उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर बहुजन समाज पार्टी (BSP) की अध्यक्ष मायावती ने लखनऊ में एक अहम बैठक बुलाई। इस बैठक में पार्टी के 1400 से अधिक पदाधिकारी शामिल हुए, जिनमें ज़िलाध्यक्ष, विधानसभा अध्यक्ष और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल थे।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई, जिसमें 1400 से अधिक पदाधिकारी शामिल हुए, जिनमें ज़िलाध्यक्ष और विधानसभा अध्यक्ष भी थे। इस बैठक में संगठन को मजबूत करने और जनाधार बनाए रखने के तरीकों पर विस्तार से मंथन किया गया।
बैठक के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में पार्टी को कमजोर करने के लिए विरोधी पार्टियों द्वारा रचे जा रहे षड्यंत्रों के प्रति पदाधिकारियों को सतर्क किया जाएगा।
मायावती ने की स्थिति की समीक्षा
बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में BSP सुप्रीमो मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश में विरोधी पार्टियों द्वारा बीएसपी को कमजोर करने के लिए षड्यंत्र रचा जा रहा है, जिससे पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी अपनी जनहितकारी नीतियों और जनाधार की सुरक्षा के लिए सभी संभावित कदम उठाएगी।
मायावती ने कहा, केंद्र और राज्य सरकार वर्तमान समय में जनहित के मुद्दों पर काम करने की बजाय जाति-धर्म की राजनीति चमकाने में लगी हुई हैं। इससे समाज में द्वेष और तनाव की स्थिति पैदा हो रही है, जो देश और जनहित के लिए ठीक नहीं।

विरोधियों पर साधा निशाना
बीएसपी सुप्रीमो ने संसद में हो रहे हंगामे को लेकर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि संसद में विवाद और ड्रामेबाज़ी के कारण महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा नहीं हो रही। उनके अनुसार, कानून के अनुसार संसद को चलाना चाहिए, लेकिन सत्ता और विपक्ष दोनों अपनी राजनीतिक लड़ाई में व्यस्त हैं। मायावती ने चेतावनी दी कि ऐसे व्यवहार से जनता का विश्वास कम होता है और देशहित के मुद्दे अनदेखे रह जाते हैं।
मायावती ने अमेरिका और भारत के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते (टैरिफ डील) पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि देश में आज भी किसान, मजदूर और मुस्लिम समुदाय की स्थिति में सुधार के बजाय राजनीति जाति और धर्म के आधार पर की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह घटिया राजनीति देश और समाज के हित में नहीं है।
सुप्रीमो ने यह भी कहा कि विरोधी दल बीएसपी को कमजोर करने की कोशिशों में लगे हैं, और आगामी विधानसभा चुनाव के दृष्टिगत पार्टी की तैयारी अब बहुत महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने बैठक में उपस्थित सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जनसंवाद और संगठन मजबूत करने पर ध्यान दें।











