मोरक्को के राजा मोहम्मद VI ने फातिमा एज्जाहरा अल मंसूरी को देश की पहली महिला प्रधानमंत्री नियुक्त किया है। उनकी पार्टी PAM ने 23 सितंबर के संसदीय चुनाव में 395 में से 97 सीटें जीतीं। अब उन्हें गठबंधन सरकार बनानी होगी।
रबात: मोरक्को के राजा मोहम्मद VI ने फातिमा एज्जाहरा अल मंसूरी को देश की पहली महिला प्रधानमंत्री नियुक्त किया है। 50 वर्षीय अल मंसूरी को नई सरकार बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनकी नियुक्ति 23 सितंबर 2026 को हुए संसदीय चुनाव के बाद हुई, जिसमें उनकी पार्टी ऑथेंटिसिटी एंड मॉडर्निटी पार्टी (PAM) ने 395 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में 97 सीटें जीतकर सबसे अधिक सीटें हासिल कीं। यह नियुक्ति मोरक्को की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। अल मंसूरी इससे पहले माराकेश की मेयर और राष्ट्रीय क्षेत्र नियोजन, शहरी विकास, आवास एवं शहरी नीति मंत्री के रूप में काम कर चुकी हैं। अब उनके सामने सबसे पहली चुनौती पर्याप्त समर्थन जुटाकर गठबंधन सरकार बनाना है, क्योंकि PAM को 198 सीटों के बहुमत के आंकड़े से काफी कम सीटें मिली हैं।
राजा मोहम्मद VI ने सौंपी सरकार बनाने की जिम्मेदारी
मोरक्को के शाही महल की ओर से जारी बयान के अनुसार, राजा मोहम्मद VI ने अल मंसूरी को नई सरकार बनाने का काम सौंपा है। यह नियुक्ति संविधान के अनुच्छेद 47 के तहत हुई है। इसके अनुसार, राजा प्रतिनिधि सभा के चुनाव में सबसे अधिक सीटें जीतने वाली पार्टी से सरकार के प्रमुख की नियुक्ति करते हैं।
PAM ने चुनाव में 97 सीटें हासिल कीं। उसके बाद नेशनल रैली ऑफ इंडिपेंडेंट्स (RNI) को 66, इस्तिकलाल पार्टी को 65 और जस्टिस एंड डेवलपमेंट पार्टी (PJD) को 54 सीटें मिलीं। इस तरह किसी भी दल को अपने दम पर सरकार बनाने के लिए जरूरी 198 सीटों का बहुमत नहीं मिला।
अरब दुनिया में महिला नेतृत्व के संदर्भ में अहम नियुक्ति
फातिमा एज्जाहरा अल मंसूरी की नियुक्ति मोरक्को में पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में हुई है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, वह अरब दुनिया में प्रधानमंत्री पद संभालने वाली तीसरी महिला हैं। उनसे पहले ट्यूनीशिया में नजला बूदेन और बाद में सारा ज़फरानी ने यह पद संभाला।
अल मंसूरी ने अपनी नियुक्ति को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि मोरक्को के इतिहास में पहली बार कोई महिला सरकार का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी संभाल रही है और इसे उन्होंने देश की महिलाओं के लिए गर्व का विषय बताया।
कौन हैं फातिमा एज्जाहरा अल मंसूरी?
