देश के कई हिस्सों में मानसून का असर जारी है। मुंबई में तेज बारिश से सड़कें और एयरपोर्ट के आसपास के इलाके जलमग्न हैं। शिमला में लैंडस्लाइड से पेड़ गिरे, जबकि बिहार में 48.22 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।
नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय है। मुंबई और वसई-विरार में रात से तेज बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव हो गया। शिमला के जंगल में बारिश के बीच जमीन खिसकने से दर्जनों देवदार के पेड़ गिर गए। बिहार में बाढ़ से प्रभावित लोगों की संख्या 48.22 लाख पहुंच गई है, जबकि ओडिशा के मलकानगिरी में 24 घंटे में 804 मिमी बारिश दर्ज की गई।
मुंबई और वसई-विरार में भारी बारिश से जलभराव
महाराष्ट्र के मुंबई और वसई-विरार में रात से लगातार तेज बारिश हो रही है। भारी बारिश के कारण कई निचले इलाकों और प्रमुख सड़कों पर पानी भर गया है। सायन के प्रतीक्षा नगर इलाके में जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास भी बारिश का पानी जमा हो गया। इससे एयरपोर्ट के आसपास आने-जाने वाले रास्तों पर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। नालासोपारा में सेंटर पार्क और तुलिंज ब्रिज समेत कई सड़कों पर भी पानी भर गया।
वसई-विरार क्षेत्र में रातभर हुई बारिश के बाद कई सड़कें जलमग्न नजर आईं। लगातार बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर यातायात और जनजीवन प्रभावित हुआ है।
शिमला में जंगल का हिस्सा धंसा, पेड़ गिरे
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के फांचा कांडे इलाके में बारिश के बीच जंगल का एक हिस्सा धंस गया। जमीन खिसकने के कारण दर्जनों देवदार के पेड़ गिर गए। घटना के बाद इलाके में भूस्खलन को लेकर चिंता बढ़ गई है।
मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश में 18 सितंबर तक बारिश का अनुमान जताया है। हालांकि, मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश में मानसून कमजोर पड़ रहा है। अगले 5 दिनों तक मौसम सामान्य रहने की संभावना है। इस अवधि में भारी बारिश की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है और पूरे प्रदेश के लिए ग्रीन अलर्ट है।
इस मानसून सीजन में हिमाचल प्रदेश में बारिश और इससे जुड़ी घटनाओं में 296 लोगों की मौत हुई है, जबकि 520 लोग घायल हुए हैं।
बिहार में बाढ़ से 48.22 लाख लोग प्रभावित
बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। राज्य के 15 जिलों में करीब 48.22 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। गंगा समेत कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
भागलपुर में बाढ़ के कारण श्मशान घाट डूब गया है। इसके चलते सड़क किनारे चिताएं जलाने की स्थिति बन गई है। वहीं, सुल्तानगंज में श्मशान घाट चारों तरफ से पानी से घिरकर टापू में बदल गया है।
दानापुर में भी बाढ़ प्रभावित लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। यहां लोगों को राशन लेने के लिए कंधे तक भरे पानी में उतरना पड़ रहा है। कई इलाकों में बाढ़ के पानी ने सामान्य आवागमन को प्रभावित किया है।
हालांकि, बिहार में मानसून की गतिविधि कमजोर हुई है। मौसम विभाग ने 13 सितंबर को राज्य के किसी भी जिले में बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया है। इसके बावजूद कई जिलों में बाढ़ का पानी अभी भी बड़ी आबादी के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है।
ओडिशा में कम दबाव के क्षेत्र से बारिश, मलकानगिरी सबसे ज्यादा प्रभावित
ओडिशा में कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से लगातार बारिश हो रही है। भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर जनजीवन प्रभावित हुआ है। सड़कों और पुलों पर पानी भरने से आवागमन बाधित हुआ है।
मलकानगिरी जिले में बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। यहां पिछले 24 घंटे में 804 मिमी बारिश दर्ज की गई। अत्यधिक बारिश के कारण जिले के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है।

उत्तराखंड में सभी जिलों में बारिश का अनुमान
उत्तराखंड में 13 सितंबर को सभी जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं भारी बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है।
बागेश्वर में सुबह से तेज बारिश हो रही है। हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली चमकने की आशंका भी जताई गई है।
पंजाब में फिर सक्रिय होगा मानसून
पंजाब में 13 सितंबर से मानसून के एक बार फिर सक्रिय होने का अनुमान है। मौसम विभाग ने 17 सितंबर तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। चंडीगढ़ में भी बादल छाए रहने और बारिश होने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने इसके लिए यलो अलर्ट जारी किया है।
हरियाणा में 18 सितंबर तक बारिश का दौर
हरियाणा में मानसून की गतिविधियां फिर बढ़ने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग, चंडीगढ़ के अनुसार प्रदेश में 13 से 18 सितंबर तक बारिश का दौर बना रह सकता है।
13 से 15 सितंबर के बीच कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक होने की संभावना है। इसके बाद भी कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है।
यूपी में 26 जिले बाढ़ की चपेट में
उत्तर प्रदेश में मानसूनी बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। राज्य के 26 जिले बाढ़ की चपेट में हैं और करीब 4 लाख लोग प्रभावित हुए हैं।
पीलीभीत में शारदा नदी का कटान तेज हो गया है। तेज बहाव के कारण किनारे बने मकान और बड़े पेड़ नदी में समा गए। लखनऊ से सटे बाराबंकी में सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे स्थित एक मस्जिद का आधा हिस्सा नदी की ओर लटक गया है। इसके कभी भी नदी में समाने की आशंका जताई गई है।
मध्य प्रदेश में 18 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्से, खासकर इंदौर और उज्जैन संभाग में मानसूनी सिस्टम सक्रिय है। शनिवार को इंदौर, धार, बड़वानी, रतलाम और भोपाल समेत कई जिलों में तेज बारिश हुई।
सतना के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ गया है। मौसम केंद्र के अनुसार रविवार को राज्य के 18 जिलों में अति भारी या भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
राजस्थान में 29 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट
राजस्थान में 13 सितंबर को 29 जिलों में तेज बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। शनिवार को जयपुर, भरतपुर, कोटा और उदयपुर संभाग के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई।
उदयपुर संभाग में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई, जहां करीब 2 इंच तक पानी बरसा। जोधपुर शहर और आसपास के इलाकों में भी करीब एक महीने बाद हल्की बारिश हुई।
देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश और बाढ़ की स्थिति अलग-अलग स्तर पर बनी हुई है। मुंबई जैसे महानगरों में जलभराव से यातायात प्रभावित है, जबकि बिहार और उत्तर प्रदेश में बाढ़ के कारण बड़ी आबादी प्रभावित हुई है। हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन और ओडिशा में अत्यधिक बारिश से स्थानीय स्तर पर चुनौतियां बनी हुई हैं।










