मुंबई के कुर्ला में बड़ा क्रेन हादसा, रेलवे की बिजली लाइन पर गिरी भारी मशीन, 6 लोग घायल

महाराष्ट्र: मुंबई के कुर्ला में भारी क्रेन रेलवे की ओवरहेड बिजली लाइन पर गिर गई है। हादसे में 6 लोग घायल हुए और कई मकानों को नुकसान पहुंचा। राहत कार्य जारी है।

मुंबई के कुर्ला में शुक्रवार सुबह बड़ा क्रेन हादसा हुआ। भारी क्रेन रेलवे की ओवरहेड बिजली लाइन पर गिर गई और आसपास के कई मकान इसकी चपेट में आ गए। हादसे में छह लोग घायल हुए हैं। राहत और बचाव कार्य जारी है।

मुंबई: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के कुर्ला इलाके में शुक्रवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। कुरैशी नगर क्षेत्र में काम के दौरान एक भारी क्रेन अचानक असंतुलित होकर रेलवे की ओवरहेड बिजली लाइन पर जा गिरी। क्रेन का एक हिस्सा रेलवे लाइन के किनारे बने कई मकानों और झोपड़ियों पर भी गिरा, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में छह लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घायलों को मुंबई के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

घटना के बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। राहत और बचाव दल ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। पुलिस, नगर निकाय और संबंधित एजेंसियां मौके पर पहुंचीं और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। हादसे के कारण रेलवे की संपत्ति और आसपास के मकानों को भी नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है।

कुरैशी नगर में काम के दौरान हुआ हादसा

यह हादसा कुर्ला के कुरैशी नगर इलाके में उस समय हुआ, जब क्षेत्र में निर्माण और हटाने से जुड़ा काम चल रहा था। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, संबंधित कार्यस्थल पर भारी मशीनरी की मदद से काम किया जा रहा था। इसी दौरान एक बड़ी क्रेन को स्थापित करने या मशीन को ऊंचाई तक पहुंचाने की प्रक्रिया में उसका संतुलन बिगड़ गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, क्रेन अचानक पलट गई और कुछ ही सेकंड में उसका भारी हिस्सा आसपास के इलाके में जा गिरा। रेलवे लाइन के पास मौजूद मकान और झोपड़ियां भी इसकी चपेट में आ गईं। अचानक हुए इस हादसे से लोगों में दहशत फैल गई और आसपास रहने वाले लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।

रेलवे की ओवरहेड बिजली लाइन पर गिरी क्रेन

सेंट्रल रेलवे के अनुसार, मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण यानी MMRDA की ओर से पास के कार्यस्थल पर इस्तेमाल की जा रही क्रेन कुर्ला और ट्रॉम्बे के बीच मौजूद ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन पर गिर गई।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, प्रभावित लाइन सिंगल लाइन है और इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से मालगाड़ियों के संचालन के लिए किया जाता है। इसलिए हादसे का नियमित यात्री रेल सेवाओं पर बड़ा असर नहीं पड़ा। हालांकि, रेलवे की बिजली व्यवस्था और ट्रैक के आसपास भारी मशीन गिरने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से स्थिति को गंभीरता से लिया गया।

रेलवे और अन्य संबंधित एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंचीं और प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। दुर्घटना के बाद यह सुनिश्चित करने की कोशिश की गई कि राहत और बचाव कार्य के दौरान किसी तरह का अतिरिक्त खतरा पैदा न हो।

छह घायलों को अस्पताल में कराया गया भर्ती

बृहन्मुंबई महानगरपालिका यानी BMC की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, हादसे में घायल लोगों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। छह घायलों को सायन अस्पताल ले जाया गया, जबकि दो अन्य घायलों को कुर्ला भाभा अस्पताल में भर्ती कराया गया।

प्रारंभिक जानकारी में घायलों की स्थिति को लेकर अलग-अलग विवरण सामने आए हैं। अधिकारियों की ओर से घायलों के नाम तत्काल जारी नहीं किए गए थे। राहत टीमों ने यह भी जांच शुरू की कि कहीं मलबे या गिरी हुई मशीनरी के नीचे कोई अन्य व्यक्ति तो फंसा नहीं है।

घटना के बाद अस्पतालों में भी जरूरी चिकित्सा व्यवस्था की गई। प्रशासन की प्राथमिकता घायलों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराना और घटनास्थल पर किसी अन्य व्यक्ति के फंसे होने की संभावना को खत्म करना रही।

पुरानी इमारत हटाने के काम के दौरान हादसा

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इलाके में एक पुरानी इमारत को हटाने या गिराने से जुड़ा काम चल रहा था। इसी काम के लिए भारी मशीनरी को निर्धारित स्थान तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही थी।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, पोकलेन मशीन को इमारत के ऊपर पहुंचाने के लिए क्रेन का इस्तेमाल किया जा रहा था। इसी प्रक्रिया के दौरान अचानक क्रेन का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गई। हालांकि, हादसे की वास्तविक तकनीकी वजह क्या थी, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

