बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के गोबरसही इलाके में PNG गैस पाइपलाइन में हुए भीषण विस्फोट के बाद अब यह मामला राजनीतिक तूल पकड़ने लगा है। हादसे में एक व्यक्ति की मौत और कई लोगों के घायल होने के बाद विपक्ष ने राज्य सरकार और प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। राष्ट्रीय जनता दल के नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर घटना को लेकर दुख जताया और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री को इतनी बड़ी घटना की जानकारी तक नहीं है और इसी वजह से उन्होंने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना भी व्यक्त नहीं की। वहीं बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने भी हादसे पर दुख जताते हुए मृतक के परिवार को मुआवजा और एक आश्रित को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। उनके पीड़ित परिवार से मिलने का कार्यक्रम भी सामने आया है।
तेजस्वी यादव ने अपने पोस्ट में मुजफ्फरपुर के गोबरसही में PNG पाइपलाइन विस्फोट की चपेट में आए लोगों की मौत पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि इस दुख की घड़ी में ईश्वर उन्हें संबल प्रदान करें। इसके साथ ही उन्होंने घटना के दौरान राहत और बचाव कार्य में सामने आई मुश्किलों को लेकर भाजपा नेताओं और राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि हादसे के समय घटनास्थल की ओर जा रही दमकल गाड़ी सड़क पर आयोजित भाजपा की सभा के कारण यातायात में फंसी रही।
तेजस्वी यादव के मुताबिक स्थानीय लोगों ने बताया कि सड़क पर भाजपा की सभा आयोजित की गई थी जिसमें पार्टी के नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे। बिहार के पर्यटन मंत्री केदार गुप्ता भी इस कार्यक्रम में शामिल थे। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि सभा में मौजूद लोगों को विस्फोट की जानकारी मिल गई थी लेकिन इसके बावजूद दमकल वाहन को प्राथमिकता देकर घटनास्थल तक पहुंचाने के लिए रास्ता उपलब्ध नहीं कराया गया। उन्होंने इस स्थिति को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि आपातकालीन परिस्थिति में दमकल और एंबुलेंस जैसी सेवाओं को सबसे पहले रास्ता मिलना चाहिए।
तेजस्वी ने अपने पोस्ट में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री को घटना की जानकारी तक नहीं है और इसीलिए उन्होंने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त नहीं की। तेजस्वी ने कहा कि राजनीति नागरिकों के लिए होनी चाहिए न कि नागरिकों को राजनीति के लिए परेशान होना पड़े। उनके इस बयान के बाद मुजफ्फरपुर ब्लास्ट को लेकर बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। हालांकि तेजस्वी के आरोपों पर सरकार और संबंधित भाजपा नेताओं की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
दरअसल मुजफ्फरपुर के सदर थाना क्षेत्र के गोबरसही-डुमरी इलाके में सोमवार 2 नवंबर को नाला निर्माण के दौरान यह हादसा हुआ था। यहां जेसीबी मशीन से खुदाई का काम चल रहा था। इसी दौरान जमीन के नीचे बिछी PNG गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई और गैस का रिसाव शुरू हो गया। कुछ देर बाद गैस में विस्फोट हो गया। धमाका इतना तेज था कि आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। विस्फोट की आवाज दूर तक सुनाई दी और आसपास के मकानों तथा वाहनों को भी नुकसान पहुंचा।
इस हादसे में गोबरसही निवासी निवास सिंह की मौत हो गई जबकि कई लोग घायल हुए। मृतक की पहचान स्थानीय निवासी और कोचिंग संचालक के रूप में हुई है। बताया गया कि घटना के समय वह स्कूटी से जा रहे थे और अचानक हुए विस्फोट की चपेट में आ गए। धमाके से आसपास की इमारतों को नुकसान पहुंचा और एक चार मंजिला भवन भी बुरी तरह प्रभावित हुआ। कई घरों की खिड़कियों के शीशे टूट गए और सड़क पर खड़े वाहनों को भी क्षति पहुंची। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया जहां उनका इलाज कराया जा रहा है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश देखने को मिला। लोगों का आरोप था कि नाला निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों का ध्यान नहीं रखा गया और भूमिगत गैस पाइपलाइन के आसपास बिना पर्याप्त सावधानी के खुदाई की गई। स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पोस्टमार्टम के बाद मृतक का शव घर पहुंचने पर परिजनों और स्थानीय लोगों ने गोबरसही चौक के पास सड़क पर शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग उठाई।
इस मामले में बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश राम ने भी राज्य सरकार से कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने मृतक निवास सिंह के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि परिवार को उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए। साथ ही परिवार के एक आश्रित को सरकारी नौकरी देने की मांग भी उठाई। कांग्रेस अध्यक्ष ने हादसे में घायल हुए लोगों के समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने और उन्हें भी उचित सहायता देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों के घरों और संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है उनके नुकसान का आकलन कराकर भरपाई की जानी चाहिए।
राजेश राम ने इस हादसे की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग करते हुए सवाल उठाया कि आखिर भूमिगत गैस पाइपलाइन के पास खुदाई का काम किसकी अनुमति से कराया जा रहा था। उन्होंने कहा कि यदि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी हुई है तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के लोगों की पहचान की जानी चाहिए। लापरवाही सामने आने पर संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि हादसे से प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत पहुंचाना सरकार की जिम्मेदारी है।
प्रशासन ने भी घटना की गंभीरता को देखते हुए उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी है। मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन की ओर से तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है। इस समिति की अध्यक्षता अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन कर रहे हैं। जांच दल को घटनास्थल का निरीक्षण करने और तकनीकी पहलुओं की पड़ताल करने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन ने समिति से 24 घंटे के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि पाइपलाइन किस परिस्थिति में क्षतिग्रस्त हुई और निर्माण कार्य के दौरान निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन किया गया था या नहीं।
हादसे के बाद गैस पाइपलाइन की सुरक्षा और निर्माण कार्य के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। शहरों में नाला निर्माण और सड़क खुदाई के दौरान जमीन के नीचे पानी बिजली और गैस की पाइपलाइन मौजूद रहती हैं। ऐसे में खुदाई शुरू करने से पहले संबंधित एजेंसियों से जानकारी लेना और सुरक्षा मानकों का पालन करना जरूरी होता है। यदि इन प्रक्रियाओं में लापरवाही होती है तो इसका नुकसान आम लोगों को उठाना पड़ सकता है। गोबरसही की घटना ने एक बार फिर शहरी निर्माण कार्यों में सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत को सामने ला दिया है।
फिलहाल इस हादसे की जांच जारी है और प्रशासन ने दोषियों की जिम्मेदारी तय करने का भरोसा दिया है। वहीं तेजस्वी यादव के आरोपों और कांग्रेस अध्यक्ष की मांगों के बाद यह मामला राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। मृतक के परिवार को मुआवजा देने घायलों के इलाज और क्षतिग्रस्त मकानों की भरपाई के साथ-साथ हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग उठ रही है। अब जांच रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने और विस्फोट के पीछे किन परिस्थितियों की भूमिका रही।











