाव वैध था या नहीं।
BJP नेता ने खरगे से जुड़े कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया को लेकर उठाए गए सवालों को मौजूदा राजनीतिक विवाद का हिस्सा बनाया। हालांकि, मूल बयान में त्रिवेदी की ओर से लगाए गए आरोपों को BJP के दावे के रूप में ही पेश किया गया है।
2014 के लोकसभा चुनाव का भी जिक्र
सुधांशु त्रिवेदी ने अपने बयान में 2014 के लोकसभा चुनाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में BJP ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया था।
BJP के मुताबिक, 2014 का चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण था क्योंकि इसके बाद देश में पहली गैर-कांग्रेसी सरकार बनी जिसे स्पष्ट बहुमत मिला। पार्टी ने खरगे की मौजूदा टिप्पणी को इसी चुनावी जनादेश के संदर्भ में जनता के फैसले का अपमान बताया।
BJP ने कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव में मतदाताओं ने स्पष्ट जनादेश दिया था। ऐसे में उस चुनाव और उसके बाद बनी सरकार की वैधता पर सवाल उठाना मतदाताओं के फैसले पर सवाल उठाने के समान है।
चुनावी प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस-BJP में बढ़ी तकरार
मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी के बाद कांग्रेस और BJP के बीच चुनावी प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है। कांग्रेस अध्यक्ष लगातार चुनाव प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
खरगे ने नए सिरे से चुनाव कराने और बैलेट पेपर के इस्तेमाल की मांग की है। इसके जवाब में BJP ने चुनावों की वैधता पर सवाल उठाने को लोकतांत्रिक जनादेश का अपमान बताया है। BJP का पलटवार मुख्य रूप से इस सवाल पर केंद्रित है कि यदि लोकसभा और विधानसभा चुनावों को अवैध माना जाता है, तो उन्हीं चुनावों से चुने गए सांसदों और मुख्यमंत्रियों की वैधता को किस आधार पर स्वीकार किया जाएगा।
इस राजनीतिक विवाद में BJP ने खरगे के अपने सांसद होने और कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए हैं। वहीं, खरगे का पक्ष चुनावी प्रक्रिया में बदलाव और नए सिरे से चुनाव कराने की मांग पर केंद्रित है।
फिलहाल, खरगे के ‘अवैध चुनाव’ वाले बयान ने राष्ट्रीय राजनीति में चुनावी प्रक्रिया, जनादेश और लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। BJP ने जहां इसे मतदाताओं के फैसले का अपमान बताया है, वहीं कांग्रेस अध्यक्ष चुनावी व्यवस्था में बदलाव की अपनी मांग पर जोर दे रहे हैं।











