मिथुन चक्रवर्ती को मिली बड़ी जिम्मेदारी, पश्चिम बंगाल सरकार के सलाहकार बने; कैबिनेट मंत्री का दर्जा

मिथुन चक्रवर्ती को पश्चिम बंगाल सरकार के सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों का सलाहकार बनाया गया है। उन्हें कैबिनेट मंत्री के बराबर का दर्जा दिया गया है।

अभिनेता और बीजेपी नेता मिथुन चक्रवर्ती को पश्चिम बंगाल सरकार के सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग का सलाहकार नियुक्त किया गया है। उन्हें कैबिनेट मंत्री के बराबर दर्जा मिला है। नई जिम्मेदारी के साथ वह सरकार को संस्कृति और सिनेमा पर सलाह देंगे।

कोलकाता: दिग्गज अभिनेता और भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता मिथुन चक्रवर्ती को पश्चिम बंगाल सरकार में बड़ी जिम्मेदारी मिली है। राज्य सरकार ने उन्हें सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग का सलाहकार नियुक्त किया है। इस पद पर उन्हें कैबिनेट मंत्री के बराबर का दर्जा दिया गया है। सरकारी अधिसूचना के अनुसार, नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू होगी और अगले आदेश तक जारी रहेगी। मिथुन चक्रवर्ती की यह नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार पश्चिम बंगाल के कला, सिनेमा और सांस्कृतिक क्षेत्र को लेकर नई योजनाओं पर जोर दे रही है। सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों का विभाग मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पास है। नई भूमिका में मिथुन चक्रवर्ती सरकार को सांस्कृतिक और फिल्म जगत से जुड़े मामलों पर सलाह देंगे।

सरकारी अधिसूचना के बाद नई जिम्मेदारी

पश्चिम बंगाल के कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में मिथुन चक्रवर्ती को सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग में सरकार का सलाहकार नियुक्त किए जाने की जानकारी दी गई है। उन्हें कैबिनेट मंत्री के दर्जे के साथ यह जिम्मेदारी दी गई है।

हालांकि, यह नियुक्ति उन्हें पूर्ण कैबिनेट मंत्री नहीं बनाती। वह सलाहकार की भूमिका में रहेंगे, जबकि पद के साथ कैबिनेट मंत्री के बराबर प्रोटोकॉल और दर्जा दिया गया है। उनकी जिम्मेदारियों का विस्तृत दायरा आगे स्पष्ट किया जाएगा।

रिपोर्टों के मुताबिक, मिथुन फिलहाल अलिपुरद्वार में फिल्म की शूटिंग में व्यस्त हैं और नई जिम्मेदारी मिलने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के प्रति आभार जताया है। इससे पहले मुख्यमंत्री ने भी बंगाली सिनेमा में मिथुन के योगदान को देखते हुए उन्हें सरकार की सांस्कृतिक भूमिका में शामिल करने की बात कही थी।

बंगाल की संस्कृति और सिनेमा पर रहेगा फोकस

मिथुन चक्रवर्ती की नियुक्ति का सीधा संबंध पश्चिम बंगाल के सांस्कृतिक और फिल्म क्षेत्र से माना जा रहा है। राज्य सरकार बंगाल की फिल्म विरासत को बढ़ावा देने और फिल्म निर्माण के लिए बेहतर बुनियादी ढांचा तैयार करने पर जोर दे रही है।

हाल ही में सरकार की ओर से उत्तम कुमार फिल्म सेंटर से जुड़ी परियोजना को आगे बढ़ाया गया है। इसके अलावा फिल्म निर्माण और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए नए प्रयास किए जा रहे हैं।

ऐसे में पांच दशक से ज्यादा लंबे फिल्मी करियर वाले मिथुन चक्रवर्ती की विशेषज्ञता सरकार के लिए उपयोगी हो सकती है। उन्होंने बंगाली और हिंदी फिल्मों में लंबे समय तक काम किया है और मनोरंजन उद्योग में उनकी व्यापक पहचान है।

बीजेपी के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे हैं मिथुन

मिथुन चक्रवर्ती पिछले कुछ वर्षों से पश्चिम बंगाल में भाजपा के प्रमुख प्रचारकों में शामिल रहे हैं। उन्होंने 2021 में भाजपा का दामन थामा था और विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी के लिए व्यापक प्रचार किया।

कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में मार्च 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी वाले कार्यक्रम के दौरान मिथुन भाजपा में औपचारिक रूप से शामिल हुए थे। इसके बाद उन्होंने पार्टी के लिए कई चुनावी अभियानों में हिस्सा लिया और अपने फिल्मी संवादों तथा आक्रामक चुनावी अंदाज के कारण काफी सुर्खियां बटोरीं।

2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने भाजपा के लिए प्रचार किया। इसके बाद पार्टी के सत्ता में आने और शुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री बनने के कुछ महीनों बाद उन्हें सरकार में औपचारिक सलाहकार की जिम्मेदारी दी गई है।

