पाकिस्तान में इमरान खान की रिहाई के लिए लॉन्ग मार्च, हजारों समर्थक इस्लामाबाद की ओर रवाना; सरकार ने रास्ते किए बंद

पाकिस्तान में इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर PTI ने खैबर पख्तूनख्वा से इस्लामाबाद तक लॉन्ग मार्च शुरू किया। सरकार ने राजधानी के रास्ते बंद कर सुरक्षा बढ़ाई।

पाकिस्तान में इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर PTI ने खैबर पख्तूनख्वा से इस्लामाबाद तक लॉन्ग मार्च शुरू किया है। सरकार और PTI के बीच बातचीत विफल होने के बाद हजारों समर्थक आगे बढ़ रहे हैं। राजधानी में सुरक्षा बढ़ाकर रास्ते बंद किए गए हैं।

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ यानी PTI ने लॉन्ग मार्च शुरू कर दिया है। खैबर पख्तूनख्वा के लक्की मारवत से रविवार को शुरू हुआ मार्च इस्लामाबाद की ओर बढ़ रहा है। सरकार और PTI के बीच बातचीत विफल होने के बाद राजनीतिक तनाव बढ़ गया है।

लक्की मारवत से इस्लामाबाद की ओर बढ़ा काफिला

PTI ने खैबर पख्तूनख्वा के लक्की मारवत के गांधी चौक से मार्च की शुरुआत की। खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी इस मार्च का नेतृत्व कर रहे हैं। पार्टी के मुताबिक, बड़ी संख्या में समर्थक काफिले के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

मार्च का मुख्य उद्देश्य जेल में बंद इमरान खान की रिहाई की मांग करना है। PTI उनके लिए बेहतर चिकित्सा सुविधा, परिवार और डॉक्टरों से मुलाकात तथा राजनीतिक मामलों में राहत की मांग भी उठा रही है। मार्च शुरू होने से पहले सरकार और PTI के बीच बातचीत के दो दौर हुए, लेकिन दोनों पक्ष किसी समझौते तक नहीं पहुंच सके। बातचीत विफल होने के बाद पार्टी ने अपना आंदोलन आगे बढ़ाने का फैसला किया। 

सरकार ने इस्लामाबाद में सुरक्षा बढ़ाई

PTI के मार्च को देखते हुए पाकिस्तान सरकार ने इस्लामाबाद की ओर जाने वाले प्रमुख रास्तों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। राजधानी के संवेदनशील इलाकों में शिपिंग कंटेनर लगाए गए हैं और प्रमुख मार्गों को अवरुद्ध किया गया है।

इससे पहले भी अधिकारियों ने राजधानी में PTI समर्थकों के संभावित प्रवेश को रोकने के लिए सड़कों पर कंटेनर तैनात किए थे। रावलपिंडी और इस्लामाबाद की ओर जाने वाले रास्तों पर सुरक्षा बलों की मौजूदगी बढ़ाई गई है। सरकार का कहना है कि पिछले PTI प्रदर्शनों के दौरान हिंसा की घटनाएं हुई थीं और मौजूदा समय में सुरक्षा परिस्थितियों को देखते हुए राजधानी में बड़े जमावड़े को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है। 

PTI और सरकार के बीच बातचीत क्यों टूटी?

PTI और संघीय सरकार के बीच शुक्रवार और शनिवार को बातचीत हुई थी। PTI ने इमरान खान से तत्काल मुलाकात और उन्हें ऐसे अस्पताल में स्थानांतरित करने की मांग की, जहां उनके निजी डॉक्टर जांच और इलाज कर सकें।

पार्टी ने गिरफ्तार किए गए अपने समर्थकों की रिहाई की मांग भी उठाई। दूसरी ओर, सरकार प्रदर्शन को रद्द करने की शर्त पर बातचीत आगे बढ़ाना चाहती थी। बातचीत में सहमति नहीं बनने के बाद PTI ने लॉन्ग मार्च शुरू करने का फैसला किया। दोनों पक्षों ने बातचीत विफल होने के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराया है

इमरान खान 2023 से जेल में

पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान 2023 से जेल में हैं। उन्हें भ्रष्टाचार और अन्य मामलों में सजा का सामना करना पड़ा है। इमरान खान और उनकी पार्टी इन मामलों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते रहे हैं।  इमरान खान पाकिस्तान के मौजूदा प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के प्रमुख राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी हैं। उनकी गिरफ्तारी और कानूनी मामलों को लेकर PTI लंबे समय से विरोध प्रदर्शन करती रही है।

