महाराष्ट्र राजनीति में हलचल: शिंदे गुट में शामिल होंगे 7 सांसद, ‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चा तेज

महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज है। शिंदे गुट में 7 सांसदों के शामिल होने की अटकलें हैं, जिससे ‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चा बढ़ गई है। शिंदे गुट में 7 सांसदों के

Uddhav Thackeray की पार्टी Shiv Sena (UBT) को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में दलबदल की अटकलें फिर तेज हो गई हैं। चर्चा है कि पार्टी के 7 लोकसभा सांसद Eknath Shinde के नेतृत्व वाली Shiv Sena में शामिल हो सकते हैं।

मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़े राजनीतिक बदलाव की अटकलें तेज हो गई हैं। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट के कुछ सांसदों के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने की संभावनाओं को लेकर चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। इसी बीच शिंदे गुट के नेता और पूर्व सांसद कृपालु माने ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि आने वाले मॉनसून सत्र से पहले राजनीतिक समीकरणों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चा तेज

कृपालु माने ने दावा किया है कि जल्द ही “ऑपरेशन टाइगर” नाम से एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिलेगा, जिसमें उद्धव ठाकरे गुट के कई सांसद शिंदे गुट में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ रही है और इसके लिए आवश्यक राजनीतिक और संगठनात्मक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। माने के अनुसार, “ऑपरेशन टाइगर से पहले सभी जरूरी जांच और बातचीत पूरी हो चुकी है और जल्द ही इसका असर सार्वजनिक रूप से दिखाई देगा।”

7 सांसदों के शामिल होने का दावा

कृपालु माने ने यह भी दावा किया कि उद्धव ठाकरे गुट के करीब 7 लोकसभा सांसद शिंदे गुट के संपर्क में हैं और मॉनसून सत्र से पहले वे औपचारिक रूप से शामिल हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि इन सांसदों में से कुछ ने पार्टी बैठकों में भी हिस्सा नहीं लिया है, जबकि कुछ पहले से ही शिंदे गुट के नेताओं के संपर्क में हैं।

हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि किसी भी राजनीतिक दल की ओर से नहीं की गई है। माने ने केवल सांसदों तक ही बात सीमित नहीं रखी, बल्कि यह भी दावा किया कि महाराष्ट्र विधानसभा के करीब 16 विधायक भी शिंदे गुट के संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में “ऑपरेशन टाइगर” के बाद “ऑपरेशन विधायक” भी देखने को मिल सकता है, जिसमें और अधिक जनप्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है।

विकास को बताया कारण

कृपालु माने ने अपने बयान में यह भी कहा कि कई जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों को लेकर संतुष्ट नहीं हैं, जबकि शिंदे सरकार के नेतृत्व में विकास कार्यों में तेजी आई है। उन्होंने दावा किया कि इसी वजह से कई सांसद और विधायक शिंदे गुट की ओर आकर्षित हो रहे हैं। महाराष्ट्र में पहले से ही शिवसेना के दो धड़ों—उद्धव ठाकरे गुट और एकनाथ शिंदे गुट—के बीच राजनीतिक और कानूनी संघर्ष जारी है। ऐसे में इस तरह के दावे राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस तरह का कोई बड़ा राजनीतिक बदलाव होता है, तो यह राज्य की सत्ता संतुलन और आगामी चुनावी समीकरणों पर बड़ा असर डाल सकता है।

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