राजनीति में आने से पहले भी रहा लंबा सफर

मिथुन चक्रवर्ती का राजनीतिक सफर सीधे भाजपा से शुरू नहीं हुआ था। वर्ष 2014 में वह तृणमूल कांग्रेस के समर्थन से राज्यसभा पहुंचे थे। उन्होंने संसद के उच्च सदन में टीएमसी सांसद के तौर पर काम किया, लेकिन 2016 में स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।

इसके बाद वह कुछ समय तक सक्रिय राजनीति से दूर रहे। 2021 में भाजपा में शामिल होने के बाद उन्होंने पश्चिम बंगाल की राजनीति में फिर सक्रिय भूमिका निभाई। तब से वह पार्टी के प्रमुख स्टार प्रचारकों में गिने जाते हैं।

उनका यह राजनीतिक सफर बंगाल की बदलती राजनीति में खासा चर्चित रहा है। पहले तृणमूल कांग्रेस के साथ उनका जुड़ाव रहा और बाद में उन्होंने भाजपा का रुख किया। अब सरकार में सलाहकार की नई भूमिका उनके राजनीतिक सफर का एक और महत्वपूर्ण पड़ाव है।

शुभेंदु अधिकारी के साथ राजनीतिक समीकरण

मिथुन चक्रवर्ती और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के बीच राजनीतिक समीकरण भी इस नियुक्ति के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मिथुन ने पहले शुभेंदु अधिकारी की नेतृत्व क्षमता की सार्वजनिक रूप से प्रशंसा की है।

वहीं, मुख्यमंत्री ने भी बंगाली सिनेमा और सांस्कृतिक क्षेत्र में मिथुन के योगदान को महत्व दिया है। हालिया कार्यक्रमों में सरकार ने फिल्म और सांस्कृतिक ढांचे को मजबूत करने के लिए उनके अनुभव का इस्तेमाल करने की कोशिश की है।

नई जिम्मेदारी के साथ मिथुन की भूमिका केवल राजनीतिक प्रचार तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उन्हें सरकार के सांस्कृतिक मामलों से जुड़े सलाहकारी ढांचे में भी स्थान मिलेगा।

फिल्म उद्योग को बढ़ावा देने की उम्मीद

मिथुन चक्रवर्ती की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम बंगाल सरकार राज्य में फिल्म निर्माण और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की कोशिश कर रही है। सरकार का उद्देश्य बंगाल को फिल्म और संस्कृति के क्षेत्र में फिर से एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना है।

मिथुन का लंबा फिल्मी अनुभव इस रणनीति में महत्वपूर्ण हो सकता है। वह बंगाली सिनेमा के साथ-साथ हिंदी फिल्म उद्योग से भी लंबे समय से जुड़े रहे हैं। उनकी राष्ट्रीय पहचान का इस्तेमाल राज्य में फिल्म निर्माण को आकर्षित करने और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए किया जा सकता है।

रिपोर्टों के मुताबिक, मिथुन ने बंगाल में फिल्म निर्माण के लिए 30 प्रतिशत सब्सिडी की मांग भी रखी थी, जिस पर मुख्यमंत्री की ओर से सहमति मिलने की बात सामने आई थी।

पद्म भूषण से सम्मानित हो चुके हैं मिथुन

मिथुन चक्रवर्ती को भारतीय सिनेमा में उनके लंबे योगदान के लिए वर्ष 2024 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। वह बंगाली और हिंदी सिनेमा में पांच दशक से अधिक समय से सक्रिय रहे हैं और उनके नाम कई लोकप्रिय फिल्मों से जुड़े हैं।

फिल्मी करियर में उन्होंने अभिनय के साथ-साथ निर्माण के क्षेत्र में भी काम किया है। बंगाली सिनेमा में उन्हें ‘महागुरु’ के नाम से भी जाना जाता है। उनकी लोकप्रियता और लंबे सार्वजनिक जीवन को देखते हुए सरकार में उनकी नई भूमिका का सांस्कृतिक क्षेत्र में खास महत्व है।

बंगाल की राजनीति में नई भूमिका

मिथुन चक्रवर्ती की नई जिम्मेदारी उन्हें पश्चिम बंगाल की राजनीति और प्रशासन में पहले से अधिक औपचारिक भूमिका में ले आई है। अब वह सरकार के सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों से जुड़े विषयों पर सलाह देंगे।

हालांकि उनकी सटीक जिम्मेदारियों और अधिकार क्षेत्र का विस्तृत स्वरूप आने वाले समय में स्पष्ट होगा। फिलहाल इतना तय है कि अभिनेता से राजनेता बने मिथुन चक्रवर्ती अब भाजपा नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार के सांस्कृतिक ढांचे का औपचारिक हिस्सा बन गए हैं।

यह नियुक्ति बंगाल की राजनीति में उनके बढ़ते महत्व के साथ-साथ राज्य सरकार की फिल्म, कला और सांस्कृतिक विरासत को लेकर प्राथमिकताओं का भी संकेत देती है।

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