दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले 48 घंटों के दौरान Gujarat, Madhya Pradesh, Chhattisgarh, Jharkhand और Bihar के शेष हिस्सों तक पहुंच सकता है। इसके अलावा Uttar Pradesh और Uttarakhand के कुछ इलाकों में भी मानसून के आगे बढ़ने के लिए मौसम की परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।
नई दिल्ली: भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है और अगले 48 घंटों के दौरान इसके उत्तर एवं मध्य भारत के कई हिस्सों तक पहुंचने की संभावना है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के शेष क्षेत्रों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। इसके साथ ही कई राज्यों में आंधी-तूफान, बिजली गिरने और भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों में उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून और अधिक सक्रिय हो सकता है, जिससे व्यापक क्षेत्रों में वर्षा की गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
उत्तर भारत में बारिश का दौर होगा तेज
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में इस सप्ताह हल्की से मध्यम बारिश के साथ कई स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में अगले 48 घंटों के भीतर मानसून के प्रवेश की संभावना जताई गई है। इसके बाद 27 जून से 1 जुलाई के बीच कई जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है। इससे तापमान में गिरावट आने के साथ ही भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
वहीं दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में भी बारिश और तेज हवाओं का पूर्वानुमान जारी किया गया है। पंजाब के कुछ हिस्सों में 27 और 28 जून को भारी बारिश की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में 26 से 30 जून तक लगातार भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कुछ इलाकों में रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है।
मध्य भारत में सक्रिय रहेगा मानसून
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मध्य भारत में भी मानसून तेजी से सक्रिय हो रहा है। मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है और 30 जून तक कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। छत्तीसगढ़ में 26 से 29 जून के बीच व्यापक बारिश के साथ कई जिलों में भारी वर्षा का अनुमान लगाया गया है। इसके अलावा विदर्भ क्षेत्र में भी अच्छी बारिश होने की संभावना जताई गई है, जिससे कृषि गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है।
पश्चिमी भारत में मानसून पूरी तरह सक्रिय होता दिखाई दे रहा है। कोंकण और गोवा में 26 से 30 जून के बीच भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने कुछ स्थानों पर अत्यधिक वर्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। मध्य महाराष्ट्र में भी 26 से 29 जून तक तेज बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
वहीं गुजरात के कई क्षेत्रों में 26 से 28 जून के बीच भारी वर्षा की संभावना है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।तटीय कर्नाटक में भी मानसून सक्रिय रहेगा और कई स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है।
बिहार और पूर्वोत्तर भारत में भी बारिश का अलर्ट
पूर्वी भारत में मानसून की गतिविधियां लगातार मजबूत बनी हुई हैं। बिहार में सप्ताह के अंतिम दिनों में बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है। 27 और 28 जून को कई जिलों में भारी वर्षा का पूर्वानुमान है। झारखंड में भी मानसून के आगे बढ़ने के साथ अच्छी बारिश होने की संभावना है। पूर्वोत्तर भारत में असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले कुछ दिनों तक व्यापक वर्षा का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। साथ ही उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 27 से 29 जून के बीच भारी बारिश की संभावना जताई गई है।










