जंतर-मंतर पर हालिया प्रदर्शन के बाद केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने Gen Z और Gen Alpha तक अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए नई रणनीति पर काम शुरू किया है।
Narendra Modi Government Strategy: दिल्ली में हालिया छात्र प्रदर्शनों के बाद केंद्र सरकार ने युवाओं, खासकर Gen Z और Gen Alpha तक अपनी पहुंच बढ़ाने की दिशा में नई रणनीति पर काम शुरू किया है। सरकार का फोकस अब केवल सोशल मीडिया पर सक्रियता बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि केंद्रीय मंत्रियों को छात्रों के साथ सीधे संवाद के लिए स्कूलों और विश्वविद्यालयों तक पहुंचाने की योजना पर भी जोर दिया जा रहा है।
इस रणनीति के तहत केंद्रीय मंत्रियों के डिजिटल कम्युनिकेशन और सोशल मीडिया प्रदर्शन का आकलन किया गया है। बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में मंत्रियों को उनके डिजिटल प्रदर्शन से जुड़ा रिपोर्ट कार्ड दिए जाने की जानकारी सामने आई। इस समीक्षा का उद्देश्य यह समझना बताया गया है कि मंत्री सोशल मीडिया के जरिए युवाओं और आम लोगों तक कितनी प्रभावी ढंग से पहुंच बना पा रहे हैं।
सोशल मीडिया प्रदर्शन के लिए तैयार हुआ रिपोर्ट कार्ड
रिपोर्ट में 1 मई से 15 अगस्त के बीच केंद्रीय मंत्रियों की डिजिटल गतिविधियों का आकलन किए जाने की बात सामने आई है। यह अवधि युवाओं और छात्रों से जुड़े कई मुद्दों तथा विरोध-प्रदर्शनों के कारण सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रही। मंत्रियों की डिजिटल मौजूदगी को LinkedIn, Instagram, X और Facebook जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म पर परखा गया। मूल्यांकन में केवल फॉलोअर्स की संख्या को आधार नहीं बनाया गया, बल्कि पोस्ट की नियमितता और लोगों की वास्तविक भागीदारी को भी महत्व दिया गया।
रिपोर्ट के लिए औसत दैनिक पोस्ट, कुल एंगेजमेंट, प्रति पोस्ट औसत एंगेजमेंट, लाइक्स, फॉलोअर्स और कुल इंटरैक्शन जैसे अलग-अलग मानकों का इस्तेमाल किए जाने की जानकारी है। इसका उद्देश्य यह देखना था कि किस मंत्री की डिजिटल पहुंच वास्तव में लोगों के साथ प्रभावी संवाद में बदल रही है।
डिजिटल रैंकिंग में प्रधानमंत्री मोदी सबसे आगे
सामने आई जानकारी के मुताबिक, ओवरऑल डिजिटल परफॉर्मेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सबसे ऊपर रहे। केंद्रीय मंत्रियों में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, रेल एवं सूचना-प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल का प्रदर्शन भी प्रमुख रहा।
रिपोर्ट में एनडीए के कुछ सहयोगी दलों से जुड़े मंत्रियों के डिजिटल जुड़ाव को और मजबूत करने की जरूरत भी बताई गई है। सरकार की कोशिश सोशल मीडिया पर केवल सूचनाएं साझा करने के बजाय युवाओं के साथ ज्यादा सक्रिय और दोतरफा संवाद स्थापित करने की है।

राजनीतिक स्तर पर भी डिजिटल प्रभाव का आकलन
डिजिटल पहुंच को लेकर राजनीतिक नेताओं की अलग श्रेणी में भी समीक्षा किए जाने की जानकारी सामने आई है। इस सूची में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा कांग्रेस नेता राहुल गांधी, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय जैसे नाम शामिल बताए गए हैं।
यह संकेत देता है कि राजनीतिक संवाद में सोशल मीडिया की भूमिका लगातार बढ़ रही है। खासकर युवा मतदाताओं के बीच Instagram, YouTube, X और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म राजनीतिक विचारों और नीतियों तक पहुंचने के महत्वपूर्ण माध्यम बन चुके हैं।
स्कूल और विश्वविद्यालयों तक पहुंचेंगे मंत्री
मोदी सरकार की रणनीति का दूसरा महत्वपूर्ण हिस्सा छात्रों के साथ प्रत्यक्ष संवाद है। प्रधानमंत्री ने केंद्रीय मंत्रियों से अपने-अपने क्षेत्रों में सरकारी स्कूलों का दौरा करने और विद्यार्थियों से बातचीत करने को कहा है। इस पहल के जरिए सरकार छात्रों की वास्तविक समस्याओं, शिक्षा की गुणवत्ता, स्कूलों की सुविधाओं, परीक्षा व्यवस्था और रोजगार से जुड़े सवालों को सीधे समझने की कोशिश कर सकती है। विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में युवाओं के साथ संवाद बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।











