बिहार के नालंदा में एक युवक ने कर्ज के बोझ और कथित प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या कर ली। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। युवक ने अपनी मौत से पहले एक वीडियो भी बनाया, जिसमें उसने सूदखोरों पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई।
बताया जा रहा है कि युवक पर काफी समय से कर्ज का दबाव था और वह इसे चुकाने के लिए लगातार संघर्ष कर रहा था। परिजनों के अनुसार, कुछ लोगों द्वारा उसे बार-बार परेशान किया जा रहा था और पैसे की वसूली के लिए दबाव बनाया जा रहा था, जिससे वह मानसिक रूप से टूट चुका था।
मौत से पहले बनाए गए वीडियो में युवक ने अपनी आपबीती सुनाई और राज्य के मुख्यमंत्री से न्याय की अपील की। वीडियो में उसने कहा कि उसे प्रताड़ित किया जा रहा है और वह इस दबाव को अब सहन नहीं कर पा रहा है। यह वीडियो सामने आने के बाद मामले ने और भी तूल पकड़ लिया है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने वीडियो को भी जांच के दायरे में लिया है और उसमें लगाए गए आरोपों की पुष्टि करने का प्रयास किया जा रहा है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई होती, तो शायद युवक की जान बचाई जा सकती थी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया गया है और वीडियो में जिन लोगों का जिक्र किया गया है, उनकी पहचान कर जांच की जा रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन भी दिया गया है।
इस घटना के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है। लोगों का कहना है कि सूदखोरी और अवैध वसूली के मामलों पर सख्ती से कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि आर्थिक दबाव और मानसिक तनाव के कारण इस तरह के कदम उठाए जाते हैं, इसलिए समाज और प्रशासन दोनों को मिलकर ऐसे लोगों की मदद के लिए आगे आना चाहिए।
फिलहाल, नालंदा पुलिस मामले की जांच में जुटी है और वीडियो के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।