वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप में आज सिंधु समेत भारत के 5 मुकाबले

वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप में आज भारत के पांच मुकाबले होंगे। पीवी सिंधु विमेंस सिंगल्स में वांग झी यी से भिड़ेंगी। आयुष शेट्टी अल्वी फरहान के सामने होंगे।

वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप में आज भारत के पांच मुकाबले होंगे। पीवी सिंधु विमेंस सिंगल्स में वांग झी यी से भिड़ेंगी। आयुष शेट्टी अल्वी फरहान के सामने होंगे। सात्विक-चिराग, ट्रीसा-गायत्री और ध्रुव-तनिषा भी नॉकआउट मुकाबले खेलेंगे।

स्पोर्ट्स न्यूज़: वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप में गुरुवार को भारतीय खिलाड़ियों के लिए अहम दिन है। टूर्नामेंट में आज भारत के पांच मुकाबले खेले जाएंगे। इनमें सबसे ज्यादा नजर दो बार की ओलिंपिक मेडलिस्ट पीवी सिंधु पर रहेगी, जो विमेंस सिंगल्स के राउंड ऑफ 16 में चीन की वांग झी यी के सामने उतरेंगी। इसके अलावा मेंस डबल्स में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी, मेंस सिंगल्स में आयुष शेट्टी तथा विमेंस डबल्स में ट्रीसा जॉली-गायत्री गोपीचंद की जोड़ी भी अपने-अपने मुकाबले खेलेगी।

भारतीय खिलाड़ियों के इन मुकाबलों का लक्ष्य टूर्नामेंट के अगले दौर में जगह बनाना होगा। खास तौर पर सिंधु और सात्विक-चिराग की जोड़ी से भारतीय प्रशंसकों को बड़ी उम्मीदें हैं। दोनों ही मुकाबले नॉकआउट चरण में आगे बढ़ने के लिहाज से महत्वपूर्ण होंगे।

सिंधु के सामने चीन की वांग झी यी की चुनौती

विमेंस सिंगल्स के राउंड ऑफ 16 में पीवी सिंधु का मुकाबला चीन की वांग झी यी से होगा। यह मुकाबला शाम 5:10 बजे से शुरू होने का कार्यक्रम है। सिंधु ने इससे पहले राउंड ऑफ 32 में कनाडा की वेन यू झांग को सीधे दो गेम में हराकर अगले दौर में जगह बनाई थी।

सिंधु ने उस मुकाबले में 21-16, 21-17 से जीत दर्ज की थी। उन्होंने शुरुआत से ही मैच पर नियंत्रण बनाए रखा और दोनों गेम में महत्वपूर्ण मौकों पर अंक हासिल कर मुकाबला अपने नाम किया।

अब उनके सामने वांग झी यी जैसी मजबूत चीनी खिलाड़ी की चुनौती है। चीन लंबे समय से विश्व बैडमिंटन में मजबूत टीमों में शामिल रहा है और वांग झी यी भी शीर्ष स्तर पर लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाली खिलाड़ियों में हैं। ऐसे में सिंधु को अगले दौर में पहुंचने के लिए अपने अनुभव और आक्रामक खेल का बेहतर इस्तेमाल करना होगा।

सिंधु के अनुभव पर रहेंगी नजरें

पीवी सिंधु विश्व बैडमिंटन की सबसे अनुभवी भारतीय खिलाड़ियों में शामिल हैं। वह ओलिंपिक में भारत के लिए दो पदक जीत चुकी हैं और वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी शानदार रिकॉर्ड रखती हैं। बड़े टूर्नामेंट के नॉकआउट मुकाबलों में उनका अनुभव उनके लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

वांग झी यी के खिलाफ मुकाबले में सिंधु को रैली में धैर्य रखने के साथ-साथ सही समय पर आक्रमण करना होगा। चीनी खिलाड़ियों के खिलाफ लंबी रैलियां और कोर्ट कवरेज अक्सर निर्णायक भूमिका निभाते हैं। इसलिए सिंधु की फिटनेस और मैच के दौरान रणनीति पर भी नजर रहेगी।

आयुष शेट्टी के सामने अल्वी फरहान

मेंस सिंगल्स के राउंड ऑफ 16 में भारत के आयुष शेट्टी का मुकाबला इंडोनेशिया के अल्वी फरहान से होगा। आयुष ने टूर्नामेंट में अब तक प्रभावशाली प्रदर्शन किया है।

राउंड ऑफ 32 में उन्होंने श्रीलंका के दमिंदु अबिविक्रमा को 21-8, 21-10 से हराया था। इससे पहले आयुष ने चीन के वर्ल्ड नंबर-1 और डिफेंडिंग चैंपियन शी यू ची को हराकर बड़ा उलटफेर किया था।

शी यू ची जैसी मजबूत खिलाड़ी को हराने के बाद आयुष का आत्मविश्वास काफी बढ़ा होगा। हालांकि, अगले मुकाबले में उन्हें अपनी पिछली जीत को भूलकर नए सिरे से शुरुआत करनी होगी। अल्वी फरहान भी तेज गति और आक्रामक खेल के लिए जाने जाते हैं। दोनों खिलाड़ियों के बीच मुकाबला रोमांचक होने की उम्मीद है।

सात्विक-चिराग को मिला वॉकओवर

मेंस डबल्स में भारत की स्टार जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी राउंड ऑफ 16 में मलेशिया के जुनैदी अरिफ और रॉय किंग याप की जोड़ी से भिड़ेगी।

