मसाला खिचड़ी भारत का सबसे पसंदीदा "कम्फर्ट फूड" (Comfort Food) है। अक्सर लोग खिचड़ी को बीमारों का खाना मानते हैं, लेकिन 'मसाला खिचड़ी' मसालों और सब्जियों से भरपूर एक बेहद स्वादिष्ट और चटपटा व्यंजन है। गुजरात में इसे 'वघारेली खिचड़ी' भी कहा जाता है। यह बनाने में आसान और सेहत के लिए हल्की होती है।
सामग्री
- मुख्य: चावल (1/2 कप), मूंग दाल या तूअर दाल (1/2 कप)।
- सब्जियां: आलू, मटर, गोभी, गाजर, बीन्स, टमाटर, प्याज (सब बारीक कटे हुए)।
- तड़का: देसी घी (सबसे जरूरी), जीरा, राई, हींग, कढ़ी पत्ता, अदरक-लहसुन पेस्ट।
- खड़े मसाले: लौंग, काली मिर्च, तेजपत्ता (खुशबू के लिए)।
- सूखे मसाले: हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, गरम मसाला, नमक।
बनाने की विधि
- तैयारी: चावल और दाल को धोकर 20 मिनट के लिए भिगो दें।
- तड़का: कुकर में घी गरम करें। इसमें हींग, जीरा, राई और खड़े मसाले डालें। फिर प्याज, अदरक-लहसुन और कढ़ी पत्ता डालकर भूनें।
- सब्जियां: अब टमाटर और बाकी कटी हुई सब्जियां डालें। 2 मिनट भूनने के बाद हल्दी, मिर्च और बाकी सूखे मसाले मिला दें।
- मिश्रण: भीगे हुए चावल-दाल को कुकर में डालें और सब्जियों के साथ मिलाएं।
- पकाना: आवश्यकतानुसार पानी डालें (चावल-दाल का 3 से 4 गुना पानी, ताकि खिचड़ी नरम बने)। कुकर बंद करें और 2-3 सीटी आने दें। भाप निकलने के बाद खोलें।
परोसने का तरीका
कहावत है- "खिचड़ी के चार यार- दही, पापड़, घी और अचार।" मसाला खिचड़ी को गरमा-गरम परोसें और ऊपर से एक चम्मच देसी घी जरूर डालें। इसके साथ ठंडा दही (या रायता), भुना हुआ पापड़ और आम का अचार इसका स्वाद कई गुना बढ़ा देते हैं।
खाने के फायदे
यह एक संपूर्ण आहार (Wholesome Meal) है। चावल और दाल का मिश्रण इसे कंप्लीट प्रोटीन का स्रोत बनाता है। इसमें मौजूद सब्जियां फाइबर और विटामिन्स देती हैं। यह पेट के लिए बहुत सुपाच्य (Easy to digest) होती है, इसलिए रात के खाने (Dinner) के लिए यह एक बेहतरीन और हल्का विकल्प है।







