महाराष्ट्र निकाय चुनाव से पहले बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। पिंपरी चिंचवड नगर निगम चुनाव के लिए अजित पवार ने शरद पवार की NCP(SP) से गठबंधन की घोषणा की है। दो साल बाद दोनों गुट साथ चुनाव लड़ेंगे।
Mumbai: महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनाव से पहले राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। पिंपरी चिंचवड नगर निगम चुनाव को लेकर डिप्टी सीएम अजित पवार ने अपने चाचा शरद पवार की पार्टी NCP(SP) से गठबंधन की घोषणा कर दी है। दो साल पहले हुए NCP विभाजन के बाद यह पहला मौका है जब दोनों गुट एक साथ चुनावी मैदान में उतरने जा रहे हैं। इस फैसले ने राज्य की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है और सियासी समीकरण तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं।
दो साल बाद फिर साथ आए पवार
अजित पवार और शरद पवार की यह राजनीतिक साझेदारी दो साल बाद सामने आई है। वर्ष 2023 में NCP के विभाजन के बाद दोनों अलग-अलग रास्तों पर चल पड़े थे। अजित पवार भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति सरकार में शामिल हो गए थे, जबकि शरद पवार के गुट ने विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी (MVA) का दामन थाम लिया था। अब पिंपरी चिंचवड नगर निगम चुनाव के लिए दोनों का साथ आना कई मायनों में अहम माना जा रहा है।
पिंपरी चिंचवड में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए अजित पवार ने इस गठबंधन को पारिवारिक एकता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि ‘घड़ी’ और ‘तुरहा’ एक हो गए हैं और परिवार फिर से एकजुट हो गया है। अजित पवार का यह बयान न सिर्फ कार्यकर्ताओं के लिए संदेश था, बल्कि उन मतदाताओं के लिए भी था जो लंबे समय से पवार परिवार को एक साथ देखना चाहते थे।
चुनाव चिह्न की अहमियत
NCP विभाजन से पहले पार्टी का चुनाव चिह्न ‘घड़ी’ हुआ करता था। दो साल पहले पार्टी टूटने के बाद चुनाव आयोग ने ‘घड़ी’ का चुनाव चिह्न अजित पवार के गुट को दे दिया था। इसके बाद शरद पवार के नेतृत्व वाली NCP(SP) ने नया चुनाव चिह्न ‘तुरहा’ अपनाया। अब इन दोनों चिह्नों का एक साथ चुनाव लड़ना कार्यकर्ताओं और समर्थकों के लिए एक भावनात्मक पल माना जा रहा है।

पिंपरी चिंचवड का सियासी महत्व
पिंपरी चिंचवड नगर निगम को महाराष्ट्र के सबसे समृद्ध नगर निगमों में गिना जाता है। बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के बाद इसका स्थान आता है। यह इलाका पुणे जिले में आता है, जिसे पवार परिवार का गढ़ माना जाता है। वर्ष 2017 से यहां NCP का दबदबा रहा है। यही वजह है कि पार्टी टूटने के बावजूद दोनों गुटों ने इस नगर निगम में साथ लड़ने का फैसला किया है।
अजित पवार का विकास एजेंडा
चुनावी रैली के दौरान अजित पवार ने विकास को अपना मुख्य मुद्दा बताया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे कड़ी मेहनत करें और किसी भी तरह की विवादित टिप्पणी से बचें। अजित पवार ने कहा कि कुछ लोगों ने नगर निगम को कर्ज में डुबो दिया है और ऐसे लोगों को बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि गठबंधन की सरकार बनने पर विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
मतदान और नतीखों की तारीख
पिंपरी चिंचवड सहित पुणे और महाराष्ट्र के कुल 29 नगर निगमों में 15 जनवरी को मतदान होगा। इसके नतीजे अगले दिन यानी 16 जनवरी को घोषित किए जाएंगे। वहीं, उम्मीदवारों के नामांकन की आखिरी तारीख 30 दिसंबर तय की गई है। इन तारीखों के ऐलान के बाद सभी राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।
शिंदे गुट की प्रतिक्रिया
अजित पवार और शरद पवार के इस गठबंधन पर सियासी प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। एकनाथ शिंदे की पार्टी ने इस फैसले की आलोचना की है। शिंदे गुट का कहना है कि भले ही पवार परिवार एक साथ आ गया हो, लेकिन अब सिर्फ नाम के सहारे वोट नहीं मिलेंगे। पार्टी के नेताओं का दावा है कि महाराष्ट्र की जनता विकास और काम के आधार पर फैसला करेगी।
भाजपा नेता नवनीत राणा ने भी इस गठबंधन पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अजित पवार, शरद पवार के ही कहने पर भाजपा के साथ आए थे और अब उनका फिर से एकजुट होना खुशी की बात है। नवनीत राणा ने यह भी उम्मीद जताई कि शरद पवार भविष्य में महायुति में शामिल हो सकते हैं।