फातिमा एज्जाहरा अल मंसूरी का जन्म 1976 में माराकेश में हुआ। उन्होंने कानून की पढ़ाई की और फ्रांस की यूनिवर्सिटी ऑफ मोंपेलिए से उच्च शिक्षा प्राप्त की। इसके अलावा उन्होंने अमेरिका की न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी से एंग्लो-सैक्सन बिजनेस लॉ में भी अध्ययन किया।

अल मंसूरी ने 2009 में माराकेश की मेयर बनकर स्थानीय राजनीति में अपनी पहचान बनाई। वह इस पद पर पहुंचने वाली शहर की पहली महिला थीं। 2021 के चुनावों के बाद उन्होंने एक बार फिर माराकेश नगर परिषद का नेतृत्व किया।
राष्ट्रीय राजनीति में भी उनका अनुभव लंबा रहा है। अक्टूबर 2021 में उन्हें राष्ट्रीय क्षेत्र नियोजन, शहरी विकास, आवास और शहरी नीति मंत्री बनाया गया था। इस दौरान उनके मंत्रालय से प्रत्यक्ष आवास सहायता कार्यक्रम, शहरी नियोजन और क्षेत्रीय विकास से जुड़े मुद्दे जुड़े रहे।
PAM को सरकार बनाने के लिए गठबंधन की जरूरत
चुनाव में सबसे ज्यादा सीटें हासिल करने के बावजूद PAM के पास बहुमत नहीं है। 395 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में सरकार को पूर्ण बहुमत के लिए 198 सीटों की आवश्यकता है। इसलिए अल मंसूरी को अन्य राजनीतिक दलों के साथ बातचीत कर गठबंधन तैयार करना होगा।
PAM ने संकेत दिया है कि वह सरकार बनाने के लिए विभिन्न दलों के साथ बातचीत कर सकता है। हालांकि, संभावित सहयोगियों के बीच राजनीतिक मतभेद भी हैं। PJD ने चुनाव के बाद विपक्ष में बैठने की बात कही है। पार्टी के नेता और पूर्व प्रधानमंत्री अब्देलिला बेनकिराने ने PAM के साथ गठबंधन से इनकार किया है।
PJD की भी चुनाव में वापसी
इन चुनावों में PJD ने पिछली तुलना में अपनी स्थिति मजबूत की। पार्टी ने 54 सीटें जीतीं, जबकि पिछले चुनाव में उसके पास सिर्फ 13 सीटें थीं। पूर्व प्रधानमंत्री अब्देलिला बेनकिराने की वापसी को पार्टी के प्रदर्शन से जुड़े प्रमुख घटनाक्रमों में गिना गया। हालांकि, चुनाव के बाद PJD ने विपक्ष में रहने का फैसला बताया।
वहीं RNI, जो पिछली सरकार का नेतृत्व कर रही थी, 66 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही। इस्तिकलाल पार्टी ने 65 सीटें हासिल कीं। इन नतीजों के कारण नई सरकार के गठन के लिए गठबंधन वार्ता महत्वपूर्ण हो गई है।
चुनाव में कम मतदान भी रहा चर्चा का विषय
मोरक्को के संसदीय चुनाव में मतदान प्रतिशत लगभग 38 प्रतिशत रहा। यह आंकड़ा राजनीतिक भागीदारी को लेकर चर्चा का विषय बना। रिपोर्टों के अनुसार, यह 2007 के बाद देश में सबसे कम मतदान स्तरों में से एक था।
चुनाव ऐसे समय में हुआ जब देश में रोजगार, सार्वजनिक सेवाओं और आर्थिक परिस्थितियों को लेकर युवाओं में असंतोष की चर्चा रही है। नई सरकार को इन मुद्दों के साथ-साथ बड़े बुनियादी ढांचा निवेश और सामाजिक नीतियों पर भी काम करना होगा।
2030 FIFA World Cup की तैयारियां भी बड़ी जिम्मेदारी
अल मंसूरी के नेतृत्व वाली नई सरकार के सामने मोरक्को के 2030 FIFA World Cup की तैयारियां भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होंगी। मोरक्को स्पेन और पुर्तगाल के साथ इस टूर्नामेंट की मेजबानी करेगा। इससे जुड़े बुनियादी ढांचे और निवेश की योजनाएं नई सरकार के कार्यकाल के प्रमुख विषयों में रहेंगी।
इसके अलावा रोजगार, स्वास्थ्य सेवाओं, सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक विकास से जुड़े मुद्दे भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल रहने की संभावना है।
मोरक्को की राजनीति में राजा की महत्वपूर्ण भूमिका
मोरक्को संवैधानिक राजतंत्र है और राजा मोहम्मद VI के पास महत्वपूर्ण संवैधानिक और राजनीतिक अधिकार हैं। प्रधानमंत्री की नियुक्ति भी संविधान में निर्धारित प्रक्रिया के तहत राजा द्वारा की जाती है। अल मंसूरी की नियुक्ति के साथ देश की राजनीति में महिला नेतृत्व का एक नया अध्याय जुड़ा है। हालांकि, सरकार चलाने के लिए उन्हें संसद में पर्याप्त समर्थन हासिल करने और गठबंधन सहयोगियों के साथ सहमति बनाने की आवश्यकता होगी।
अब उनकी अगली चुनौती मंत्रिमंडल के गठन और गठबंधन सहयोगियों के साथ समझौते को अंतिम रूप देने की है। इसके बाद नई सरकार को देश की आर्थिक और सामाजिक प्राथमिकताओं के साथ 2030 विश्व कप की तैयारियों से जुड़े बड़े कार्यों को आगे बढ़ाना होगा।











