नई रिसर्च के अनुसार चावल धोने से आर्सेनिक और माइक्रोप्लास्टिक की मात्रा कम हो सकती है, लेकिन इसके साथ कुछ जरूरी पोषक तत्व भी निकल जाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि एक-दो बार हल्का धोना सबसे बेहतर विकल्प हो सकता है।
Rice Washing Study: चावल पकाने से पहले धोना भारतीय रसोई की एक आम आदत है, लेकिन क्या यह वास्तव में फायदेमंद है? हालिया शोध और विशेषज्ञों की राय बताती है कि चावल धोने के कुछ महत्वपूर्ण लाभ हैं, वहीं इसके कुछ छोटे नुकसान भी हो सकते हैं। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि चावल धोने का सही तरीका क्या है और इसका स्वास्थ्य पर कितना असर पड़ता है।
चावल धोने पर क्यों उठ रहा है सवाल?
अधिकांश लोग चावल को पकाने से पहले कई बार पानी से धोते हैं। ऐसा आमतौर पर धूल-मिट्टी हटाने या चावल को साफ करने के लिए किया जाता है। हालांकि हालिया अध्ययनों ने इस प्रक्रिया को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि जब चावल को बार-बार पानी से धोया जाता है, तो केवल गंदगी ही नहीं बल्कि कुछ घुलनशील पोषक तत्व भी पानी के साथ निकल जाते हैं। इनमें कॉपर, आयरन, जिंक और वैनेडियम जैसे खनिज शामिल हैं, जो शरीर के लिए जरूरी माने जाते हैं।
पोषक तत्वों का नुकसान कितना गंभीर है?
ऑस्ट्रेलिया की एक मान्यता प्राप्त डाइटिशियन इवेंजेलीन मैन्टजियोरिस के अनुसार, चावल में मौजूद इन पोषक तत्वों की मात्रा वैसे भी बहुत अधिक नहीं होती। इसलिए चावल धोने से होने वाला पोषण नुकसान आमतौर पर इतना बड़ा नहीं होता कि किसी स्वस्थ व्यक्ति के दैनिक पोषण पर महत्वपूर्ण असर पड़े।
यानी यदि आप चावल को एक-दो बार धोते हैं तो इससे आपके शरीर में पोषक तत्वों की कमी होने की संभावना बेहद कम है।
आर्सेनिक और माइक्रोप्लास्टिक कम करने में मददगार
विशेषज्ञों का मानना है कि चावल धोने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे कुछ हानिकारक तत्वों की मात्रा कम हो सकती है। खेती के दौरान चावल में मिट्टी और पानी के माध्यम से आर्सेनिक पहुंच सकता है। आर्सेनिक एक ऐसा तत्व है जिसकी अधिक मात्रा स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक मानी जाती है।
खाद्य वैज्ञानिक परमल देव के अनुसार, चावल को धोने से दानों की सतह पर मौजूद कुछ आर्सेनिक हट सकता है। इसके अलावा माइक्रोप्लास्टिक की मात्रा भी कम हो सकती है।
2021 में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि चावल को पकाने से पहले धोने से माइक्रोप्लास्टिक कणों की मात्रा 20 से 40 प्रतिशत तक कम हो सकती है। हालांकि माइक्रोप्लास्टिक के स्वास्थ्य पर प्रभावों को लेकर अभी शोध जारी है, लेकिन वैज्ञानिक समुदाय इसे लेकर लगातार चिंता जता रहा है।
क्या बाजार से खरीदा चावल धोना जरूरी है?
कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक प्रोसेसिंग तकनीकों के कारण सुपरमार्केट में मिलने वाला पैक्ड चावल पहले से ही काफी साफ होता है। उत्पादन प्रक्रिया के दौरान चावल की सफाई, सुखाने, छिलका हटाने और पैकेजिंग जैसी कई प्रक्रियाएं पूरी की जाती हैं।
इस वजह से केवल खाद्य सुरक्षा के दृष्टिकोण से देखा जाए तो पैक्ड चावल को बार-बार धोना जरूरी नहीं माना जाता। फिर भी कई लोग स्वाद, बनावट और अतिरिक्त सुरक्षा के लिए इसे धोना पसंद करते हैं।
क्या है सबसे बेहतर तरीका?
विशेषज्ञों के अनुसार चावल को एक या दो बार हल्के हाथों से धोना सबसे संतुलित तरीका माना जा सकता है। इससे सतह पर मौजूद संभावित आर्सेनिक, धूल और कुछ माइक्रोप्लास्टिक कम हो जाते हैं, जबकि पोषक तत्वों का नुकसान भी सीमित रहता है।
बहुत ज्यादा बार धोने या लंबे समय तक पानी में भिगोकर रखने से पोषक तत्वों की हानि बढ़ सकती है। इसलिए संतुलन बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण है।