PTI का कहना है कि इमरान खान की रिहाई के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य और परिवार से संपर्क के अधिकार को भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए। सरकार ने उनकी स्थिति को लेकर अलग रुख अपनाया है और प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता दी है।

खैबर पख्तूनख्वा से शुरू हुआ आंदोलन

लॉन्ग मार्च ऐसे समय शुरू हुआ है जब खैबर पख्तूनख्वा में PTI की सरकार है। मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने लक्की मारवत से मार्च की शुरुआत करते हुए कहा कि प्रांतीय सरकार उन नीतियों को स्वीकार नहीं करेगी, जो उनके अनुसार प्रांत और पश्तून समुदाय के हितों के खिलाफ हों।

PTI के मुताबिक, टैंक, डेरा इस्माइल खान, दक्षिण वजीरिस्तान, उत्तर वजीरिस्तान, बन्नू और लक्की मारवत के समर्थक मार्च में शामिल हुए हैं। इसके बाद काफिला करक, कोहाट और पेशावर की ओर बढ़ने की योजना में है। 

PTI ने आगे के दिनों में विभिन्न इलाकों से समर्थकों के मार्च में शामिल होने की योजना बनाई है। पार्टी की ओर से कहा गया है कि आंदोलन को इस्लामाबाद तक ले जाया जाएगा।

सरकार ने इस्लामाबाद में प्रवेश रोकने की बात कही

पाकिस्तान सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदर्शनकारियों को इस्लामाबाद में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार ने राजधानी की ओर जाने वाले मार्गों पर सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी है।

सरकार की ओर से प्रदर्शन के दौरान संभावित हिंसा और कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर चिंता जताई गई है। PTI हालांकि अपने आंदोलन को राजनीतिक विरोध के रूप में पेश कर रही है और इमरान खान की रिहाई को अपनी प्रमुख मांग बता रही है। 

खैबर पख्तूनख्वा में आतंकवाद का मुद्दा भी सामने

सरकार और PTI के बीच बातचीत में खैबर पख्तूनख्वा में सुरक्षा और आतंकवाद का मुद्दा भी महत्वपूर्ण रहा। संघीय सरकार का कहना है कि प्रांतीय सरकार को आतंकवाद के खिलाफ अभियान में केंद्र के साथ सहयोग करना चाहिए।

PTI की ओर से हालांकि केंद्र की नीतियों पर सवाल उठाए गए हैं। इसी मुद्दे ने राजनीतिक बातचीत को और जटिल बनाया है। खैबर पख्तूनख्वा लंबे समय से आतंकी हिंसा से प्रभावित रहा है और सुरक्षा स्थिति को लेकर केंद्र तथा प्रांतीय सरकार के बीच मतभेद रहे हैं।

इमरान की रिहाई पर केंद्रित है आंदोलन

PTI के समर्थकों के लिए इमरान खान की रिहाई इस आंदोलन का केंद्रीय मुद्दा है। मार्च में शामिल समर्थकों ने इमरान के पक्ष में नारे लगाए और उनकी रिहाई की मांग की।

पार्टी नेतृत्व का कहना है कि आंदोलन तब तक जारी रह सकता है, जब तक सरकार इमरान खान से मुलाकात और उनकी चिकित्सा सुविधाओं से संबंधित मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाती।

वहीं सरकार का रुख है कि राजधानी में किसी भी ऐसे प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जा सकती, जिससे कानून-व्यवस्था और सुरक्षा प्रभावित हो।

पाकिस्तान में बढ़ा राजनीतिक तनाव

PTI का लॉन्ग मार्च पाकिस्तान में पहले से जारी राजनीतिक तनाव को और बढ़ा सकता है। इमरान खान की लोकप्रियता, उनकी पार्टी और सरकार के बीच टकराव तथा खैबर पख्तूनख्वा की राजनीतिक स्थिति इस आंदोलन को महत्वपूर्ण बना रही है।

हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि मार्च इस्लामाबाद तक किस स्तर तक पहुंच पाएगा। सरकार ने राजधानी में प्रवेश रोकने के लिए सुरक्षा और सड़क अवरोधों की व्यवस्था की है, जबकि PTI ने अपना मार्च जारी रखने का फैसला किया है। 

आने वाले दिनों में आंदोलन का रुख इस बात पर निर्भर करेगा कि PTI और सरकार के बीच बातचीत दोबारा शुरू होती है या नहीं और मार्च के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति कैसी रहती है। फिलहाल इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन पाकिस्तान की राजनीति में एक नए टकराव का केंद्र बन गया है।

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