TIME मैगजीन ने भारतीय मूल के नील मोहन को 2025 का CEO ऑफ द ईयर चुना है। यह सम्मान YouTube को दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल कंटेंट प्लेटफॉर्म में बदलने में उनके नेतृत्व और रणनीतिक फैसलों के लिए दिया गया है। उनकी वैश्विक सोच और भारतीय जुड़ाव की भी खास चर्चा हो रही है।
YouTube CEO of the Year 2025: भारतीय मूल के नील मोहन को TIME मैगजीन ने 2025 का CEO ऑफ द ईयर चुना है। यह सम्मान उन्हें अमेरिका में स्थित YouTube को वैश्विक डिजिटल कंटेंट का सबसे बड़ा मंच बनाने में अहम भूमिका निभाने के लिए मिला है। नील मोहन का जन्म अमेरिका में हुआ, पढ़ाई स्टैनफोर्ड से हुई और उनका भारत से गहरा रिश्ता रहा है। उनके नेतृत्व में YouTube की बिजनेस स्ट्रैटेजी, विज्ञापन मॉडल और यूजर एक्सपीरियंस में बड़े बदलाव आए, जिससे प्लेटफॉर्म को वैश्विक पहचान मिली।
YouTube को ग्लोबल प्लेटफॉर्म बनाने में योगदान
भारतीय मूल के नील मोहन को TIME मैगजीन ने 2025 का CEO ऑफ द ईयर चुना है। उन्हें यह खिताब YouTube को दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल कंटेंट प्लेटफॉर्म में बदलने में उनके अहम योगदान के लिए दिया गया। मोहन ने YouTube के ग्लोबल बिजनेस और एडवरटाइजिंग स्ट्रेटेजी को सुधारकर प्लेटफॉर्म की वैश्विक पहुंच को मजबूत किया।
मोहन की लीडरशिप में YouTube ने डिजिटल कंटेंट कंजम्पशन के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ छुई हैं। उनके स्ट्रेटेजिक फैसलों ने न सिर्फ एडवरटाइजिंग रेवेन्यू बढ़ाया बल्कि प्लेटफॉर्म की टेक्नोलॉजिकल क्षमता और यूजर एक्सपीरियंस में भी सुधार किया।

नील मोहन का जीवन और शिक्षा
नील मोहन का जन्म 1973 में अमेरिका के मिशिगन में हुआ था, माता-पिता तमिल मूल के थे। बचपन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा लखनऊ में बिताने के दौरान उन्होंने हिंदी और संस्कृत में प्रवीणता हासिल की। स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से अंडरग्रेजुएट और MBA की डिग्री पूरी करने के बाद मोहन ने डिजिटल और टेक्नोलॉजी सेक्टर में अपने करियर की शुरुआत की।
परिवार के व्यक्तिगत दुःखों के बावजूद मोहन ने अपने करियर में लगातार सफलता पाई। उनके छोटे भाई की अकस्मात मृत्यु ने उनके जीवन को चुनौतीपूर्ण बनाया, लेकिन उन्होंने पेशेवर मोर्चे पर अपनी क्षमताओं को और मजबूत किया।
करियर और वैश्विक पहचान
नील मोहन ने NetGravity और बाद में DoubleClick में काम किया, जहां उन्होंने 3.1 बिलियन डॉलर की Google डील में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। Google और YouTube में उनकी जिम्मेदारियों में ग्लोबल बिजनेस, डिजिटल कंटेंट स्ट्रक्चर और एडवरटाइजिंग स्ट्रेटेजी का विकास शामिल था।
आज वे YouTube के CEO के रूप में लाखों कंटेंट क्रिएटर्स और यूजर्स के लिए प्लेटफॉर्म की रणनीतियों को आकार दे रहे हैं। उनकी मासिक सैलरी लगभग 3.1 करोड़ रुपये है, जिसमें बोनस और स्टॉक ऑप्शन शामिल हैं।
भारत से गहरा कनेक्शन
नील मोहन का भारत से नाता विशेष है। लखनऊ में बिताया गया समय, हिंदी और संस्कृत का ज्ञान, और भारतीय सांस्कृतिक समझ ने उन्हें वैश्विक स्तर पर अलग पहचान दिलाई। उनके करियर में यह भारतीय प्रभाव डिजिटल रणनीतियों और वैश्विक कंटेंट प्लेटफॉर्म को सफल बनाने में भी दिखता है।










