ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बानीज ने मिडिल ईस्ट संकट के बढ़ते प्रभाव पर आगाह किया। उन्होंने महंगाई और आर्थिक दबाव की संभावना जताई और नेशनल फ्यूल सिक्योरिटी प्लान व ईंधन पर टैक्स राहत सहित उपायों की जानकारी दी।
World News: ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का असर अब वैश्विक स्तर पर साफ दिखाई दे रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले महीने आसान नहीं होंगे और महंगाई और आर्थिक दबाव बढ़ सकते हैं। प्रधानमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार पूरी कोशिश कर रही है कि देश और आम लोग इस संकट से सुरक्षित रहें, लेकिन वैश्विक स्तर पर उत्पन्न इन परिस्थितियों को पूरी तरह नियंत्रण में रखना मुश्किल है।
उन्होंने राष्ट्र को भरोसा दिलाया कि कठिन हालात में ऑस्ट्रेलिया मिलकर इन चुनौतियों का सामना करेगा और नागरिकों को एक-दूसरे का सहयोग करना होगा। उनका संदेश था कि इस संकट में सरकार और जनता दोनों को जिम्मेदारी के साथ कदम उठाने होंगे।
महंगाई और आर्थिक दबाव का असर
अल्बानीज ने कहा कि युद्ध का ऑस्ट्रेलिया पर सीधे तौर पर कोई सैन्य प्रभाव नहीं है, लेकिन इसका आर्थिक प्रभाव हर जगह महसूस किया जा रहा है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार वृद्धि हुई है, जिससे आम लोगों के रोजमर्रा के खर्चों पर असर पड़ा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि किसान, ट्रक ड्राइवर, छोटे कारोबारी और परिवार इस समय आर्थिक दबाव झेल रहे हैं। उन्होंने माना कि युद्ध के कारण पैदा हुए आर्थिक झटके आने वाले महीनों तक जारी रह सकते हैं। इसके चलते महंगाई की मार आम लोगों के लिए बड़ी चुनौती बन गई है।
नेशनल फ्यूल सिक्योरिटी प्लान लागू

सरकार ने ईंधन की सप्लाई को सुनिश्चित करने के लिए 'नेशनल फ्यूल सिक्योरिटी प्लान' लागू किया है। इस योजना का उद्देश्य यह है कि अगर लंबे समय तक ईंधन की उपलब्धता बाधित होती है तो देश में आवश्यकताएं पूरी की जा सकें।
इस योजना के तहत केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम करेंगी और जरूरत पड़ने पर ईंधन की सप्लाई को नियंत्रित और व्यवस्थित किया जाएगा। इसके अलावा पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता पर लगातार नजर रखी जाएगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ईंधन पर लगने वाले टैक्स में भी राहत दी गई है। पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी को आधा कर दिया गया है, जिससे प्रति लीटर करीब 26 सेंट की कमी हुई है। यह राहत अगले तीन महीनों तक लागू रहेगी।
सरकार की तैयारियां
अल्बानीज ने बताया कि सरकार आने वाले महीनों में महंगाई और ईंधन संकट को कम करने के लिए कई उपाय कर रही है। इसमें ईंधन की कीमत को नियंत्रित करना, देश में उत्पादन बढ़ाना और सप्लाई चेन को मजबूत करना शामिल है। उनका कहना था कि सरकार हर संभव प्रयास कर रही है ताकि आम लोग इस संकट का सामना आसानी से कर सकें।
लोगों से प्रधानमंत्री की अपील
अल्बानीज ने नागरिकों से अपील की कि वे जरूरत से ज्यादा ईंधन जमा न करें और सामान्य तरीके से ही पेट्रोल भरवाएं। उन्होंने कहा कि ऐसा करने से अन्य लोगों के लिए भी ईंधन उपलब्ध रहेगा।
प्रधानमंत्री ने यह भी सुझाव दिया कि जहां संभव हो, लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें। इससे ईंधन की बचत होगी और उन लोगों को मदद मिलेगी जिन्हें रोजमर्रा के काम के लिए वाहन चलाना जरूरी है, जैसे किसान, ट्रक ड्राइवर और स्वास्थ्यकर्मी।
उन्होंने जोर देकर कहा कि लोगों का सहयोग इस संकट का सामना करने में निर्णायक साबित होगा। सरकार की योजना और जनता का सामूहिक प्रयास मिलकर देश को मुश्किल समय के लिए तैयार रख सकता है।










