मथुरा यमुना एक्सप्रेस-वे पर कानपुर से दिल्ली जा रही बस में अचानक आग लगी। यात्रियों ने खिड़की और दरवाजों से कूदकर अपनी जान बचाई। दमकल और पुलिस ने आग पर काबू पाया, किसी को गंभीर चोट नहीं आई।
Bus Fire: उत्तर प्रदेश के मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे (Yamuna Expressway) पर गुरुवार को एक बड़ा हादसा टल गया। कानपुर से दिल्ली जा रही एक यात्री बस में अचानक भीषण आग लग गई। यह आग उस समय लगी, जब बस तेज रफ्तार में एक्सप्रेस-वे पर दौड़ रही थी। आग लगते ही बस के अंदर अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों में डर का माहौल बन गया। हालात इतने भयावह थे कि यात्रियों को अपनी जान बचाने के लिए खिड़की और दरवाजों से कूदना पड़ा। गनीमत रही कि समय रहते सभी यात्री सुरक्षित बाहर निकल आए और इस हादसे में किसी की जान नहीं गई।
माइलस्टोन 110 के पास आग लगने से हड़कंप
यह घटना मथुरा के राया थाना क्षेत्र में माइलस्टोन 110 के पास हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार चलती बस से अचानक धुआं निकलने लगा और कुछ ही पलों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। देखते ही देखते बस आग का गोला बन गई। एक्सप्रेस-वे पर चल रहे अन्य वाहन भी कुछ देर के लिए रुक गए और चारों तरफ दहशत का माहौल बन गया।
आग की लपटें इतनी तेज थीं कि बस पूरी तरह धू-धूकर जलती दिखाई दी। यात्रियों ने बताया कि अगर कुछ मिनट की भी देरी होती, तो बड़ा हादसा हो सकता था।
यात्रियों की सूझबूझ से टली बड़ी अनहोनी
बस में आग लगते ही यात्रियों ने बिना समय गंवाए खिड़की और दरवाजों से बाहर निकलना शुरू कर दिया। कुछ यात्री तो बस के रुकने से पहले ही कूद पड़े। बच्चों और महिलाओं को पहले बाहर निकाला गया। इस दौरान कुछ यात्रियों को मामूली चोटें भी आईं, लेकिन किसी को गंभीर नुकसान नहीं हुआ।
यात्रियों की सूझबूझ और तेजी से लिए गए फैसले ने कई जिंदगियों को बचा लिया। मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि अगर बस के अंदर ज्यादा देर तक लोग फंसे रहते, तो स्थिति बेहद खतरनाक हो सकती थी।
चलती बस बनी आग का गोला
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कुछ ही मिनटों में पूरी बस आग की चपेट में आ गई। आग इतनी तेज थी कि दूर से ही लपटें दिखाई दे रही थीं। एक्सप्रेस-वे पर यातायात कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ, लेकिन पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाल लिया।

बस पूरी तरह जलकर खाक हो गई। राहत की बात यह रही कि सभी यात्री समय रहते बस से बाहर निकल आए और किसी की जान नहीं गई।
फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची
घटना की जानकारी मिलते ही राया थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच गई। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। पुलिस ने एक्सप्रेस-वे पर यातायात को नियंत्रित किया और यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
प्रशासन ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट (short circuit) की आशंका जताई जा रही है, हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
कानपुर से दिल्ली जा रही थी बस
जानकारी के मुताबिक यह बस कानपुर से दिल्ली जा रही थी। बस में इजाज, अतुल, श्याम सिंह, सोनू, सरोज, उमा, अजय सोनी, शिवानी, आरती और दयाराम समेत कई यात्री सवार थे। सभी यात्रियों ने बताया कि अचानक आग लगने से वे बेहद घबरा गए थे, लेकिन समय रहते बाहर निकल पाने से उनकी जान बच गई।
यात्रियों को बाद में दूसरी व्यवस्था के जरिए उनके गंतव्य की ओर भेजा गया।
पहले भी यूपी में हो चुके हैं ऐसे हादसे
यह पहला मामला नहीं है जब चलती बस में आग लगी हो। इससे पहले पिछले साल नवंबर महीने में यूपी के कानपुर में दिल्ली-वाराणसी स्लीपर बस में भीषण आग लग गई थी। उस समय भी यात्रियों को बस से कूदकर अपनी जान बचानी पड़ी थी।
वह बस डबल डेकर (double decker) थी और उसमें 30 से 40 यात्री सवार थे। आग सबसे पहले ऊपरी डेक से उठी थी। ड्राइवर और कंडक्टर ने शोर मचाकर बस रोकने की कोशिश की, लेकिन तब तक आग फैल चुकी थी।
ऊपरी बर्थ में फंसे यात्रियों को पुलिस ने निकाला
कानपुर की घटना में कई यात्री ऊपरी बर्थ में फंसे रह गए थे। आग बस की छत पर रखे सामान से शुरू हुई थी, जिससे नीचे बैठे यात्रियों को भागने का थोड़ा समय मिल गया। कई लोग खिड़की और दरवाजों से बाहर कूद गए, लेकिन कुछ यात्री फंस गए थे।
पुलिसकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर बहादुरी दिखाते हुए एक-एक करके फंसे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला था। उस हादसे ने भी परिवहन सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।