अधिकारियों को अब यह पता लगाना है कि क्रेन की क्षमता, जमीन की स्थिति, मशीन की स्थिति और काम के दौरान अपनाए गए सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।

कई मकान और झोपड़ियां भी आईं चपेट में

क्रेन का आकार बड़ा होने के कारण उसके गिरने से केवल रेलवे लाइन ही प्रभावित नहीं हुई, बल्कि आसपास बने कई मकान और झोपड़ियां भी इसकी चपेट में आ गईं। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने नुकसान का जायजा लिया।

क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए यह हादसा इसलिए भी गंभीर था क्योंकि क्रेन रिहायशी इलाके के बेहद करीब गिरी। भारी मशीनरी के गिरने से आसपास मौजूद लोगों को चोट लगने का खतरा बढ़ गया था। राहत कर्मियों ने इलाके को सुरक्षित बनाने और लोगों को दुर्घटनास्थल से दूर रखने का प्रयास किया।

प्रशासन अब यह भी आकलन कर रहा है कि हादसे में कितने मकानों को नुकसान पहुंचा और क्या किसी इमारत की संरचनात्मक सुरक्षा प्रभावित हुई है।

BMC ने घटना की जानकारी साझा की

BMC ने घटना के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि मौके पर मौजूद एल वार्ड के जूनियर इंजीनियर से मिली सूचना के अनुसार, संबंधित स्थान पर हटाने या तोड़ने का काम शुरू किया जाना था। इसी प्रक्रिया के लिए पोकलेन मशीन की मदद से क्रेन लगाई जा रही थी, तभी यह दुर्घटना हुई।

नगर निकाय के अनुसार, घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि मौके पर यह जांच की जा रही है कि दुर्घटना के बाद कोई अन्य व्यक्ति मलबे या मशीनरी के नीचे तो नहीं फंसा है।

हादसे की वजह की जांच जरूरी

इस घटना ने निर्माण और विध्वंस कार्यों में भारी मशीनरी के इस्तेमाल के दौरान सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल खड़े किए हैं। खासकर तब, जब काम रेलवे लाइन और घनी आबादी वाले इलाके के पास किया जा रहा हो।

जांच में यह देखा जा सकता है कि क्रेन को किस स्थान पर खड़ा किया गया था, जमीन की भार क्षमता कितनी थी और मशीन को उठाने के दौरान सुरक्षा घेरा बनाया गया था या नहीं। इसके साथ ही रेलवे की बिजली लाइन से सुरक्षित दूरी और संबंधित विभागों से आवश्यक अनुमति जैसे पहलुओं की भी जांच महत्वपूर्ण होगी।

अभी हादसे की अंतिम तकनीकी वजह सामने नहीं आई है। अधिकारियों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दुर्घटना मानवीय गलती, तकनीकी खराबी, जमीन की स्थिति या किसी अन्य कारण से हुई।

जुलाई में भी मुंबई में हुआ था क्रेन हादसा

मुंबई में भारी क्रेन से जुड़ा यह पहला हादसा नहीं है। इससे पहले जुलाई 2026 में मीरा रोड स्थित जेपी नॉर्थ सोसाइटी में निर्माण कार्य के दौरान एक बड़ी क्रेन रिहायशी परिसर में गिर गई थी। उस घटना में एक व्यक्ति की मौत हुई थी और कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए थे।

लगातार सामने आ रहे ऐसे हादसों के कारण निर्माण स्थलों पर भारी मशीनों के संचालन, सुरक्षा मानकों और आसपास के रिहायशी क्षेत्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, घनी आबादी वाले इलाकों में क्रेन और अन्य भारी उपकरणों का इस्तेमाल करते समय अतिरिक्त सुरक्षा उपाय जरूरी होते हैं।

राहत और बचाव कार्य जारी

कुर्ला हादसे के बाद पुलिस, स्थानीय प्रशासन, रेलवे और राहत टीमों ने मौके पर कार्रवाई शुरू कर दी। प्राथमिकता घायलों को अस्पताल पहुंचाने, किसी अन्य व्यक्ति के फंसे होने की आशंका दूर करने और घटनास्थल को सुरक्षित बनाने की रही।

रेलवे की ओवरहेड लाइन पर क्रेन गिरने के कारण तकनीकी टीमों को भी स्थिति का निरीक्षण करना पड़ा। प्रभावित रेलवे संपत्ति को सुरक्षित करने और संचालन व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने के लिए संबंधित विभाग काम कर रहे हैं।

फिलहाल पुलिस और प्रशासन हादसे की परिस्थितियों की जांच कर रहे हैं। क्रेन के गिरने की पूरी वजह और सुरक्षा नियमों के पालन से जुड़े पहलुओं की जानकारी जांच पूरी होने के बाद सामने आने की उम्मीद है।

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