भारतीय जोड़ी को पिछले दौर में स्कॉटलैंड के एलेक्जेंडर डन और एडम प्रिंगल के खिलाफ वॉकओवर मिला था। इसका मतलब है कि सात्विक और चिराग को पिछले दौर में कोर्ट पर उतरकर मुकाबला नहीं खेलना पड़ा और उन्हें बिना मैच खेले अगले दौर में प्रवेश मिला।

वॉकओवर के कारण उन्हें शारीरिक रूप से अतिरिक्त मेहनत नहीं करनी पड़ी, लेकिन लंबे समय तक प्रतिस्पर्धी मैच नहीं खेलने से रिदम पर असर पड़ सकता है। ऐसे में मलेशियाई जोड़ी के खिलाफ सात्विक और चिराग को शुरुआत से ही अपनी लय हासिल करने पर ध्यान देना होगा।

ट्रीसा-गायत्री के सामने जापानी जोड़ी

विमेंस डबल्स के राउंड ऑफ 16 में भारत की ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी जापान की रिन इवानागा और की नाकानिशी के खिलाफ खेलेगी।

भारतीय जोड़ी ने पिछले दौर में अच्छा प्रदर्शन करते हुए नॉकआउट चरण में जगह बनाई है। अब जापान की जोड़ी के खिलाफ उनके सामने एक कठिन चुनौती होगी। जापानी बैडमिंटन खिलाड़ी अपनी तेज रफ्तार, कोर्ट कवरेज और रक्षात्मक खेल के लिए जानी जाती हैं।

ट्रीसा और गायत्री को मुकाबले में नेट प्ले के साथ-साथ रैलियों की गति पर नियंत्रण बनाए रखना होगा। यदि भारतीय जोड़ी शुरुआत में बढ़त बनाने में सफल रहती है तो उसके पास क्वार्टरफाइनल में पहुंचने का अच्छा मौका होगा।

ध्रुव कपिला-तनिषा क्रास्टो की जोड़ी भी मैदान में

मिक्स्ड डबल्स के राउंड ऑफ 16 में भारत के ध्रुव कपिला और तनिषा क्रास्टो का सामना चीन की गुओ शिन वा और चेन फांग हुई से होगा।

भारतीय जोड़ी ने पिछले मुकाबले में मकाऊ के लियोंग लोक चोंग और एन वेंग ची को 21-11, 21-11 से सीधे दो गेम में हराया था। इस जीत से उन्हें अगले दौर के लिए आत्मविश्वास मिला होगा।

हालांकि, चीन की जोड़ी के खिलाफ मुकाबला अधिक कठिन माना जा रहा है। भारतीय खिलाड़ियों को सर्विस, रिटर्न और नेट के आसपास तेजी बनाए रखने के साथ-साथ लंबी रैलियों में धैर्य दिखाना होगा।

भारत के लिए नॉकआउट चरण का अहम दिन

वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप के नॉकआउट चरण में पहुंचने के बाद हर मुकाबला खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण हो जाता है। एक हार के साथ टूर्नामेंट से बाहर होने का खतरा रहता है, जबकि जीत उन्हें क्वार्टरफाइनल की ओर ले जाती है।

भारत की ओर से आज पांच मुकाबले होने के कारण बैडमिंटन प्रशंसकों की नजरें पूरे दिन भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर रहेंगी। सिंधु का अनुभव, आयुष शेट्टी का आत्मविश्वास और सात्विक-चिराग की आक्रामक जोड़ी भारत की प्रमुख उम्मीदें हैं।

भारतीय खिलाड़ियों के लिए आगे बढ़ने का मौका

टूर्नामेंट के इस चरण में खिलाड़ियों के लिए मानसिक मजबूती भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी तकनीकी क्षमता। नॉकआउट मुकाबलों में दबाव के बीच सही फैसले लेना मैच का रुख बदल सकता है।

पीवी सिंधु जहां अपने अनुभव के दम पर चीन की चुनौती पार करने की कोशिश करेंगी, वहीं आयुष शेट्टी अपनी शानदार जीतों का सिलसिला जारी रखना चाहेंगे। सात्विक-चिराग से भी उनके अनुभव और आक्रामक खेल के दम पर मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद होगी।

विमेंस डबल्स में ट्रीसा-गायत्री और मिक्स्ड डबल्स में ध्रुव-तनिषा की जोड़ी भी क्वार्टरफाइनल की दौड़ में बनी हुई है। ऐसे में आज का दिन भारतीय बैडमिंटन के लिए टूर्नामेंट में आगे की तस्वीर तय करने वाला साबित हो सकता है।

आज भारत के पांच मुकाबलों पर नजर

वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप में भारत के लिए आज का कार्यक्रम काफी व्यस्त है। पांच भारतीय मुकाबलों में हर खिलाड़ी और जोड़ी के सामने अलग चुनौती है। इनमें सिंधु का वांग झी यी के खिलाफ मुकाबला सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र रहेगा।

यदि भारतीय खिलाड़ी अपने-अपने मुकाबले जीतने में सफल रहते हैं तो टूर्नामेंट के अगले चरण में भारत की मौजूदगी और मजबूत हो जाएगी। अब नजरें कोर्ट पर होने वाले मुकाबलों और भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर हैं।

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