MGNREGA की जगह नए कानून को लेकर कांग्रेस ने कड़ा विरोध जताया है। दिल्ली में ‘MGNREGA बचाओ संग्राम’ के तहत प्रदर्शन हुआ। कांग्रेस ने इसे मजदूरों के रोजगार अधिकार और महात्मा गांधी की विरासत पर हमला बताया।
New Delhi: महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGA) को लेकर केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए कानून ने देश की राजनीति में हलचल मचा दी है। कांग्रेस ने मोदी सरकार पर मजदूरों और किसानों के अधिकार छीनने का आरोप लगाते हुए देशव्यापी विरोध का ऐलान किया है। इसी कड़ी में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कांग्रेस ने ‘MGNREGA बचाओ संग्राम’ नाम से बड़ा प्रदर्शन किया। पार्टी का कहना है कि नया कानून गरीबों, ग्रामीण मजदूरों और किसानों के साथ अन्याय है।
क्या है नया VB-G Ramji Adhiniyam 2025
संसद ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम की जगह नया कानून विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम यानी VB-G Ramji Adhiniyam 2025 पारित किया है। सरकार का दावा है कि यह कानून ग्रामीण रोजगार को और प्रभावी बनाएगा। हालांकि कांग्रेस का आरोप है कि इस बदलाव के जरिए सरकार रोजगार के अधिकार को कमजोर कर रही है और महात्मा गांधी के नाम को योजना से हटाकर उनकी विरासत का अपमान किया गया है।
दिल्ली में कांग्रेस का ‘MGNREGA बचाओ संग्राम’
दिल्ली में हुए इस प्रदर्शन में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। मीडिया एवं प्रचार विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा, राज्यसभा सांसद जयराम रमेश और दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने खुलकर सरकार पर हमला बोला। नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ एक कानून के खिलाफ नहीं है, बल्कि मजदूरों की आवाज और संविधान में दिए गए अधिकारों को बचाने की लड़ाई है।
पवन खेड़ा का सरकार पर तीखा हमला
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि जो सरकार मजदूरों और किसानों का अपमान करती है, वह ज्यादा दिन तक सत्ता में नहीं टिकती। उन्होंने कहा कि मनरेगा सिर्फ एक योजना नहीं है, बल्कि ग्रामीण भारत के करोड़ों लोगों की आजीविका का सहारा है। खेड़ा ने बताया कि देश के सभी राज्यों की राजधानियों में इसी तरह के शांतिपूर्ण प्रदर्शन किए जा रहे हैं।
उन्होंने साफ कहा कि MGNREGA को बचाना मतलब मजदूरों की आवाज को बचाना है। इतिहास गवाह है कि जिसने भी किसान और मजदूर का अपमान किया है, उसे जनता ने सत्ता से बाहर कर दिया है।
पुलिस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस की नाराजगी

दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बावजूद पुलिस ने कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोका। उन्होंने कहा कि हजारों पुलिसकर्मियों को तैनात कर कांग्रेस की आवाज दबाने की कोशिश की गई।
देवेंद्र यादव ने चेतावनी देते हुए कहा कि मोदी सरकार चाहे जितनी कोशिश कर ले, कांग्रेस अपने संकल्प से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक मजदूरों और किसानों के हित सुरक्षित नहीं हो जाते।
केरल से भी उठा विरोध का स्वर
कांग्रेस का विरोध सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं रहा। केरल में पार्टी के एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि नए कानून के जरिए सरकार ने रोजगार के अधिकार को कमजोर कर दिया है।
वेणुगोपाल ने यह भी कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण से साफ हो गया है कि सूचना का अधिकार (RTI) भी अब कमजोर हो चुका है। उनके मुताबिक मोदी सरकार का इरादा साफ है, वह आम जनता के अधिकार धीरे-धीरे खत्म करना चाहती है।
बजट 2026 से पहले बढ़ी चिंता
केंद्रीय बजट 2026 को लेकर पूछे गए सवाल पर कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकार का असली चेहरा MGNREGA कानून में बदलाव से सामने आ गया है। उनका कहना है कि मोदी सरकार जनता को अधिकार देने की बजाय इसे अपनी मेहरबानी के रूप में पेश करना चाहती है।
कांग्रेस का आरोप है कि सरकार यह मानकर चल रही है कि रोजगार देना उसका उपकार है, जबकि यह संविधान के तहत जनता का अधिकार है।
महात्मा गांधी के नाम हटाने पर विवाद
कांग्रेस ने नए कानून का सबसे बड़ा विरोध इस बात को लेकर किया है कि योजना से महात्मा गांधी का नाम हटा दिया गया है। पार्टी का कहना है कि गांधी सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत के आत्मसम्मान और अधिकारों का प्रतीक हैं।
महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के दिन यह विरोध प्रदर्शन आयोजित कर कांग्रेस ने सरकार को यह संदेश देने की कोशिश की कि बापू के आदर्शों से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
फंडिंग पैटर्न पर कांग्रेस की आपत्ति
नए कानून में केंद्र और राज्यों के बीच फंडिंग का अनुपात 60:40 कर दिया गया है। कांग्रेस का कहना है कि रोजगार गारंटी जैसी योजना की पूरी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होनी चाहिए। पार्टी के अनुसार राज्यों पर वित्तीय बोझ डालकर सरकार अपनी जिम्मेदारी से बचना चाहती है। इससे गरीब राज्यों में रोजगार गारंटी योजना सबसे ज्यादा प्रभावित होगी।










